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अमावस पर लगाई आस्था की डुबकी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 01:09 AM IST
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Dip of faith on Amavas
सोमवती अमावस के मौके पर सन्निहित, सरस्वती, ब्रह्म सरोवर पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दूर-दूर से श्रद्घालुओं ने यहां आकर आस्था की डुबकी लगाई, लेकिन शहर की सड़कें दिनभर के जाम से बेहाल रही। यह मुसीबत दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के समय दोगुनी हो गई। इस जाम की वजह से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया। वहीं जाम के साथ-साथ भीषण गर्मी ने भी लोगों की परीक्षा ली। जाम के कारण सरकारी और सहकारी बसों को अपने रूट में परिवर्तन करना पड़ा। रूट बदलने से श्रद्धालुओं सहित अन्य लोगों को दूर तक पैदल चलकर ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ना पड़ा। केडीबी रोड, पिपली- थर्ड गेट मार्ग, रेलवे रोड, झांसा रोड, सलारपुर रोड, सन्निहित और ब्रह्मसरोवर परिसर सहित शहर में भी कई जगह जाम ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए।
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वहीं पिहोवा में सरस्वती तीर्थ, मेन बाजार, अंबाला रोड, तहसील रोड, गुरुद्वारा रोड, बस अड्डे और मेन चौक पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। लोग सड़कों पर यहां-वहां गाड़ियां खड़ी करके चले गए, जिससे वाहनों के निकलने का रास्ता चौक हो गया और शहर में लंबे-लंबे जाम लगे रहे। इस जाम से निपटने के लिए होमगार्ड सहित एक पुलिसकर्मी ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, मगर यह प्रयास भी नाकाफी रहा।
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सोमवती अमावस पर एक लाख से अधिक श्रद्धालु अपने निजी वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सन्निहित सरोवर, ब्रह्मसरोवर और पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे, मगर श्रद्धालुओं के आवागमन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम और व्यवस्था नहीं बनाई गई। नतीजन, इंतजाम न होने के कारण पूरा शहर वाहनों से चौक हो गया। श्रद्धालु बेरोक-टोक अपने वाहनों के साथ ही सरोवरों तक पहुंचे। यहां पार्किंग भर जाने से उन्होंने सड़क पर ही अपने वाहनों को खड़ा कर दिया और स्नान व पूजा अर्चना के लिए चले गए। भीषण गर्मी के बीच लोग आधा-आधा घंटा जाम में फंसे रहे।
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सोमवती अमावस की पूर्व संध्या पर ही हजारों श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच गए थे। पूरा दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। वहीं सोमवार को सुबह ही श्रद्धालु तीर्थ पर जुटना शुरू हो गए। दिनभर यह क्रम चलता रहा। पूजा-अर्चना के लिए भी लोगों कतार में लगना पड़ा।
शहर में जाम की सूचना पर सरकारी और सहकारी बसें अपना रूट बदलती नजर आई। पुराने बस अड्डे तक आने के लिए बस शहर के बाजारों से होकर गुजरी। पिहोवा से कुरुक्षेत्र आ रही बसें थर्ड गेट से न होकर करीब दो किलोमीटर पीछे नरकातारी गांव से होते हुए बस अड्डे पहुंच रही थी। इस कारण थर्ड गेट आने वाले यात्रियों को नरकातारी टी-प्वाइंट पर ही उतारा गया। वहीं बिरला मंदिर के यात्रियों को परस राम कॉलनी छोड़ा गया। शाम को शहर से जाम हटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
सन्निहित, सरस्वती और ब्रह्म सरोवर पर दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सूर्योदय के साथ श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने पितरों के अक्षय मोक्ष के लिए पिंडदान, गति कर्म और तर्पण का कार्य किया। वहीं श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों से अपनी वंशावली की जानकारी भी प्राप्त की। सोमवती अमावस पर श्रद्धालुओं ने अन्न, वस्त्र, भोजन और धन का दान भी दिया।

सरोवर पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कहीं भी नाकाबंदी नहीं की। इस कारण लोग वाहनों के साथ सरोवर तक पहुंच गए। वहीं ब्रह्मसरोवर परिसर में कहीं कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया, जिस कारण लोग यहां-वहां वाहन लगाकर निकल गए।
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