फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   electricity cut, hospital, 5 hours cut, patient, doctor, kurukshetra

100 बेड का जिला अस्पताल, 240 दाखिल, पांच घंटे बत्ती गुल

Thu, 06 Apr 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Thu, 06 Apr 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
electricity cut, hospital, 5 hours cut, patient, doctor, kurukshetra
आंधी के बाद अस्पताल में गिरा पेड़। - फोटो : अमर उजाला

सौ की जगह 240 मरीज दाखिल और ऊपर से पांच घंटे बिजली गुल। यह हाल है जिले के सबसे बड़े अस्पताल एलएनजेपी का। अंदाजा लगा लें कि ऐसे में मरीजों की क्या स्थिति होगी। अस्पताल में बुधवार को करीब दो बजे से पौने सात बजे तक बिजली गुल रही। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर और अन्य स्टाफ ने बिजली गुल होने का कारण दुपहर को बिजली की तारों पर तेज अंधड के दौरान पेड़ गिरना बताया गया है। मरीजों के परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल की क्षमता 100 बेड की है, लेकिन यहां ढाई सौ मरीज दाखिल हैं। ऊपर से पांच घंटे तक बिजली गुल होने के दौरान जेनरेटर चालू नहीं किया गया।

विज्ञापन


बता दें कि अस्पताल में दाखिल दो मरीज के परिवार वालों ने अमर उजाला को इस हालात की सूचना दी थी। जब मौके पर जाकर अस्पताल का रियलिटी चेक किया गया तो मरीजों का दर्द सही पाया गया। गर्मी और मच्छरों की वजह से मरीज और परिवार के सदस्य खासे परेशान दिखे। इमरजेंसी काउंटर और इसके दो वार्डों के अलावा तीनों परिसर अंधेरा पसरा दिखा। कई मरीज और इनके परिवार के सदस्य इन हालात बचने के लिए अस्पताल के बाहर पार्क में बैठे दिखे। ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल आफिसर डा. साहिल ने बताया कि पेड़ गिरने की वजह से बिजली गुल हुई है। इसकी जानकारी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. मनजीत व अन्य अधिकारियों को दे दी गई है। वहीं ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के मुताबिक अस्पताल में इस समय प्रसूति विभाग के 80 मरीजों सहित कुल 240 लोग अस्पताल में दाखिल हैं।
विज्ञापन


मरीज बोले गर्मी से तो बच गए, मगर खून पी गए मच्छर
मरीजों ने कहा कि अस्पताल परिसर करीब पांच घंटे बिजली गुल रही। बीच में कुछ क्षण के लिए बिजली आई, लेकिन थोड़ी ही देर बाद बिजली की सप्लाई बंद हो गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान मौसम की वजह से गर्मी से तो थोड़ी राहत मिली,मगर मच्छरों ने उनका जमकर खून पिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में मच्छरों से बचाव के लिए ना तो सप्रे कराया गया है और ना ही बिजली गुल होने के हालात में वैकल्पिक व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर जनरेटर चालू करते तो हो सकता था खतरा : एमएस
एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. मनजीत का कहना है कि कुछ क्षण के लिए बीच में जनरेटर चलाया गया था, लेकिन लाइन पर काम कर रहे तकनीशियन को बिजली के बैक मारने का खतरा था इसकी वजह से जनरेटर बंद रखा गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इंवर्टर भी है, लेकिन वे इतना लोड नहीं ले सकते। इसकी वजह से अस्पताल में अंधेरा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed