{"_id":"615b5bda8ebc3eab7c7ed348","slug":"dengue-cases-not-stopping-four-new-patients-found-kurukshetra-news-knl854580132","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं थम रहा डेंगू पॉजिटिव केस मिलने का सिलसिला, मिले चार नए डेंगू पॉजिटिव केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं थम रहा डेंगू पॉजिटिव केस मिलने का सिलसिला, मिले चार नए डेंगू पॉजिटिव केस
विज्ञापन
कोरोना वायरस के बाद जिले में अब डेंगू पॉजिटिव मरीज मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को भी जिलेभर में अलग-अलग जगह से चार नए डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 180 से अधिक संदिग्ध डेंगू पॉजिटिव मरीजों की जांच कर चुका है। इनमें से 28 मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है लगातार बढ़ रहे डेंगू पॉजिटिव केसों ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी है। शाहाबाद के गांव कलसाना के अलावा गांव कसेरला, सेक्टर-5 कुरुक्षेत्र, पटेल नगर, सिरसला व रामशरण माजरा सहित कई अन्य क्षेत्र भी डेंगू की जद में आ चुके हैं। जहां-जहां डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम एंटी लार्वा गतिविधि चल रही है। साथ ही जहां-जहां लार्वा पनपता हुआ मिल रहा है, वहां दवा का छिड़काव कर लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू के शुरुआती लक्षण फ्लू की तरह होते हैं, जिसके कारण अक्सर लोग इसे पहचान नहीं पाते हैं। आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के चार से 10 दिनों के बाद इसके लक्षण दिखने लगते हैं। डेंगू में तेज बुखार होता है, समय के साथ इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं। डेंगू में लोगों को इस तरह के लक्षण भी हो सकते हैं। डेंगू के शिकार ज्यादातर लोग एक या दो सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं। कुछ मामलों में गंभीर लक्षणों की स्थिति और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण यह जानलेवा भी हो सकती है। पेट में गंभीर दर्द, लगातार उल्टी आना, मूत्र-मल या उल्टी से खून आने जैसे लक्षण गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. कुलदीप राज का कहना है कि शाहाबाद के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में आज तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। अगर ऐसा कोई मरीज आता है तो उसके लिए अस्पताल में प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया गया है, जिसमें फॉगिंग करना, ड्राई डे मनाना तथा घरों की जांच करना एवं सैंपल लेना शामिल है। शाहाबाद के प्रमुख अस्पताल के डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. सतीश गर्ग, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भास्कर गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि कस्बे में डेंगू की स्थिति चिंताजनक है। डॉ. सतीश गर्ग का कहना है कि डेंगू के साथ ही टाइफाइड, वायरल व उल्टी दस्त के मामले भी आ रहे हैं। पिछले 3 दिन में डेंगू ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ी है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा का कहना है कि डेंगू को कंट्रोल करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जांच और अन्य कई तरह की गतिविधियां चला रहा है। उनका कहना है कि डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। मच्छरों से बचने के प्रयास करें, डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक काटते हैं। पूरी आस्तीन वाले कपड़ों को पहनें। डेंगू के मच्छर आम तौर पर स्थिर और साफ पानी में प्रजनन करते हैं, इसलिए मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए पानी एकत्रित न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कंटेनर, फूलदान, कूलर आदि से पानी निकालकर उन्हें साफ जरूर कर लें। इस तरह के बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर डेंगू के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. कुलदीप राज का कहना है कि शाहाबाद के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में आज तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। अगर ऐसा कोई मरीज आता है तो उसके लिए अस्पताल में प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया गया है, जिसमें फॉगिंग करना, ड्राई डे मनाना तथा घरों की जांच करना एवं सैंपल लेना शामिल है। शाहाबाद के प्रमुख अस्पताल के डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. सतीश गर्ग, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भास्कर गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि कस्बे में डेंगू की स्थिति चिंताजनक है। डॉ. सतीश गर्ग का कहना है कि डेंगू के साथ ही टाइफाइड, वायरल व उल्टी दस्त के मामले भी आ रहे हैं। पिछले 3 दिन में डेंगू ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ी है।
विज्ञापन
जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा का कहना है कि डेंगू को कंट्रोल करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जांच और अन्य कई तरह की गतिविधियां चला रहा है। उनका कहना है कि डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। मच्छरों से बचने के प्रयास करें, डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक काटते हैं। पूरी आस्तीन वाले कपड़ों को पहनें। डेंगू के मच्छर आम तौर पर स्थिर और साफ पानी में प्रजनन करते हैं, इसलिए मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए पानी एकत्रित न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कंटेनर, फूलदान, कूलर आदि से पानी निकालकर उन्हें साफ जरूर कर लें। इस तरह के बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर डेंगू के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है।
विज्ञापन