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बालिकाओं का अधिकार व सुरक्षा सुनिश्चित करें : राजेंद्र
Sun, 12 Oct 2025 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 12 Oct 2025 02:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों का संरक्षण व सुरक्षा सुनिश्चित करना है और बालिकाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों की पहचान कर उन्हें और अधिक सशक्त बनाना है। ये विचार जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने की औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों सहित पुराणों में भी कन्याओं व नारी को सम्मान देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि समाज में बालिकाओं की सुरक्षा, उनके सम्मानजनक जीवन-यापन एवं सशक्तिकरण के लिए सामूहिक प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। महंत ने कहा कि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। खेलकूद, राजनीति, सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं का नारा समाज में निरंतर गूंज रहा है।
समाज में बेटियों की सुरक्षा की शपथ होनी चाहिए। समाज में विचार शुद्ध होने चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष 11 अक्तूबर को अंतरराष्टीय बालिका दिवस मनाया जाता है, जो विश्व भर में बालिकाओं के अधिकारों, सशक्तिकरण और समान अवसरों की वकालत करने वाला एक महत्वपूर्ण मौका है। बिना लड़कियों के सशक्तिकरण के मानवता का विकास अधूरा रहेगा।
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों का संरक्षण व सुरक्षा सुनिश्चित करना है और बालिकाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों की पहचान कर उन्हें और अधिक सशक्त बनाना है। ये विचार जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने की औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों सहित पुराणों में भी कन्याओं व नारी को सम्मान देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि समाज में बालिकाओं की सुरक्षा, उनके सम्मानजनक जीवन-यापन एवं सशक्तिकरण के लिए सामूहिक प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। महंत ने कहा कि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। खेलकूद, राजनीति, सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं का नारा समाज में निरंतर गूंज रहा है।
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समाज में बेटियों की सुरक्षा की शपथ होनी चाहिए। समाज में विचार शुद्ध होने चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष 11 अक्तूबर को अंतरराष्टीय बालिका दिवस मनाया जाता है, जो विश्व भर में बालिकाओं के अधिकारों, सशक्तिकरण और समान अवसरों की वकालत करने वाला एक महत्वपूर्ण मौका है। बिना लड़कियों के सशक्तिकरण के मानवता का विकास अधूरा रहेगा।
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