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Kurukshetra News: इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स के बीच भी कायम है मिट्टी के दीयों की परंपरा की चमक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 01:52 AM IST
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Even amidst electronic lights, the tradition of earthen lamps continues to shine.
कुरुक्षेत्र। मिट्टी के सजावटी दिए और बर्तनों को दिखाती परमजीत कौर। संवाद
कुरुक्षेत्र। भले ही आज के आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक लाइटें और चाइनीज सजावटी सामान बाजार पर छाए हुए हों लेकिन दीपावली जैसे पारंपरिक त्योहार पर मिट्टी के दीयों की रौनक अब भी बरकरार है। शहर की गलियों और बाजारों में इन दिनों रंग-बिरंगे दीयों की दुकानों ने दीपावली की आहट को और खास बना दिया है।
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मिट्टी के दीयों का चलन भले कम हुआ हो पर परंपरा से जुड़ाव अब भी लोगों के दिलों में जीवित है। हर दीपावली पर घरों को मिट्टी के दीयों से जगमगाने की परंपरा रही है।
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आज के समय में बिजली की लड़ियों और रंगीन लाइटों ने दीयो की अधिकतर जगह ली है और लोग इनसे ही अपने घरों को सजाते हैं लेकिन बहुत से परिवार ऐसे हैं जो परंपरा निभाने के लिए अब भी मिट्टी के दीये जलाना नहीं भूलते। 20 अक्तूबर को दीपावली का पर्व है। इसके चलते मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगर इन दिनों पूरी मेहनत से तैयारियों में जुटे हैं।
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लोग सजावटी दीयों की ओर होते हैं आकर्षित



मिट्टी के बर्तन कारोबारी परमजीत कौर ने बताया कि वे हर साल करवा चौथ, अहोई और दीपावली जैसे त्योहारों के लिए खास तरह के दीये, करवे और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां तैयार करती हैं। हालांकि पहले जितनी मांग नहीं रही लेकिन लोग अब भी सजावटी दीयों की ओर आकर्षित होते हैं। उन्होंने बताया कि चार से लेकर आठ रुपये तक के दीये उपलब्ध हैं जबकि रेडिमेड सजावटी दीये पांच से 15 रुपये तक बिक रहे हैं। एक समय था जब हर शुभ कार्य में मिट्टी के बर्तन जरूरी माने जाते थे। अब उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक सामान ने ले ली है लेकिन हम अपनी परंपरा को जिंदा रखने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। आधुनिक डिजाइन और रंगों के साथ मिट्टी के दीये लोगों को फिर से लुभा रहे हैं।


त्योहारों पर मिट्टी का बर्तन या दीया जरूर खरीदती हूं



मिट्टी के दिए खरीदने आई मोनिका ने बताया कि आजकल बाजार में सस्ते इलेक्ट्रॉनिक आइटम मिल जाते हैं जिससे मिट्टी के बर्तन महंगे लगते हैं। हम त्योहारों पर एकाध मिट्टी का बर्तन या दीया जरूर खरीदते हैं, लेकिन बाकी समय इनका उपयोग नहीं होता।

कुरुक्षेत्र। मिट्टी के सजावटी दिए और बर्तनों को दिखाती परमजीत कौर। संवाद

कुरुक्षेत्र। मिट्टी के सजावटी दिए और बर्तनों को दिखाती परमजीत कौर। संवाद

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