{"_id":"6898f7965564bfe50b01f638","slug":"dogs-create-terror-in-the-city-five-people-bitten-in-a-single-day-kurukshetra-news-c-45-1-kur1008-140272-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: शहर में कुत्तों का आतंक, एक ही दिन में पांच लोगों को काटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: शहर में कुत्तों का आतंक, एक ही दिन में पांच लोगों को काटा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जानकारी देती सरस्वती कॉलोनी वासी दयावती। संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक है। लोग सुबह की सैर या बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय इनका शिकार बन रहे हैं। कुछ इलाकों में तो कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं जिससे आमजन में भय का माहौल है।
शहर की सरस्वती कॉलोनी की एक गली में एक ही दिन में कुत्तों ने पांच लोगों को शिकार बनाया। गली में कुत्तों के आतंक से कॉलोनी वासियों में भय है। कॉलोनी में लोगों ने सुबह की सैर करनी बंद कर दी है और बच्चों को भी घरों से बाहर खेलने के लिए नहीं निकलने दे रहे हैं। शहर में कुत्तों के काटने के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। जून व जुलाई माह में एक हजार से ज्यादा लोग जिला नागरिक अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच चुके हैं।
इंजेक्शन लगवाने रोजाना पहुंच रहे 20 से 25 मरीज
जिले में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि एलएनजेपी अस्पताल में हर दिन करीब 15 से 20 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार केवल जून में ही करीब 450 मरीजों व जुलाई में 550 से ज्यादा ने वैक्सीन लगवाई। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी वैक्सीन लगाई जाती है। यह संख्या चिंता का विषय बन गई है।
विज्ञापन
डॉग बाइट के मामले गंभीर : डॉ. गौरव चावला
एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव चावला का कहना है कि डॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और इनसे बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लेना जरूरी होता है। आमतौर पर चार से पांच डोज की जरूरत होती है जो समय पर ली जानी चाहिए। अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन लगातार बढ़ रही संख्या से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
घूमने गई कुत्ते ने काटा : संतोष
कॉलोनी वासी संतोष ने बताया कि शाम के समय वह कॉलोनी में घूमने के लिए घर से निकली थी। घर से कुछ ही दूरी पर गई थी तभी कुत्ते ने काट लिया।
काम पर जा रहा था कुत्ते ने कर दिया हमला : रोहित
कॉलोनी वासी रोहित ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। सुबह के समय वह काम पर जा रहा था। तभी पीछे से आकर कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद वह अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे।
बच्चे को ट्यूशन छोड़ने गई कुत्ते ने काटा : दयावती
दयावती ने बताया कि वह बच्चे को ट्यूशन पर छोड़ने के लिए जा रही थी। अचानक से कुत्ते ने आकर काट लिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक है।
क्या है रैबीज
रैबीज एक बीमारी है जो रैबीज वायरस के कारण होती है। यह कुत्ते के काटने पर तेजी से फैल सकती है। समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकती है। कुछ सावधानी बरत कर शुरुआत में ही वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। फिजिशियन डॉ. गौरव चावला के मुताबिक ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सावधानी से काम लेना चाहिए। अक्सर लोग घरेलू टोटके अपनाते हैं। इनसे बचते हुए अच्छे चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए।
विज्ञापन
शहर की सरस्वती कॉलोनी की एक गली में एक ही दिन में कुत्तों ने पांच लोगों को शिकार बनाया। गली में कुत्तों के आतंक से कॉलोनी वासियों में भय है। कॉलोनी में लोगों ने सुबह की सैर करनी बंद कर दी है और बच्चों को भी घरों से बाहर खेलने के लिए नहीं निकलने दे रहे हैं। शहर में कुत्तों के काटने के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। जून व जुलाई माह में एक हजार से ज्यादा लोग जिला नागरिक अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
इंजेक्शन लगवाने रोजाना पहुंच रहे 20 से 25 मरीज
जिले में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि एलएनजेपी अस्पताल में हर दिन करीब 15 से 20 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार केवल जून में ही करीब 450 मरीजों व जुलाई में 550 से ज्यादा ने वैक्सीन लगवाई। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी वैक्सीन लगाई जाती है। यह संख्या चिंता का विषय बन गई है।
विज्ञापन
डॉग बाइट के मामले गंभीर : डॉ. गौरव चावला
एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव चावला का कहना है कि डॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और इनसे बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लेना जरूरी होता है। आमतौर पर चार से पांच डोज की जरूरत होती है जो समय पर ली जानी चाहिए। अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन लगातार बढ़ रही संख्या से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
घूमने गई कुत्ते ने काटा : संतोष
कॉलोनी वासी संतोष ने बताया कि शाम के समय वह कॉलोनी में घूमने के लिए घर से निकली थी। घर से कुछ ही दूरी पर गई थी तभी कुत्ते ने काट लिया।
काम पर जा रहा था कुत्ते ने कर दिया हमला : रोहित
कॉलोनी वासी रोहित ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। सुबह के समय वह काम पर जा रहा था। तभी पीछे से आकर कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद वह अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे।
बच्चे को ट्यूशन छोड़ने गई कुत्ते ने काटा : दयावती
दयावती ने बताया कि वह बच्चे को ट्यूशन पर छोड़ने के लिए जा रही थी। अचानक से कुत्ते ने आकर काट लिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक है।
क्या है रैबीज
रैबीज एक बीमारी है जो रैबीज वायरस के कारण होती है। यह कुत्ते के काटने पर तेजी से फैल सकती है। समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकती है। कुछ सावधानी बरत कर शुरुआत में ही वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। फिजिशियन डॉ. गौरव चावला के मुताबिक ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सावधानी से काम लेना चाहिए। अक्सर लोग घरेलू टोटके अपनाते हैं। इनसे बचते हुए अच्छे चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए।

कुरुक्षेत्र। जानकारी देती सरस्वती कॉलोनी वासी दयावती। संवाद

कुरुक्षेत्र। जानकारी देती सरस्वती कॉलोनी वासी दयावती। संवाद