{"_id":"632239d4b0a4880e757258f2","slug":"dengue-department-increased-vigilance-teams-landed-in-the-field-kurukshetra-kurukshetra-news-knl121164240","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू ः विभाग ने बढ़ाई सतर्कता, फील्ड में उतरीं टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू ः विभाग ने बढ़ाई सतर्कता, फील्ड में उतरीं टीमें
विज्ञापन
पानी में लारवा की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले में डेंगू बुखार फैलने से प्रशासन में खलबली मच गई है। एक ओर जहां डेंगू पीड़ित 10 मरीज मिल चुके हैं तो वहीं 450 से ज्यादा संदिग्ध भी सामने आए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और सिविल अस्पताल में डेंगू वार्ड स्थापित किया गया है। लारवा जांच के लिए टीमें फील्ड में उतार दी है। अब तक 8465 घरों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 953 में लारवा मिल चुका है।
अब जिला उपायुक्त भी खुद निगरानी कर रहे हैं। उपायुक्त ने दस दिन में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर गंभीरता से कार्य करने के आदेश दिए हैं। पिछले वर्ष डेंगू बुखार के 129 मामले सामने आए थे।
उपायुक्त शांतनु शर्मा बुधवार को देर शाम डेंगू व मलेरिया बुखार की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक भी ली और सीएमओ डा. सुखबीर सिंह से पिछले साल और इस साल के डेंगू व मलेरिया केसों के आंकड़ों के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अलावा संबंधित विभागों की ओर से इन बीमारियों की रोकथाम के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहकर शहर के सभी वार्डों और गांव-गांव में जाकर डेंगू बुखार के लक्षणों और मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सरल उपाय लोगों को बताने होंगे। इसके लिए जागरूकता शिविर लगाने के साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी की गई गाइड लाइन के बारे में जानकारी देनी होगी।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील जगहों पर खासकर जहां कोई पॉजिटिव केस मिलता है उन जगहों पर फॉगिंग करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि एसडीएम एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में एसएमओ, एमओ, एएनएम, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर के साथ-साथ अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करने के निर्देश देंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी
सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि तेज बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सा अधिकारी की सलाह लें। बुखार से राहत पाने के लिये पानी की पट्टी रखें अथवा पैरासिटामाल की गोली ले। अन्य किसी भी दवाई का उपयोग अपने आप से न करें। नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस लस्सी इत्यादि पीयें और खाने में खिचड़ी, दाल, दलिया, लौकी की सब्जी इत्यादि खाए। डेंगू की पुष्टि होने पर जल्द ही प्लेटलेट्स काउंट करवाएं। प्लेटलेट काउंट एक लाख से कम आए तुरंत अपने नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में चेक करवाएं।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिले में डेंगू बुखार फैलने से प्रशासन में खलबली मच गई है। एक ओर जहां डेंगू पीड़ित 10 मरीज मिल चुके हैं तो वहीं 450 से ज्यादा संदिग्ध भी सामने आए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और सिविल अस्पताल में डेंगू वार्ड स्थापित किया गया है। लारवा जांच के लिए टीमें फील्ड में उतार दी है। अब तक 8465 घरों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 953 में लारवा मिल चुका है।
अब जिला उपायुक्त भी खुद निगरानी कर रहे हैं। उपायुक्त ने दस दिन में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर गंभीरता से कार्य करने के आदेश दिए हैं। पिछले वर्ष डेंगू बुखार के 129 मामले सामने आए थे।
विज्ञापन
उपायुक्त शांतनु शर्मा बुधवार को देर शाम डेंगू व मलेरिया बुखार की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक भी ली और सीएमओ डा. सुखबीर सिंह से पिछले साल और इस साल के डेंगू व मलेरिया केसों के आंकड़ों के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अलावा संबंधित विभागों की ओर से इन बीमारियों की रोकथाम के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहकर शहर के सभी वार्डों और गांव-गांव में जाकर डेंगू बुखार के लक्षणों और मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सरल उपाय लोगों को बताने होंगे। इसके लिए जागरूकता शिविर लगाने के साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी की गई गाइड लाइन के बारे में जानकारी देनी होगी।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील जगहों पर खासकर जहां कोई पॉजिटिव केस मिलता है उन जगहों पर फॉगिंग करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि एसडीएम एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में एसएमओ, एमओ, एएनएम, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर के साथ-साथ अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करने के निर्देश देंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी
सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि तेज बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सा अधिकारी की सलाह लें। बुखार से राहत पाने के लिये पानी की पट्टी रखें अथवा पैरासिटामाल की गोली ले। अन्य किसी भी दवाई का उपयोग अपने आप से न करें। नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस लस्सी इत्यादि पीयें और खाने में खिचड़ी, दाल, दलिया, लौकी की सब्जी इत्यादि खाए। डेंगू की पुष्टि होने पर जल्द ही प्लेटलेट्स काउंट करवाएं। प्लेटलेट काउंट एक लाख से कम आए तुरंत अपने नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में चेक करवाएं।

लारवा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद- फोटो : Kurukshetra

अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त शांतनु शर्मा। संवाद- फोटो : Kurukshetra