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Kurukshetra News: डिजिटल डायरी शिक्षकों पर तकनीकी बोझ
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कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय के बाहर धरना देते शिक्षक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। स्कूलों में लागू की जा रही डिजिटल डायरी प्रणाली का शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। वीरवार को शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया। नारेबाजी करते हुए शिक्षक बोले डिजिटल डायरी शिक्षकों पर एक नया तकनीकी बोझ है। लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा।
वीरवार को हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला), हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, कुरुक्षेत्र, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शारीरिक शिक्षक संघ, अनुसूचित अध्यापक संघ, संस्कृत शिक्षक संघ, पंजाबी शिक्षक संघ और अन्य संगठनों की कुरुक्षेत्र इकाई ने स्कूलों में लागू की जा रही डिजिटल डायरी प्रणाली का कड़ा विरोध किया।
हसला के जिला प्रधान डॉ. तरसेम कौशिक तथा हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
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शिक्षकों ने कहा कि डिजिटल डायरी शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त तकनीकी बोझ है, जिससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मानसिक दबाव भी बढ़ेगा। पहले ही शिक्षकों से कई गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं और अब डिजिटल डायरी जैसे प्रयोग से शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने का काम किया जा रहा है।
शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि डिजिटल डायरी को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शिक्षकों की इस जायज मांग की अनदेखी की तो शिक्षक संघ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक नई तकनीकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब तकनीक शिक्षण में बाधा बनने लगे, तो उसका विरोध आवश्यक हो जाता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह ने कहा कि डिजिटल डायरी के नाम पर शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। इससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मनोबल भी गिरेगा।
इस मौके पर हसला के संरक्षक डॉ दिनेश यादव, वरिष्ठ उपप्रधान राजेश सैनी, महासचिव जयप्रकाश, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से रामेश्वर दास, संदीप, संदीप फोगाट, अध्यापक संघ से सुदर्शन, अनिल शर्मा, जगदीश पल, जितेंदर, सूबे सिंह सुजान आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। स्कूलों में लागू की जा रही डिजिटल डायरी प्रणाली का शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। वीरवार को शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया। नारेबाजी करते हुए शिक्षक बोले डिजिटल डायरी शिक्षकों पर एक नया तकनीकी बोझ है। लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा।
वीरवार को हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला), हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, कुरुक्षेत्र, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शारीरिक शिक्षक संघ, अनुसूचित अध्यापक संघ, संस्कृत शिक्षक संघ, पंजाबी शिक्षक संघ और अन्य संगठनों की कुरुक्षेत्र इकाई ने स्कूलों में लागू की जा रही डिजिटल डायरी प्रणाली का कड़ा विरोध किया।
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हसला के जिला प्रधान डॉ. तरसेम कौशिक तथा हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
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शिक्षकों ने कहा कि डिजिटल डायरी शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त तकनीकी बोझ है, जिससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मानसिक दबाव भी बढ़ेगा। पहले ही शिक्षकों से कई गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं और अब डिजिटल डायरी जैसे प्रयोग से शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने का काम किया जा रहा है।
शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि डिजिटल डायरी को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शिक्षकों की इस जायज मांग की अनदेखी की तो शिक्षक संघ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक नई तकनीकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब तकनीक शिक्षण में बाधा बनने लगे, तो उसका विरोध आवश्यक हो जाता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह ने कहा कि डिजिटल डायरी के नाम पर शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। इससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षकों का मनोबल भी गिरेगा।
इस मौके पर हसला के संरक्षक डॉ दिनेश यादव, वरिष्ठ उपप्रधान राजेश सैनी, महासचिव जयप्रकाश, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से रामेश्वर दास, संदीप, संदीप फोगाट, अध्यापक संघ से सुदर्शन, अनिल शर्मा, जगदीश पल, जितेंदर, सूबे सिंह सुजान आदि मौजूद रहे।