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इंटरनेट सर्विस बाधित होने से केयू परीक्षार्थियों को खुद करनी होगी व्यवस्था
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किसानों के प्रदर्शन के चलते फिलहाल जिन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बाधित है वहां के विद्यार्थियों को अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए खुद इंटरनेट की व्यवस्था करनी होगी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने बुधवार को ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विवि प्रशासन के अनुसार परीक्षार्थियों को अपने स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए इंटरनेट की व्यवस्था करनी होगी या वे ऑफलाइन मोड में परीक्षा केंद्र पर जाकर अपनी परीक्षाएं दे सकते हैं।
इस बारे जानकारी देते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा सरकार के दिशा-निर्देशानुसार करनाल जिला के जिन क्षेत्रों में अभी तक इंटरनेट सेवाएं बहाल नहीं हुई हैं, उन क्षेत्रों के परीक्षार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा चल रही स्नातक/स्नातकोत्तर की सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं के लिए चाहे अपने स्तर पर इंटरनेट सेवा जैसे ब्रॉडबैंड, वाई-फाई सर्विस या किसी अन्य सेवा का प्रयोग करके अपनी ऑनलाइन परीक्षाओं में अपीयर हो सकते हैं जिसके लिए उसे किसी भी स्थिति में इंटरनेट सर्विस का प्रयोग अपने स्तर पर ही करना होगा अन्यथा वे अपने परीक्षा प्रवेश पत्र पर दर्शाए गए परीक्षा केंद्र पर जाकर ऑफलाइन मोड में परीक्षा में बैठ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन एरिया में अभी तक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, वहां विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प चुन सकता है। उसके परीक्षा प्रवेश पत्र (रोल नंबर) पर संबंधित कॉलेज का नाम दर्शाया गया होगा, जिसके द्वारा वह निर्धारित महाविद्यालय और संस्थान में संपर्क कर अपनी परीक्षा दे सकता है। ऑफलाइन मोड से परीक्षा देने की स्थिति में विद्यार्थी को संबंधित कॉलेज प्रश्न-पत्र और उत्तर-पुस्तिका उपलब्ध कराएगा और परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग, कॉलेज और संस्थान के अध्यक्ष, प्राचार्य और निदेशक की होगी।
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केयू के इस आदेश पर एबीवीपी के प्रदेश मीडिया संयोजक हिमांशु ठाकुर ने कहा कि विवि द्वारा शाम को यह सूचना जारी की जाती है। जिन विद्यार्थियों की आज परीक्षा है उन तक यह सूचना कैसे पहुंचेगी। ऐसे में कोई विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? इंटरनेट बंद है इसमें विद्यार्थियों का कोई दोष नहीं है। केयू प्रशासन के लिए सभी विद्यार्थी एक समान हैं इसलिए सभी को देखते हुए कोई फैसला लेना चाहिए।
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इस बारे जानकारी देते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा सरकार के दिशा-निर्देशानुसार करनाल जिला के जिन क्षेत्रों में अभी तक इंटरनेट सेवाएं बहाल नहीं हुई हैं, उन क्षेत्रों के परीक्षार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा चल रही स्नातक/स्नातकोत्तर की सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं के लिए चाहे अपने स्तर पर इंटरनेट सेवा जैसे ब्रॉडबैंड, वाई-फाई सर्विस या किसी अन्य सेवा का प्रयोग करके अपनी ऑनलाइन परीक्षाओं में अपीयर हो सकते हैं जिसके लिए उसे किसी भी स्थिति में इंटरनेट सर्विस का प्रयोग अपने स्तर पर ही करना होगा अन्यथा वे अपने परीक्षा प्रवेश पत्र पर दर्शाए गए परीक्षा केंद्र पर जाकर ऑफलाइन मोड में परीक्षा में बैठ सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन एरिया में अभी तक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, वहां विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प चुन सकता है। उसके परीक्षा प्रवेश पत्र (रोल नंबर) पर संबंधित कॉलेज का नाम दर्शाया गया होगा, जिसके द्वारा वह निर्धारित महाविद्यालय और संस्थान में संपर्क कर अपनी परीक्षा दे सकता है। ऑफलाइन मोड से परीक्षा देने की स्थिति में विद्यार्थी को संबंधित कॉलेज प्रश्न-पत्र और उत्तर-पुस्तिका उपलब्ध कराएगा और परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग, कॉलेज और संस्थान के अध्यक्ष, प्राचार्य और निदेशक की होगी।
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केयू के इस आदेश पर एबीवीपी के प्रदेश मीडिया संयोजक हिमांशु ठाकुर ने कहा कि विवि द्वारा शाम को यह सूचना जारी की जाती है। जिन विद्यार्थियों की आज परीक्षा है उन तक यह सूचना कैसे पहुंचेगी। ऐसे में कोई विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? इंटरनेट बंद है इसमें विद्यार्थियों का कोई दोष नहीं है। केयू प्रशासन के लिए सभी विद्यार्थी एक समान हैं इसलिए सभी को देखते हुए कोई फैसला लेना चाहिए।