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गांव के विवाद में पिस रहे स्कूली बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:23 AM IST
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खंड के गांव बीड़ सौंटी के निवासियों के आपसी विवाद का असर गांव के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। विवाद के कारण राजकीय प्राथमिक पाठशाला के सामने कई माह से गंदा पानी भरा हुआ है, लेकिन इसे निकाला नहीं जा रहा। इसमें से होकर ही बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है।
गंदे पानी के कारण मच्छर और बीमारियों का खतरा बना रहता है। गंदगी के कारण ग्रामीणों ने विद्यालय से बच्चों को निकालना शुरू कर दिया है। इस वजह से इस विद्यालय में पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे विद्यार्थी रह गए हैं। सड़क के मालिकाना हक को लेकर उपजा यह विवाद अब न्यायालय में जा चुका है।
इस वजह से पंचायत और प्रशासन दोनों ही इसका हल नहीं निकाल पा रहे। विद्यालय के शिक्षक राजीव कांबोज ने बताया कि गंदा पानी स्कूल के अंदर आ गया है। इससे बच्चे आए दिन इसमें गिर जाते हैं। वह इस समस्या को खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायत, विधायक आदि के सामने रख चुके हैं, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।
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गांव के पूर्व सरपंच शरणजीत सिंह का कहना है कि यह मामला कोर्ट में चला गया है। इस वजह से हल नहीं हो पाया है।
स्कूल में पढ़ते गरीबों के बच्चे
बीड़ सौंटी गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में इस वर्ष लगभग 35 विद्यार्थी ही रह गए हैं। यह सभी गरीब परिवारों के हैं। गांव के समृद्ध लोग निजी विद्यालय में पढ़ने जाते हैं।
विवाद के चलते अटका काम : नरवाल
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवरभान नरवाल ने कहा कि पानी की निकासी के लिए नाला बनाने का काम शुरू किया जा चुका था, लेकिन विवाद के चलते इसे रोकना पड़ा। विवाद को हल कराने के लिए कई बार पंचायत हुई, लेकिन हल नहीं निकला। काम के लिए पैसा भी आया पड़ा है।
अधिकारियों से करूंगा बातचीत : सैनी
खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वर सैनी ने कहा कि इस मामले में वह खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से बात करेंगे।
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गंदे पानी के कारण मच्छर और बीमारियों का खतरा बना रहता है। गंदगी के कारण ग्रामीणों ने विद्यालय से बच्चों को निकालना शुरू कर दिया है। इस वजह से इस विद्यालय में पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे विद्यार्थी रह गए हैं। सड़क के मालिकाना हक को लेकर उपजा यह विवाद अब न्यायालय में जा चुका है।
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इस वजह से पंचायत और प्रशासन दोनों ही इसका हल नहीं निकाल पा रहे। विद्यालय के शिक्षक राजीव कांबोज ने बताया कि गंदा पानी स्कूल के अंदर आ गया है। इससे बच्चे आए दिन इसमें गिर जाते हैं। वह इस समस्या को खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायत, विधायक आदि के सामने रख चुके हैं, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।
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गांव के पूर्व सरपंच शरणजीत सिंह का कहना है कि यह मामला कोर्ट में चला गया है। इस वजह से हल नहीं हो पाया है।
स्कूल में पढ़ते गरीबों के बच्चे
बीड़ सौंटी गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में इस वर्ष लगभग 35 विद्यार्थी ही रह गए हैं। यह सभी गरीब परिवारों के हैं। गांव के समृद्ध लोग निजी विद्यालय में पढ़ने जाते हैं।
विवाद के चलते अटका काम : नरवाल
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवरभान नरवाल ने कहा कि पानी की निकासी के लिए नाला बनाने का काम शुरू किया जा चुका था, लेकिन विवाद के चलते इसे रोकना पड़ा। विवाद को हल कराने के लिए कई बार पंचायत हुई, लेकिन हल नहीं निकला। काम के लिए पैसा भी आया पड़ा है।
अधिकारियों से करूंगा बातचीत : सैनी
खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वर सैनी ने कहा कि इस मामले में वह खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से बात करेंगे।