{"_id":"616de32283448f0acd549e92","slug":"dengue-sting-will-be-investigated-insect-scientists-of-health-department-caught-55-mosquitoes-from-village-kalsana-biological-test-will-be-done-kurukshetra-news-knl869204100","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू के डंक की होगी जांच: स्वास्थ्य विभाग के कीट वैज्ञानिकों ने गांव कलसाना से पकड़े 55 मच्छर, होगा जैविक परीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू के डंक की होगी जांच: स्वास्थ्य विभाग के कीट वैज्ञानिकों ने गांव कलसाना से पकड़े 55 मच्छर, होगा जैविक परीक्षण
विज्ञापन
जिले में बेकाबू हुए डेंगू के डंक के बाद अब स्वास्थ्य विभाग मच्छरों का जैविक परीक्षण कराएगा। डेंगू के घातक डंक का कारण जानने के लिए सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय यमुनानगर से कीट वैज्ञानिकों की विशेष टीम गांव कलसाना में पहुंची। यहां टीम प्रभारी डॉ. अमिता बुद्धिराजा की अगुवाई में कीट वैज्ञानिक एवं कीट संग्रहक दीपक कुमार व विजेंद्र सिंह की टीम ने 28 घरों में दस्तक देकर लारवा की जांच की और 55 से अधिक मच्छरों को पकड़ा। विशेषज्ञों द्वारा इन मच्छरों का जैविक परीक्षण किया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि क्या मादा एडीज इजिप्टी मच्छर ही है या फिर कोई और प्रजाति है ? बताया गया कि आगामी एक दो दिन तक ही जिला स्वास्थ्य विभाग को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
बता दें कि सोमवार को जिलेभर में आठ नए डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 82 मरीजों को डेंगू की पुष्टि की गई है। शाहाबाद के गांव कलसाना में 20 सितंबर से अब तक 37 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों की टीम के साथ जिला मलेरिया कार्यालय से स्वास्थ्य निरीक्षक मंजीत भोला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झांसा से डॉ. सुदेश कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक एमपीएचडब्ल्यू विकास कुमार, पीएचसी कलसाना से इंद्रजीत सिंह व आशीष कुमार, आशा वर्कर अमरजीत कौर, सरोज बाला और हरदीप कौर उपस्थित रही।
केयू हेल्थ सेंटर के फिजिशियन डॉ. आशीष अनेजा का कहना है कि मच्छर के काटे जाने के करीब 35 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है। अगर तेज बुखार, जोड़ों में तेज दर्द या शरीर पर रैशेज हों तो पहले दिन ही डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए। अगर लक्षण नहीं हैं, पर तेज बुखार बना रहता है तो भी 1-2 दिन के इंतजार के बाद चिकित्सक के पास जरूर जाएं। डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस-1) किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है, जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिटिविटी कम होने लगती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि सोमवार को जिलेभर में आठ नए डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 82 मरीजों को डेंगू की पुष्टि की गई है। शाहाबाद के गांव कलसाना में 20 सितंबर से अब तक 37 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों की टीम के साथ जिला मलेरिया कार्यालय से स्वास्थ्य निरीक्षक मंजीत भोला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झांसा से डॉ. सुदेश कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक एमपीएचडब्ल्यू विकास कुमार, पीएचसी कलसाना से इंद्रजीत सिंह व आशीष कुमार, आशा वर्कर अमरजीत कौर, सरोज बाला और हरदीप कौर उपस्थित रही।
विज्ञापन
केयू हेल्थ सेंटर के फिजिशियन डॉ. आशीष अनेजा का कहना है कि मच्छर के काटे जाने के करीब 35 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है। अगर तेज बुखार, जोड़ों में तेज दर्द या शरीर पर रैशेज हों तो पहले दिन ही डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए। अगर लक्षण नहीं हैं, पर तेज बुखार बना रहता है तो भी 1-2 दिन के इंतजार के बाद चिकित्सक के पास जरूर जाएं। डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस-1) किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है, जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिटिविटी कम होने लगती है।
विज्ञापन