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Kurukshetra News: पारंपरिक योग में दीपक गाबा और हिमांशी ने बाजी मारी
Mon, 04 Aug 2025 02:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 04 Aug 2025 02:55 AM IST
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कुरुक्षेत्र। जिला योगासन खेल संघ कुरुक्षेत्र की ओर से पांचवीं जिला योगासन चैंपियनशिप का आयोजन रविवार को महिला थाना सेक्टर-आठ के सामने स्थित श्री अखंड गीता पीठ में किया गया। इसका शुभारंभ पीठाध्यक्ष स्वामी डॉ. शाश्वतानंद गिरी ने किया ।
इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने प्रतिभा दिखाई। इस दौरान 28 से 35 वर्ष की श्रेणी में दीपक गाबा और हिमांशी ने पारंपरिक योग में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रायसिंह और शैलजा दूसरे स्थान पर रहे। इसी प्रकार 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग में बाला देवी और राजेंद्र कुमार ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रचना दूसरे स्थान पर रहीं।
वरिष्ठ उप प्रधान गुलशन कुमार ग्रोवर ने बताया कि विभिन्न योग विधाओं में भी प्रतिभागियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
फारवर्ड बेंड में रचना और कमल किशोर पहले स्थान पर रहे, बैकवर्ड बेंड में बाला देवी और कर्मवीर को प्रथम स्थान मिला। लेग बैलेंस में कमल किशोर, हैंड बैलेंस में भीम सिंह, ट्विस्टिंग बॉडी में सविता और भीम सिंह तथा स्पाइन योग में कर्मवीर ने पहला स्थान हासिल किया। 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग की पारंपरिक योग प्रतिस्पर्धा में रविंद्र कुमार कौशिक और सरिता रोशा प्रथम, सुरेश कुमार द्वितीय व रमेश कुमार तृतीय स्थान पर रहे। फारवर्ड और बैकवर्ड बेंड में सुरेश कुमार और सरिता रोशा पहले स्थान पर रहे, जबकि ट्विस्टिंग बॉडी में जगतार सिंह और सविता, लेग बैलेंस में जगतार सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के आयोजन में आयुष विभाग के योग सहायक एवं विद्यालयों के डीपीई और पीटीआई का विशेष योगदान रहा। विजेताओं को सोमवार को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। चैंपियनशिप के दूसरे दिन 10 से 28 वर्ष के तीन आयु वर्गों में कुल 10 योग विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें जिलेभर से युवा खिलाड़ी भाग लेंगे। अतिथि स्वामी शाश्वतानंद गिरी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक योगः कर्मसु कौशलम् और योगश्चित्त वृत्ति निरोधः के माध्यम से खिलाड़ियों और अतिथियों को योग के वास्तविक अर्थ और उसके जीवन में महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने सनातन धर्म, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष रूप से बल दिया। संवाद
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इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने प्रतिभा दिखाई। इस दौरान 28 से 35 वर्ष की श्रेणी में दीपक गाबा और हिमांशी ने पारंपरिक योग में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रायसिंह और शैलजा दूसरे स्थान पर रहे। इसी प्रकार 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग में बाला देवी और राजेंद्र कुमार ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रचना दूसरे स्थान पर रहीं।
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वरिष्ठ उप प्रधान गुलशन कुमार ग्रोवर ने बताया कि विभिन्न योग विधाओं में भी प्रतिभागियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
फारवर्ड बेंड में रचना और कमल किशोर पहले स्थान पर रहे, बैकवर्ड बेंड में बाला देवी और कर्मवीर को प्रथम स्थान मिला। लेग बैलेंस में कमल किशोर, हैंड बैलेंस में भीम सिंह, ट्विस्टिंग बॉडी में सविता और भीम सिंह तथा स्पाइन योग में कर्मवीर ने पहला स्थान हासिल किया। 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग की पारंपरिक योग प्रतिस्पर्धा में रविंद्र कुमार कौशिक और सरिता रोशा प्रथम, सुरेश कुमार द्वितीय व रमेश कुमार तृतीय स्थान पर रहे। फारवर्ड और बैकवर्ड बेंड में सुरेश कुमार और सरिता रोशा पहले स्थान पर रहे, जबकि ट्विस्टिंग बॉडी में जगतार सिंह और सविता, लेग बैलेंस में जगतार सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के आयोजन में आयुष विभाग के योग सहायक एवं विद्यालयों के डीपीई और पीटीआई का विशेष योगदान रहा। विजेताओं को सोमवार को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। चैंपियनशिप के दूसरे दिन 10 से 28 वर्ष के तीन आयु वर्गों में कुल 10 योग विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें जिलेभर से युवा खिलाड़ी भाग लेंगे। अतिथि स्वामी शाश्वतानंद गिरी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक योगः कर्मसु कौशलम् और योगश्चित्त वृत्ति निरोधः के माध्यम से खिलाड़ियों और अतिथियों को योग के वास्तविक अर्थ और उसके जीवन में महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने सनातन धर्म, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष रूप से बल दिया। संवाद
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