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Kurukshetra News: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव जल्द कराए जाने की मांग
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव जल्द कराए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। सिख नेता दीदार सिंह नलवी व जगदीश सिंह झींडा के बाद अब एडहॉक कमेटी ने भी यह मांग उठाई है। वहीं सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग भी तैयारी में जुटा है तो चुनाव अगले माह के अंतिम सप्ताह तक कराए जाने की चर्चाएं हैं।
प्रदेश सरकार ने एडहॉक कमेटी का कार्यकाल लगातार दूसरी बार बढ़ाया था तो भूपिंद्र सिंह असंध को भी लगातार दूसरी बार प्रधान बनने का मौका मिला था। हालांकि अभी उनका कहना है कि कमेटी गुरुघरों का प्रबंधन सुचारू रूप से संभाले हुए हैं जबकि सिख नेता दीदार सिंह नलवी व जगदीश सिंह झींडा कई तरह के आरोप लगा चुके हैं। एक सप्ताह पहले भी इन दोनों नेताओं ने अपने-अपने संगठनों की कोर कमेटी के साथ कुरुक्षेत्र में ही अलग-अलग जगहों पर बैठकें की थीं, जिसमें भी उन्होंने प्रदेश सरकार से एचएसजीएमसी के चुनाव जल्द कराए जाने की मांग उठाई थी। यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने व जल्द चुनाव न कराए जाने पर झींडा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए जाने की भी चेतावनी दी थी।
सिखों का राजनीतिक कद बढ़ाने में एचएसजीएमसी का चुनाव होगा अहम
एचएसजीएमसी प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने भी रविवार को बयान जारी कर प्रदेश की भाजपा सरकार से संस्था के चुनाव करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिलने के बाद गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल करने वाली कमेटी का पहला चुनाव काफी अहम होगा। हरियाणा के सिखों को राजनीतिक स्तर पर अपनी ताकत दर्शाने का यह सुनहरा अवसर मिलेगा और इससे प्रदेश के सिखों का राजनीतिक कद भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संगत के साथ-साथ संस्था के पदाधिकारी भी इस मांग को कई बार उठा चुके हैं। अजराना ने सिख संगत से अपील की कि सभी मिलकर अपना वोट बनवाएं ताकि चुनाव में सिखों की राजनैतिक ताकत का सभी को पता चल सके। ये चुनाव भले ही धार्मिक संस्था के हैं, मगर इसका राजनीति में भी काफी महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिए अमृत धारी सिखों को अपना वोट बनवाना चाहिए।
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जिला उपायुक्तों को भेजा पत्र
उधर सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग की ओर से प्रदेश के उपायुक्तों को पिछले माह में ही पत्र जारी कर निर्देश दिए गए थे, जिसमें कहा गया था कि अपने-अपने जिला स्तर पर निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए जाएं, ताकि चुनाव से संबंधित दस्तावेज संबंधित लोग जमा करवा सकें और चुनावी गतिविधियों को बढ़ाया जा सके।
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प्रदेश सरकार ने एडहॉक कमेटी का कार्यकाल लगातार दूसरी बार बढ़ाया था तो भूपिंद्र सिंह असंध को भी लगातार दूसरी बार प्रधान बनने का मौका मिला था। हालांकि अभी उनका कहना है कि कमेटी गुरुघरों का प्रबंधन सुचारू रूप से संभाले हुए हैं जबकि सिख नेता दीदार सिंह नलवी व जगदीश सिंह झींडा कई तरह के आरोप लगा चुके हैं। एक सप्ताह पहले भी इन दोनों नेताओं ने अपने-अपने संगठनों की कोर कमेटी के साथ कुरुक्षेत्र में ही अलग-अलग जगहों पर बैठकें की थीं, जिसमें भी उन्होंने प्रदेश सरकार से एचएसजीएमसी के चुनाव जल्द कराए जाने की मांग उठाई थी। यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने व जल्द चुनाव न कराए जाने पर झींडा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए जाने की भी चेतावनी दी थी।
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सिखों का राजनीतिक कद बढ़ाने में एचएसजीएमसी का चुनाव होगा अहम
एचएसजीएमसी प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने भी रविवार को बयान जारी कर प्रदेश की भाजपा सरकार से संस्था के चुनाव करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिलने के बाद गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल करने वाली कमेटी का पहला चुनाव काफी अहम होगा। हरियाणा के सिखों को राजनीतिक स्तर पर अपनी ताकत दर्शाने का यह सुनहरा अवसर मिलेगा और इससे प्रदेश के सिखों का राजनीतिक कद भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संगत के साथ-साथ संस्था के पदाधिकारी भी इस मांग को कई बार उठा चुके हैं। अजराना ने सिख संगत से अपील की कि सभी मिलकर अपना वोट बनवाएं ताकि चुनाव में सिखों की राजनैतिक ताकत का सभी को पता चल सके। ये चुनाव भले ही धार्मिक संस्था के हैं, मगर इसका राजनीति में भी काफी महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिए अमृत धारी सिखों को अपना वोट बनवाना चाहिए।
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जिला उपायुक्तों को भेजा पत्र
उधर सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग की ओर से प्रदेश के उपायुक्तों को पिछले माह में ही पत्र जारी कर निर्देश दिए गए थे, जिसमें कहा गया था कि अपने-अपने जिला स्तर पर निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए जाएं, ताकि चुनाव से संबंधित दस्तावेज संबंधित लोग जमा करवा सकें और चुनावी गतिविधियों को बढ़ाया जा सके।