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Kurukshetra News: जगह-जगह लीकेज से काॅलोनियों में पहुंच रहा सीवर लाइनों का गंदा पानी
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कुरुक्षेत्र। गांधी नगर में गंदे पानी की सप्लाई के नीचे से गुजर रही पेयजल पाइप लाइन। संवाद
- फोटो : मछरेहटा में बोरवेल में गिरकर हिरन की मौत।
कुरुक्षेत्र। शहर की कई कॉलोनियों में रहने वाले लोग इन दिनों स्वच्छ पेयजल नहीं बल्कि गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। 35 से 40 साल पुरानी पेयजल पाइप लाइनों के जर्जर हो जाने के कारण जगह-जगह लीकेज हो रहा है।
इससे सीवर का गंदा पानी पीने की पानी की सप्लाई में मिल रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई इलाकों में लोग कई सप्ताह से दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं। इससे बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि वे कई बार संबंधित विभाग को शिकायत कर चुके हैं लेकिन न तो पुरानी पाइप लाइनों को बदला जा रहा है और न ही सीवर लीकेज की स्थायी मरम्मत की जा रही है। अस्थायी पैचवर्क से समस्या कुछ दिनों के लिए दब जाती है लेकिन जड़ से समाधान नहीं हो पा रहा।
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शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता दे, पुरानी पेयजल लाइनों को बदले और लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित पानी उपलब्ध कराए, ताकि वे गंदा पानी पीने को मजबूर न हों। अंचला चौक, गांधी नगर, पटियाला बैंक कॉलोनी, शेखों महोल्ला, चक्रवर्ती मोहल्ला और दुखभंजन कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में नलों से गंदा पानी आ रहा है।
कहीं पानी पीने लायक नहीं, तो कहीं बदबू और गंदगी के कारण इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। मजबूरन कुछ लोग दूसरी कॉलोनियों से पानी लाने को विवश हैं, जबकि कई परिवारों को पानी के कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
शिकायतें मिलने पर करा रहे समाधान : जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गुरजिंदर सिंह का कहना है कि पंपों की नियमित समस्या पर पानी की जांच हो रही है। पंपों में क्लोरिनेशन की मात्रा ठीक है। जिस एरिया से गंदे पानी की समस्या मिलती है, वहां पर जांच कराकर समस्या का समाधान कराया जाता है।
गंदा पानी पीने से किडनी हो चुकी प्रभावित
अंचला चौक निवासी रीतू ने बताया कि उनके इलाके में कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। अधिकारी कभी-कभी मौके पर पहुंचकर अस्थायी समाधान कर देते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। पिछले वर्ष गंदा पानी पीने से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने किडनी प्रभावित होने की आशंका जताई, उन्हें चंडीगढ़ में इलाज कराना पड़ा।
कई बार उबालकर पीना पड़ता है पानी
शेखों महोल्ला निवासी संतोष ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उनके घर गंदा पानी आ रहा है। यह समस्या नई नहीं है बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कई बार पानी को उबालकर पीना पड़ता है लेकिन फिर भी डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार विभाग को शिकायत दी गई लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
आधे घंटे तक खाली चलाना पड़ता है नल : ममता
अंचला चौक की ममता देवी का कहना है कि जब नलों में गंदा पानी आता है तो उन्हें करीब आधे घंटे तक नल खुला छोड़ना पड़ता है। इसके बावजूद पानी साफ नहीं होता, तो उन्हें दूसरी कॉलोनी के पंप से पीने का पानी लाना पड़ता है जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बेहद परेशानियों भरी हो गई है।
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इससे सीवर का गंदा पानी पीने की पानी की सप्लाई में मिल रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई इलाकों में लोग कई सप्ताह से दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं। इससे बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है।
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लोगों का आरोप है कि वे कई बार संबंधित विभाग को शिकायत कर चुके हैं लेकिन न तो पुरानी पाइप लाइनों को बदला जा रहा है और न ही सीवर लीकेज की स्थायी मरम्मत की जा रही है। अस्थायी पैचवर्क से समस्या कुछ दिनों के लिए दब जाती है लेकिन जड़ से समाधान नहीं हो पा रहा।
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शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता दे, पुरानी पेयजल लाइनों को बदले और लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित पानी उपलब्ध कराए, ताकि वे गंदा पानी पीने को मजबूर न हों। अंचला चौक, गांधी नगर, पटियाला बैंक कॉलोनी, शेखों महोल्ला, चक्रवर्ती मोहल्ला और दुखभंजन कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में नलों से गंदा पानी आ रहा है।
कहीं पानी पीने लायक नहीं, तो कहीं बदबू और गंदगी के कारण इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। मजबूरन कुछ लोग दूसरी कॉलोनियों से पानी लाने को विवश हैं, जबकि कई परिवारों को पानी के कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
शिकायतें मिलने पर करा रहे समाधान : जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गुरजिंदर सिंह का कहना है कि पंपों की नियमित समस्या पर पानी की जांच हो रही है। पंपों में क्लोरिनेशन की मात्रा ठीक है। जिस एरिया से गंदे पानी की समस्या मिलती है, वहां पर जांच कराकर समस्या का समाधान कराया जाता है।
गंदा पानी पीने से किडनी हो चुकी प्रभावित
अंचला चौक निवासी रीतू ने बताया कि उनके इलाके में कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। अधिकारी कभी-कभी मौके पर पहुंचकर अस्थायी समाधान कर देते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। पिछले वर्ष गंदा पानी पीने से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने किडनी प्रभावित होने की आशंका जताई, उन्हें चंडीगढ़ में इलाज कराना पड़ा।
कई बार उबालकर पीना पड़ता है पानी
शेखों महोल्ला निवासी संतोष ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उनके घर गंदा पानी आ रहा है। यह समस्या नई नहीं है बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कई बार पानी को उबालकर पीना पड़ता है लेकिन फिर भी डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार विभाग को शिकायत दी गई लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
आधे घंटे तक खाली चलाना पड़ता है नल : ममता
अंचला चौक की ममता देवी का कहना है कि जब नलों में गंदा पानी आता है तो उन्हें करीब आधे घंटे तक नल खुला छोड़ना पड़ता है। इसके बावजूद पानी साफ नहीं होता, तो उन्हें दूसरी कॉलोनी के पंप से पीने का पानी लाना पड़ता है जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बेहद परेशानियों भरी हो गई है।