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जच्चा-बच्चा की मौत, शव चौक पर रख लगाया जाम
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पिहोवा चौक पर शव रखकर जाम लगाते परिजन। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। प्रसव के दौरान महिला और नवजात बच्ची मौत हो गई। इससे आहत परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और चौक पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरती और अंतिम समय तक उन्हें गुमराह करते रहे।
जाम की सूचना पाकर तहसीलदार प्रियंका, डीएसपी गुरमेल सिंह, थाना सदर प्रबंधक निर्मल सिंह, थाना शहर प्रबंधक राजीव कुमार और इस्माइलाबाद के एसएचओ जगदीश टामक मौके पर पहुंच गए, मगर परिवार व मोहल्ले के लोग जाम खोलने पर राजी नहीं हुए। दोपहर साढ़े तीन बजे से लेकर करीब पांच बजे तक हाईवे जाम रहा। इस दौरान पुलिस ने ट्रैफिक को बाईपास से डायवर्ट करके वाहनों को निकाला। पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महेश वासी वार्ड नंबर 11 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी पूनम सिंह (28) नौ महीने की गर्भवती थी। उसका शहर के ही एक निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल में जांच कराने के लिए गया था। वहां मौजूद एक महिला चिकित्सक ने सात तारीख तक प्रसव होना बताया था। उनके कहने पर वह सात तारीख को ही अपनी पत्नी पूनम सिंह को अस्पताल में दाखिल करा दिया।
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दोपहर करीब एक बजे महिला डॉक्टर ने उसे बताया कि उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया था, बच्ची के मुंह में पानी चला जाने से उसकी मृत्यु हो गई। वहीं उसकी पत्नी की हालत भी गंभीर है और उसे खून की कमी हो गई है। उन्होंने खून का इंतजाम कर दिया, मगर चिकित्सक ने उसकी पत्नी को खून नहीं चढ़ाया। कुछ देर बाद उसकी पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई। महिला की नाजुक हालत को देख चिकित्सक ने उसे कुरुक्षेत्र रेफर दिया, बीच रास्ते में उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया।
आरोप लगाया कि महिला चिकित्सक की लापरवाही के कारण उसकी नवजात बच्ची और पत्नी की जान गई है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सक बाहर गई हुई है, बावजूद अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने प्रसव कराने के लिए उसकी पत्नी को दाखिल कर लिया। वहीं अंतिम समय तक उनको गुमराह करते रहे। जब उसकी पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। अगर वह समय रहते ही रेफर कर देते तो उसकी पत्नी व बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर डीडीआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से महिला व नवजात के पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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पिहोवा। प्रसव के दौरान महिला और नवजात बच्ची मौत हो गई। इससे आहत परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और चौक पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरती और अंतिम समय तक उन्हें गुमराह करते रहे।
जाम की सूचना पाकर तहसीलदार प्रियंका, डीएसपी गुरमेल सिंह, थाना सदर प्रबंधक निर्मल सिंह, थाना शहर प्रबंधक राजीव कुमार और इस्माइलाबाद के एसएचओ जगदीश टामक मौके पर पहुंच गए, मगर परिवार व मोहल्ले के लोग जाम खोलने पर राजी नहीं हुए। दोपहर साढ़े तीन बजे से लेकर करीब पांच बजे तक हाईवे जाम रहा। इस दौरान पुलिस ने ट्रैफिक को बाईपास से डायवर्ट करके वाहनों को निकाला। पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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महेश वासी वार्ड नंबर 11 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी पूनम सिंह (28) नौ महीने की गर्भवती थी। उसका शहर के ही एक निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल में जांच कराने के लिए गया था। वहां मौजूद एक महिला चिकित्सक ने सात तारीख तक प्रसव होना बताया था। उनके कहने पर वह सात तारीख को ही अपनी पत्नी पूनम सिंह को अस्पताल में दाखिल करा दिया।
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दोपहर करीब एक बजे महिला डॉक्टर ने उसे बताया कि उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया था, बच्ची के मुंह में पानी चला जाने से उसकी मृत्यु हो गई। वहीं उसकी पत्नी की हालत भी गंभीर है और उसे खून की कमी हो गई है। उन्होंने खून का इंतजाम कर दिया, मगर चिकित्सक ने उसकी पत्नी को खून नहीं चढ़ाया। कुछ देर बाद उसकी पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई। महिला की नाजुक हालत को देख चिकित्सक ने उसे कुरुक्षेत्र रेफर दिया, बीच रास्ते में उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया।
आरोप लगाया कि महिला चिकित्सक की लापरवाही के कारण उसकी नवजात बच्ची और पत्नी की जान गई है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सक बाहर गई हुई है, बावजूद अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने प्रसव कराने के लिए उसकी पत्नी को दाखिल कर लिया। वहीं अंतिम समय तक उनको गुमराह करते रहे। जब उसकी पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। अगर वह समय रहते ही रेफर कर देते तो उसकी पत्नी व बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर डीडीआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से महिला व नवजात के पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।