हरियाणा में घना कोहरा: कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों में दृश्यता 20 मीटर तक सीमित, सोनीपत में ट्रेन देरी से चल रही
पिछले चार दिनों से धुंध के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ रूट पर सवारियों को लेकर जाने वाली रोडवेज बस के चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ रेल यातायात भी काफी प्रभावित रहा है।
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हरियाणा में पिछले चार दिनों से बढ़ते कोहरे ने कुरुक्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। देर रात से ही कोहरा छाने लगा, जो सुबह तक और गहरा हो गया। आज सुबह करीब 8:15 बजे भी दृश्यता महज 20 मीटर रही, जिससे आमजन को यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बढ़ते कोहरे के साथ ठंड में भी इजाफा हो रहा है। दिन के समय भी न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे ठिठुरन महसूस की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों और वाहन चालकों को सावधानी बरतने और धीमी गति से चलने की सलाह दी है।
धुंध के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त
फतेहाबाद में पिछले चार दिनों से धुंध ने लगातार जनजीवन अस्त व्यक्त किया हुआ है। शुक्रवार को भी वाहन चालक धुंध में जूझते नजर आए। नेशनल हाईवे पर जहां वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही, वहीं शहर के अंदर भी घनी धुंध का असर रहा। सबसे अधिक परेशानी सुबह-सुबह दिल्ली और चंडीगढ़ रूट पर सवारियों को लेकर जाने वाली रोडवेज बस के चालकों को झेलनी पड़ी। नेशनल हाईवे पर 50 मीटर से भी कम दृश्यता रहने के कारण चालकों के लिए निर्धारित समय पर बसों को बस स्टैंड पर पहुंचना चुनौती भरा काम रहा।
दूसरी तरफ रेल यातायात भी काफी प्रभावित रहा। हिसार जींद ट्रेन, रेवाड़ी फाजिल्का ट्रेन, रेवाड़ी गंगानगर ट्रेन अपने निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंची।
हालांकि फसलों के लिए इस धुंध को वरदान माना जा रहा है।
सहायक कृषि अधिकारी डॉ. बहादुर सिंह ने बताया कि गेहूं, सरसों व सब्जियों की फसलों के लिए यह धुंध बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। इससे फसलों की वृद्धि होने में सहायता मिलेगी। इस समय जिले में 70 फ़ीसदी से अधिक गेहूं बिजाई कार्य पूरा हो चुका है।
यमुनानगर में छाई धुंध की सफेद चादर, पारा लुढ़का
यमुनानगर में पिछले चार दिनों से धुंध की सफेद चादर छाई हुई है। एकाएक छाई धुंध के कारण जिले का पारा भी लुढ़का गया। ऐसे में मौसम में ठंडक घुल गई। वीरवार की तरह शुक्रवार को जब लोग अपने बिस्तरों से उठे तो बाहर उन्हें धुंध की सफेद चादर मिली। धुंध के कारण दृश्यता भी कम रही। ऐसे में चालकों को अपने गंतव्य की तरफ जाने के लिए अपने-अपने वाहनों की धीमी रफ्तार के बीच लाइट जलाकर चलना पड़ा।
धुंध के साथ ही ठंडी हवा चलने से जनजीवन बेहाल हो गया है। जिले का तापमान अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। मौसम विभाग ने इस सप्ताह तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान लगाया है। फिलहाल बारिश के आसार बने हैं। कड़ाके की सर्दी हावी होने से जनजीवन बेहाल हो गया है। जिले का तापमान अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।
मौसम विभाग ने इस सप्ताह तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान लगाया है। उधर, सर्दी बढ़ने से बाजार में गर्माहट आई है। गर्म कपड़े, जूते, मोजे, इलेक्ट्रानिक सामान आदि की खरीदारी तेज हुई है। हीटर, गीजर, ब्लोअर आदि समान खरीदने के लिए बाजार में लोग जा रहे हैं। कृषि विभाग के डीडीए आदित्य डबास ने बताया कि धुंध व कोहरे का सीजन शुरू हो चुका है। कोहरा जीतना अधिक पड़ेगा गेहूं की फसल के लिए अधिक फायदेमंद है।
सोनीपत में लगातार तीसरे दिन भी कोहरा बना रहा मुसीबत, थमी रही रफ्तार
वातावरण में लगातार तीसरे दिन कोहरा छाया हुआ है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हाईवे सहित शहर में सुबह कोहरे के कारण दृश्यता कम रही। जिससे वाहनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह आठ बजे शहरी क्षेत्र में कोहरे से राहत मिल गई। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में सुबह साढ़े 10 बजे तक कोई राहत नहीं मिल सकी।
शुक्रवार सुबह ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में कोहरा छा गया। कोहरे के कारण वाहनों की गति पर लगाम रही। कोहरे के कारण ग्रामीण क्षेत्र में दृश्यता 20 मीटर तक सिमट गई और शहरी क्षेत्र में भी करीब 50 मीटर दूर दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे से नेशनल हाईवे-44 व 334 बी के साथ ही केजीपी-केएमपी पर भी वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे का असर सड़कों के साथ रेल यातायात पर दिखाई दे रहा है। रेलगाडिय़ां कई घंटे की देरी से चल रही है। ऊंचाहार एक्सप्रेस छह घंटे तो हिमाचल पांच घंटे की देरी से चल रही है। अन्य मेल, एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियां भी एक से दो घंटे तक की देरी से चल रही हैं। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक मापने के लिए मुरथल में लगाया गया मापक यंत्र वीरवार दोपहर से खराब है। सोनीपत से सटे दिल्ली में एक्यूआई 400 से पार बना हुआ है। जिसके बाद से ग्रैप-4 लागू किया गया है। ग्रैप-4 लगने के बाद भी कूड़े में आग लगाई जा रही है।