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कर्ज अदा करने के लिए किसानों ने मांगी अपने अंगों को बेचने की अनुमति
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:00 AM IST
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कर्ज अदा करने के लिए किसानों ने मांगी अपने अंगों को बेचने की अनुमति
- फोटो : Amar Ujala
बैंक का कर्ज अदा करने के लिए गांव धनानी निवासी किसान सौरभ सिंह व जीत सिंह ने सरकार व प्रशासन से अपने अंगों को बेचने की अनुमति मांगी है। भाकियू के नेतृत्व में एसडीएम और नायब तहसीलदार को दोनों ने बकायदा ज्ञापन भी सौंपा है। वीरवार को बैंक अधिकारियों को भी ज्ञापन की प्रति सौंपी है।
भाकियू प्रदेश कोषाध्यक्ष सुखविंद्र भूखडी ने बाबैन विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान किसानों ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और धान की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं होने पर रोष जताया। सुखविंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान की दशा दयनीय हो चुकी है।
जिसके कारण ये किसानों की जमीन बैंक कर्ज के चलते बैंकों में गिरवी रखी है। बैंक का कर्ज नहीं चुका पा रहे इन किसानों ने जमीन नीलाम करने के बजाय अपने अंग बेचने की मंजूरी मांगी है। यदि सरकार 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू करे तो किसानों को इसका लाभ मिल सकता है। इस समय प्रदेश में मोटे धान के दाम सरकार ने 1525 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए है।
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लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से आढ़ती मंडी में किसानों की धान लगभग 12-13 सौ रुपये तक खरीद रहे हैं। इससे किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस मौके पर गुरदयाल सिंह, गुरबाज सिंह, लाल सिंह, जयपाल गुढा, निर्मल सिंह, सुखविंद्र सिंह, सतनाम सिंह, हरपाल सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे।
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भाकियू प्रदेश कोषाध्यक्ष सुखविंद्र भूखडी ने बाबैन विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान किसानों ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और धान की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं होने पर रोष जताया। सुखविंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान की दशा दयनीय हो चुकी है।
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जिसके कारण ये किसानों की जमीन बैंक कर्ज के चलते बैंकों में गिरवी रखी है। बैंक का कर्ज नहीं चुका पा रहे इन किसानों ने जमीन नीलाम करने के बजाय अपने अंग बेचने की मंजूरी मांगी है। यदि सरकार 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू करे तो किसानों को इसका लाभ मिल सकता है। इस समय प्रदेश में मोटे धान के दाम सरकार ने 1525 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए है।
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लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से आढ़ती मंडी में किसानों की धान लगभग 12-13 सौ रुपये तक खरीद रहे हैं। इससे किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस मौके पर गुरदयाल सिंह, गुरबाज सिंह, लाल सिंह, जयपाल गुढा, निर्मल सिंह, सुखविंद्र सिंह, सतनाम सिंह, हरपाल सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे।