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भारत संस्कृति यात्रा में दिखाए शास्त्रीय नृत्य
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dance
- फोटो : Kurukshetra
भारत संस्कृति यात्रा के दौरान शुक्रवार को शहर पहुंचे अंतराष्ट्रीय कलाकारों ने मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर(मैक) में कत्थक व ओडिसी नृत्यों के द्वारा अपनी प्रतिभा दिखाई। कोलकाता की हिंदुस्तान आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों ने कत्थक तथा ओडिसी नृत्यों की प्रस्तुतियां की।
कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति कत्थक नृत्य की रही, जिसमें कोलकाता से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार सुष्मिता चटर्जी ने अपनी प्रतिभा को दिखाया। प्रस्तुति से पूर्व कत्थक के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि कत्थक का संबंध कथा से है, जिसमें विभिन्न प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है। सुष्मिता चटर्जी ने शुद्ध कत्थक, तराना प्रस्तुत किया। वहीं गजल की प्रस्तुति से भरपूर वाहवाही लूटी।
इसके अलावा उड़ीसा से आए कलाकार गुरु डॉ. गजेद्र पांडा ने ओड़िसी नृत्य के माध्यम से दशावतार वर्णन किया। लगभग 65 देशों में अपनी संस्कृति का परचम लहरा चुके डॉ. पांडा व साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही प्रस्तुति में दर्शक जमकर तालियों से वाहवाही दे रहे थे। इसके बाद डॉ. शुभ्रा अरोड़ा व श्रीपर्णा चक्रवर्ती ने युगल कत्थक प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीता। शुद्ध कत्थक, सुरदास पद, कृष्ण स्तुति के साथ सावन नृत्य प्रस्तुत कर दोनों कलाकारों ने कार्यक्रम में खूब रंग जमाया। वहीं सात वर्षीय रुत अरोड़ा ने सुर ताल तराना के साथ कत्थक की ऐसी दमदार प्रस्तुति दी कि दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खूब सराहना दी।
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कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति कत्थक नृत्य की रही, जिसमें कोलकाता से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार सुष्मिता चटर्जी ने अपनी प्रतिभा को दिखाया। प्रस्तुति से पूर्व कत्थक के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि कत्थक का संबंध कथा से है, जिसमें विभिन्न प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है। सुष्मिता चटर्जी ने शुद्ध कत्थक, तराना प्रस्तुत किया। वहीं गजल की प्रस्तुति से भरपूर वाहवाही लूटी।
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इसके अलावा उड़ीसा से आए कलाकार गुरु डॉ. गजेद्र पांडा ने ओड़िसी नृत्य के माध्यम से दशावतार वर्णन किया। लगभग 65 देशों में अपनी संस्कृति का परचम लहरा चुके डॉ. पांडा व साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही प्रस्तुति में दर्शक जमकर तालियों से वाहवाही दे रहे थे। इसके बाद डॉ. शुभ्रा अरोड़ा व श्रीपर्णा चक्रवर्ती ने युगल कत्थक प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीता। शुद्ध कत्थक, सुरदास पद, कृष्ण स्तुति के साथ सावन नृत्य प्रस्तुत कर दोनों कलाकारों ने कार्यक्रम में खूब रंग जमाया। वहीं सात वर्षीय रुत अरोड़ा ने सुर ताल तराना के साथ कत्थक की ऐसी दमदार प्रस्तुति दी कि दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खूब सराहना दी।
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