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Kurukshetra News: धर्म, आस्था और भक्ति की प्रतीक बनी धर्मनगरी, गूंज रहा बम-बम भोले के जयघोष
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कुरुक्षेत्र। धर्म, आस्था और भक्ति की प्रतीक धर्मनगरी इन दिनों पूरी तरह से शिवमय हो चुकी है। सावन मास के पावन अवसर पर कांवड़ियों के जत्थे लगातार नगर में पहुंच रहे हैं। बम-बम भोले के जयकारों से गूंजती गलियों, मंदिरों और शिविरों में अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। कांवड़ यात्रा के लिए धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं पूरी सेवा भावना के साथ कार्य कर रही हैं।
हर 100 मीटर की दूरी पर कांवड़ियों के विश्राम और सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शीतल जल, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई है। शिविरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है और देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन कर शिव महिमा का गुणगान किया जा रहा है। सड़कों, शिविरों और शिवालयों में हर हर महादेव और जय भोलेनाथ की स्वर लहरियां गूंज रही हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया है।
धर्मनगरी के प्रमुख शिवालयों एवं मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जैसे-जैसे शिवरात्रि नजदीक आ रही है वैसे ही धर्मनगरी से गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। सावन के सोमवार सहित पूरे माह शिव पूजन की विशेष महत्ता है। भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी श्रद्धा में कोई कमी नहीं है।
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श्रद्धालु दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। कांवड़िये गंगाजल से भरी कांवड़ उठाए हुए, बम-बम भोले की धुन में थिरकते हुए, पग-पग पर शिव का नाम लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। शिविरों में उन्हें फल, दूध, ऊर्जा पेय और विश्राम की सुविधा मिल रही है। नगर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि कोई असुविधा न हो।
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हर 100 मीटर की दूरी पर कांवड़ियों के विश्राम और सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शीतल जल, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई है। शिविरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है और देर रात तक भजन-कीर्तन का आयोजन कर शिव महिमा का गुणगान किया जा रहा है। सड़कों, शिविरों और शिवालयों में हर हर महादेव और जय भोलेनाथ की स्वर लहरियां गूंज रही हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया है।
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धर्मनगरी के प्रमुख शिवालयों एवं मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जैसे-जैसे शिवरात्रि नजदीक आ रही है वैसे ही धर्मनगरी से गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। सावन के सोमवार सहित पूरे माह शिव पूजन की विशेष महत्ता है। भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी श्रद्धा में कोई कमी नहीं है।
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श्रद्धालु दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। कांवड़िये गंगाजल से भरी कांवड़ उठाए हुए, बम-बम भोले की धुन में थिरकते हुए, पग-पग पर शिव का नाम लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। शिविरों में उन्हें फल, दूध, ऊर्जा पेय और विश्राम की सुविधा मिल रही है। नगर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि कोई असुविधा न हो।