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Kurukshetra News: सीमाएं भी नहीं बनी बाधा, मतदान कर निभाया वादा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 05:41 AM IST
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Even boundaries did not become a hindrance, the promise was kept by voting.
कुरुक्षेत्र। मतदान का जुनून हो तो फिर किसी देश व प्रदेश की सीमाएं भी बाधा नहीं बन सकती। ऐसा ही जुनून शनिवार को लोकसभा चुनाव के दौरान भी देखने को मिला। जहां ऐसे लोगों के न केवल मतदान करने के बाद चेहरे खिले दिखाई दिए बल्कि वे दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा भी बने। कई वीआईपी और वीवीआईपी पूरे परिवार के संग मतदान के लिए पहुंचे।इनमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा के बेटे हार्दिक सचदेवा समेत अन्य शामिल रहे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र के रहने वाले मनमोहन भी नेपाल से यात्रा पूरी करने के बाद हाथ में फ्रेक्चर होने पर भी सीधे मतदान केंद्र पर पहुंच गए। इन सभी लोगों ने देश हित में मतदान करने का अपना वादा पूरा किया।
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गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कतार में लगकर किया मतदान



गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मतदान करने के लिए परिजनों के साथ मिर्जापुर गांव में बूथ नंबर 157 पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ ही लाइन में लगकर मतदान किया और कहा कि राष्ट्र के निर्माण के लिए एवं कल्याण के लिए मत का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। यह देश के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। के महापर्व में अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन हर मतदाता को करना चाहिए। मतदान के दिन सभी जरूरी काम छोड़कर हमें अपने मत का प्रयोग करते हुए अपने राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन करें। इसी सोच के साथ वह भी गुजरात से अपने मत का प्रयोग करने के लिए यहां पहुंचे हैं।
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आयरलैंड से पहुंचे हार्दिक सचदेवा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा के बेटे हार्दिक सचदेवा का कहना है कि वह आयरलैंड डबलिन में अमेज़न में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। वह विदेश से वोट करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपना कर्तव्य समझते हुए मत का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। पहली बार मतदान का प्रयोग 2019 में किया था तब भी वह बहुत उत्साहित थे। अब उन्होंने दूसरी बार देश की सरकार चुनने के लिए मत किया है और आगे भी जीवन में मतदान करने से नहीं चुकेंगे।
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यात्रा पर गए थे नेपाल, हाथ में फ्रेक्चर हुआ पर निभाया मतदान का वादा : मनमोहन



महाराजा अग्रसेन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने मतदान केंद्र 122 पर पहुंचे मनमोहन मतदान करने नेपाल से पहुंचे। उनका कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान जरूरी हैं। इसलिए हाथ में फैक्चर होने के बाद भी नेपाल से यात्रा कर मतदान करने के लिए पहुंचे। लंबी दूरी का सफर करने पर थकान भी हुई, लेकिन वे मतदान के लिए सीधे केंद्र पर पहुंचे हैं।
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