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Kurukshetra News: महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरणास्रोत बनीं डॉ. रूकमेश चौहानीकरण के लिए प्रेरणास्रोत बनीं डॉ. रूकमेश चौहान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:57 AM IST
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Dr. Rukmesh Chauhan became an inspiration for women empowerment Dr. Rukmesh Chauhan became an inspiration for women empowerment
डॉ रूकमेश चौहान।
कुरुक्षेत्र। कुछ कर गुजरने की जिद, लगन हो तो हर बाधाएं पार कर बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। दयानंद महिला महाविद्यालय की प्रो. डॉ. रूकमेश चौहान ने यह कर दिखाया है। पहले ग्रामीण परिवेश में स्कूली शिक्षा के लिए संघर्ष फिर हर रोज 70 किलोमीटर का बसों में सफर तय कर कुरुक्षेत्र से उच्च शिक्षा ग्रहण कीं। पिछले 10 वर्षों से शिक्षा की लौ जलाए हुए हैं। साहित्य से लेकर समाजसेवा के अनेक क्षेत्रों में विभिन्न शैक्षिक व सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर अपनी पहचान बनाई है। मौजूदा दौर में वह महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
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डॉ. रूकमेश वर्तमान में भारत तिब्बत समन्वय संघ महिला विंग में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। वर्तमान में इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के अंर्तगत नेपाल की तराई में आदिवासियों के जीवन पर शोध कर रही हैं। उनकी चार पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा वे भारत तिब्बत समन्वय संघ महिला विभाग की राष्ट्रीय महामंत्री,
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अंतरराष्ट्रीय मां विधा ट्रस्ट की कार्यकारिणी सदस्य और सार्थक साहित्य मंच,विश्व हिंदू प्रचार मंच व प्रेरणा संस्था की सदस्य भी हैं।

प्रथम श्रेणी में दसवीं पास फिर भी छूट रही थी पढ़ाई...
डॉ रूकमेश चौहान बताती हैं कि उन्होंने दसवीं तक पढ़ाई मूल गांव राहड़ा जिला करनाल में की। उन्होंने दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में पास की। इसके बाद भी परिजन आगे की पढ़ाई के लिए बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन पढ़कर आगे बढ़ने की जिद के चलते वह उन्हें मना लीं। उच्च शिक्षा के लिए हर रोज कुरुक्षेत्र के डीएन कॉलेज में आती थीं, जहां वे पिछले कईं वर्षों से बतौर सहायक प्रोफेसर के तौर पर इतिहास पढ़ा रही हैं। उन्होंने पीएचडी तक की पढ़ाई की लेकिन परिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ बाधा नहीं बनने दिया। बाद में परिजनों ने भी खूब सहयोग किया तो आगे बढ़ती रहीं। किसी भी युवती व महिला को कमजोर पड़ने की बजाए सही रास्ता तलाश करना चाहिए, मंजिल तो मिल ही जाती है।
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विभिन्न क्षेत्राें में मिल चुके हैं ये सम्मान

- नारी शक्ति सम्मान -2022 ( हरियाणा ग्रंथ अकादमी पंचकूला )

- साहित्यकार सम्मान अवार्ड -2022 ( प्रज्ञा साहित्य मंच रोहतक)
- विशिष्ट समाज सेवा सम्मान -2023 ( कुरुक्षेत्र सेवा मंडल )

-दुर्गा शक्ति अवार्ड -2025 ( दुर्गा सप्तशती संस्था, दिल्ली )
स्वामी विवेकानंद आदर्श रत्न सम्मान-2025 (वेलनेस फाउंडेशन ट्रस्ट, महाराष्ट्र )



फेलोशिप 2013-15 (इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर 22वां रैंक )
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