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Kurukshetra News: चुनाव के बाद जीत के लिए प्रत्याशियों की बढ़ी बेचैनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 01:56 AM IST
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Expectations grow restless for post-election victory
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। थानेसर नगर परिषद और वार्डों के चुनाव के बाद प्रत्याशियों की बेचैनी और बढ़ गई है। दो मार्च को हुए मतदान के बाद सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मतगणना 12 मार्च को अग्रसेन पब्लिक स्कूल सेक्टर-13 मतगणना केंद्र में होगी, जिसके बाद ही यह साफ होगा कि नगर परिषद का चेयरपर्सन और वार्डों के पार्षद कौन बनेंगे।
थानेसर नगर परिषद चेयरपर्सन पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि 30 वार्डों के लिए 91 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई। चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह था। मतदान समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ बैठकें कीं और संभावित हार-जीत पर चर्चा की। थानेसर में इस बार मतदान प्रतिशत में भारी गिरावट देखी गई। साल 2016 में हुए नगर निकाय चुनाव में 72 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार यह घटकर 50.4 प्रतिशत पर आ गया। इसमें 33 हजार 113 महिलाओं और 36 हजार 242 पुरुषों ने अपने मत का प्रयोग किया।
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कम मतदान के लिए राजनीतिक विशेषज्ञों और प्रत्याशियों में भी चिंता देखी जा रही है। अब जब मतदान हो चुका है, तो प्रत्याशी और उनके समर्थक 12 मार्च की मतगणना का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सभी उम्मीदवार अपने-अपने आंकड़ों का आकलन कर रहे हैं और संभावित समीकरण बिठा रहे हैं।
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अब देखना होगा कि मतगणना के बाद किसका भाग्य चमकता है और कौन निराश होता है। परिणाम आने तक प्रत्याशियों और मतदाताओं में उत्सुकता बनी रहेगी। लोग अब चुनाव परिणाम को लेकर कयास लगाते दिखाई दे रहे हैं।

मतदान कम होने का कारण चुनाव प्रचार-प्रसार ः मतदान कम होने को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि प्रशासन की ओर से इस चुनाव में जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया, जैसा कि विधानसभा या लोकसभा चुनावों में किया जाता है। इस कारण आम जनता में चुनाव को लेकर वह उत्साह नहीं दिखा, जो आमतौर पर बड़े चुनावों में देखने को मिलता है। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रचार भी कमजोर रहा। आमतौर पर विपक्षी पार्टियां चुनाव प्रचार के जरिए मतदाताओं को जागरूक करने का काम करती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
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