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Kurukshetra News: हिमाचल में फटे बादल का दिखा असर, मारकंडा का पानी खेतों तक पहुंचा
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शाहाबाद। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में फ़टे बदल का असर शाहाबाद में भी दिखाई दिया। बादल फटने के बाद मारकंडा नदी का पानी यहां तक पहुंचा, जो देर शाम तक 22 हजार क्यूसेक आंका गया।
गेज रीडर रविंदर के बताया कि रविवार को कालाअम्ब से कुल 41 हजार क्यूसेक पानी निकला था और हिमाचल कि रुन नदी से 18800 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मारकंडा नदी में छोड़ा गया था। यह पानी सोमवार सुबह मुलाना में 45 हजार क्यूसेक आंका गया है। जिसके बाद अंबाला के गांव हेमामाजरा में बांध कटाव के कारण पानी खेतों में बह गया है। शाहाबाद में सोमवार शाम तक अधिकतम पानी 22 हजार 161 क्यूसेक आंका गया है, जिसने गांव काठवा, मुगलमाजरा, मलिकपुर, गुमटी, कलसाना और पाडलु के खेतों में दस्तक दी है। स्थानीय लोगों की नजरें शाहाबाद मारकंडा नदी की तरफ कम होती है और अनाजमंडी की तरफ ज्यादा होती हैं, क्योंकि शाहाबाद शहर को बांध मजबूत होने के चलते 35 हजार क्यूसेक तक कोई खतरा नहीं है। अंबाला के गांव हेमामाजरा में कटे बांध से 13 हजार क्यूसेक से ऊपर होने के बाद ही पानी गांव गल्हेड़ी, तंदवाल और तंदवाली के खेतों के रास्ते शाहाबाद के गांव पाडलू में दस्तक देता है। उसके बाद गांव रावा, जोगी माजरा और अनाज मंडी के रास्ते शाहाबाद की अटारी कालोनी और हुडा में प्रवेश कर जाता है और बाढ़ का कारण बनता है। उधर इस संबंध में एसडीएम पुलकित मल्होत्रा का कहना है कि नदी में पानी की स्थिति अभी सामान्य है और अभी तक कहीं भी रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
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गेज रीडर रविंदर के बताया कि रविवार को कालाअम्ब से कुल 41 हजार क्यूसेक पानी निकला था और हिमाचल कि रुन नदी से 18800 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मारकंडा नदी में छोड़ा गया था। यह पानी सोमवार सुबह मुलाना में 45 हजार क्यूसेक आंका गया है। जिसके बाद अंबाला के गांव हेमामाजरा में बांध कटाव के कारण पानी खेतों में बह गया है। शाहाबाद में सोमवार शाम तक अधिकतम पानी 22 हजार 161 क्यूसेक आंका गया है, जिसने गांव काठवा, मुगलमाजरा, मलिकपुर, गुमटी, कलसाना और पाडलु के खेतों में दस्तक दी है। स्थानीय लोगों की नजरें शाहाबाद मारकंडा नदी की तरफ कम होती है और अनाजमंडी की तरफ ज्यादा होती हैं, क्योंकि शाहाबाद शहर को बांध मजबूत होने के चलते 35 हजार क्यूसेक तक कोई खतरा नहीं है। अंबाला के गांव हेमामाजरा में कटे बांध से 13 हजार क्यूसेक से ऊपर होने के बाद ही पानी गांव गल्हेड़ी, तंदवाल और तंदवाली के खेतों के रास्ते शाहाबाद के गांव पाडलू में दस्तक देता है। उसके बाद गांव रावा, जोगी माजरा और अनाज मंडी के रास्ते शाहाबाद की अटारी कालोनी और हुडा में प्रवेश कर जाता है और बाढ़ का कारण बनता है। उधर इस संबंध में एसडीएम पुलकित मल्होत्रा का कहना है कि नदी में पानी की स्थिति अभी सामान्य है और अभी तक कहीं भी रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
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