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धर्मनगरी को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान : महेश

Mon, 29 Jun 2015 12:58 AM IST
कुुुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो
कुुुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 29 Jun 2015 12:58 AM IST
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धर्म नगरी कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करने के लिए अंतर राष्ट्रीय श्रीकृष्णा सर्किट में शामिल किया है। रेलवे और सड़क मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी होने के बाद कुरुक्षेत्र को हवाई मार्ग से जोड़े जाने की भी योजना तैयार की जाएगी।
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इसके साथ ही पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए घोषित छह शहरों में कुरुक्षेत्र को भी सातवें शहर के रूप में पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इस प्रोजेक्ट में पहले शहर के रूप में वाराणसी को शामिल किया गया है। ये घोषणा रविवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कुुरुक्षेत्र दौरे के दौरान की।
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डॉ. शर्मा रविवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में कुरुक्षेत्र को धार्मिक पर्यटन क्षेत्र  के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे कुरुक्षेत्र विश्वभर में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।
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इसलिए केंद्र सरकार ने कुरुक्षेत्र को अंतर राष्ट्रीय श्रीकृष्णा सर्किट में शामिल किया है। सरकार इस योजना के तहत 120 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी।  इस मौके पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक पवन सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति ले.जनरल डॉ.डीडीएस संधू, भाजपा नेता जयभगवान शर्मा डीडी, एसडीएम सतबीर कुंडू, कुलसचिव डॉ. केसी रल्हण, सीटीएम डा.पूजा भारती आदि मौजूद रहे।

धार्मिक पर्यटन की ओर विशेष ध्यान
डॉ.महेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार धार्मिक पर्यटन को विशेष महत्व दिया है। इसके लिए देश में तीन प्रमुख सर्किट बनाए गए हैं।

जिनमें बुद्धा सर्किट, रामायण सर्किट और श्री कृष्णा सर्किट शामिल किए हैं। क्योंकि कुरुक्षेत्र भगवान कृष्ण और गीता उपदेश से जुड़ा है, इसलिए इसे श्री कृष्णा सर्किट में शामिल किया है। प्रत्येक सर्किट को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रथम चरण में 120-120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अंतर राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का गीता उपदेश कुरुक्षेत्र में ही हुआ है और पास ही यमुनानगर के मुगलवाली में सरस्वती उद्गम स्थल है।

इसलिए इन दोनों क्षेत्रों को संयुक्त रूप से धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। डा.शर्मा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण और गीता आज पूरे विश्व में आराध्य है, लेकिन कुरुक्षेत्र अंतर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना पाया है।

लेकिन, अब इसे अंतर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इंटरनेशनल श्री कृष्णा सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा।

हवाई मार्ग से जुड़ेगी धर्मनगरी
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि किसी भी स्थल को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए तीन चीजों का होना अनिवार्य है।

इनमें स्वच्छता, सुरक्षा और मेजबानी शामिल हैं। इसके साथ ही महत्वपूर्ण है कनेक्टिविटी। कुुरुक्षेत्र रेल मार्ग से सही तरीके से कनेक्ट है। इसके साथ ही रोड मार्ग से भी बेहतर ढंग से जुड़ा है, जहां सुधार की गुंजाइश है, वहां सुधार किया जाएगा।

लेकिन, जल्द ही इसे हवाई मार्ग से भी जोड़े जाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि यहां विदेशी सैलानी भी आ सकें। इसके लिए राज्य पर्यटन मंत्री जब भी प्रस्ताव भेजेंगे, उसे पास कर दिया जाएगा। इस दौरान थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने नेशनल हाइवे स्थित समाना बाहु गांव में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव आने के बाद सभी तरह से बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।

जीपीएस ओरिएंटिड वाहन व्यवस्था शुरू होगी सैलानियों के लिए
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और मेजबानी के साथ ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण है सैलानियों की सुरक्षा को मजबूत करना।

उन्होंने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष धूमन सिंह ने सैलानियों की सुरक्षा के लिए एक बहुत अच्छा आइडिया दिया है जिसके तहत जीपीएस ओरिएंटिड गाड़ियों में सफर की बात की है। उन्होंने कहा कि यह काफी सुरक्षित होगा और इसे देशभर में लागू करने पर विचार किया जाएगा।

ताकि सैलानी जब सुरक्षित महसूस करेंगे तभी तो पर्यटन बढ़ेगा।

वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित है सरस्वती की खोज
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ.महेश शर्मा ने कहा कि सरस्वती नदी का उल्लेख हमारे धार्मिक ग्रंथों में, वेदों में पुराणों में सभी में मिलता है। लेकिन, केंद्र सरकार ने तब तक इसकी घोषणा नहीं की जब तक वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुआ। यह सारी खोज केंद्रीय पुरातत्व विभाग के वैज्ञानिकों ने जियो फिजिकल स्टडीज के आधार पर की है।

जब सभी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हुआ, उसके बाद ही केंद्र सरकार ने सरस्वती उद्गम स्थल की घोषणा की है।  

रेलमार्ग से पहुंचे केंद्रीय मंत्री
इससे पूर्व रविवार को सुबह केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा और राज्य शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा शताब्दी एक्सप्रेस से कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।

 यहां पहुंचने पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा के जिलाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच सहित अन्य भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे कर्मचारियों व अधिकारियों को स्टेशन पर स्वच्छता को लेकर हिदायतें दी और उसके बाद यमुनानगर के लिए रवाना हो गए।


भाजपा सरकार में ही मिली है धर्मनगरी को पहचान
हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि एनडीए के कार्यकाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री जगमोहन के नेतृत्व में ही कुरुक्षेत्र को एक अलग पहचान मिली थी।

अब राज्य व केंद्र सरकार मिलकर कुरुक्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगी ताकि कुरुक्षेत्र को एक अंतराष्ट्रीय टूरिस्ट हब के रुप में विकसित किया जा सके।
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