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Kurukshetra News: पहलवानों को समर्थन देने का एलान
Wed, 10 May 2023 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 10 May 2023 01:48 AM IST
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शाहाबाद। सरपंच वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक विश्राम गृह में हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान सुखदीप सिंह मोहड़ी एवं एसोसिएशन के संरक्षक एडवोकेट विक्रम सिंह अटवान ने की। बैठक में धरना-प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को सरपंच एसोसिएशन ने समर्थन दिया और कहा गया कि वह इस लड़ाई में पहलवानों के साथ हैं।
प्रधान सुखदीप सिंह मोहड़ी तथा एसोसिएशन के संरक्षक एडवोकेट व अटवान के सरपंच विक्रम अटवान ने दोहराया कि पिछले लगभग चार माह से अपनी मांगों के समर्थन में सरपंचों का रोष जारी है और सरपंच अपनी मांगों पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय है कि सरपंच, पंच 30 मई को जींद में प्रस्तावित राज्यस्तरीय सरपंच रैली में भाग लेकर अपनी एकजुटता व शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट को पूर्ण व मूल रूप से लागू करे सरकार, ई-टैंडरिंग व राईट टू रिकाल करने का सरपंच पूर्णतया विरोध करते हैं, सरकार इन्हें वापिस ले। सरपंच नेताओं ने मांग की है कि सरकार उनका मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति मास करे। राइट-टू-रिकाल का जहां तक संंबंध है पहले यह नियम सांसदों व विधायकों व अन्य निर्वाचित होकर आने वाले जन प्रतिनिधियों पर भी लागू करे।
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विक्रम सिंह अटवान ने कहा कि सरकार ने सबका साथ सबका विकास पर चलने की नीति को भुला दिया है और जनसंवाद कार्यक्रम के तहत छोटे व उपेक्षित गांवों से दूरी ही बनाकर रखी गई है। इस अवसर पर एसोसिएशन के उपप्रधान कुलविंद्र ढकाला, गुरदीप यारी, रणजीत त्यौड़ी, हरप्रीत रायपुर, सतीश संभालखी, अरविंद सैदपुर, मदन सैनी सुरखपुर, रोबिन शहजादपुर पट्टी, सुखवंत गौरीपुर, रणदीप दाऊमाजरा, कुलबीर लाडी, सचिन तंगौर आदि मौजूद थे।
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प्रधान सुखदीप सिंह मोहड़ी तथा एसोसिएशन के संरक्षक एडवोकेट व अटवान के सरपंच विक्रम अटवान ने दोहराया कि पिछले लगभग चार माह से अपनी मांगों के समर्थन में सरपंचों का रोष जारी है और सरपंच अपनी मांगों पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय है कि सरपंच, पंच 30 मई को जींद में प्रस्तावित राज्यस्तरीय सरपंच रैली में भाग लेकर अपनी एकजुटता व शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट को पूर्ण व मूल रूप से लागू करे सरकार, ई-टैंडरिंग व राईट टू रिकाल करने का सरपंच पूर्णतया विरोध करते हैं, सरकार इन्हें वापिस ले। सरपंच नेताओं ने मांग की है कि सरकार उनका मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति मास करे। राइट-टू-रिकाल का जहां तक संंबंध है पहले यह नियम सांसदों व विधायकों व अन्य निर्वाचित होकर आने वाले जन प्रतिनिधियों पर भी लागू करे।
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विक्रम सिंह अटवान ने कहा कि सरकार ने सबका साथ सबका विकास पर चलने की नीति को भुला दिया है और जनसंवाद कार्यक्रम के तहत छोटे व उपेक्षित गांवों से दूरी ही बनाकर रखी गई है। इस अवसर पर एसोसिएशन के उपप्रधान कुलविंद्र ढकाला, गुरदीप यारी, रणजीत त्यौड़ी, हरप्रीत रायपुर, सतीश संभालखी, अरविंद सैदपुर, मदन सैनी सुरखपुर, रोबिन शहजादपुर पट्टी, सुखवंत गौरीपुर, रणदीप दाऊमाजरा, कुलबीर लाडी, सचिन तंगौर आदि मौजूद थे।