12 दिन में बाजार को लगा 24 करोड़ का फटका
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद धर्मनगरी के बाजारों में एकाएक मायूसी छा गई थी। दुकानदारों को ग्राहक ढूंढे नहीं मिल रहे थे तो वही न के बराबर आते रहे ग्राहकों के हाथों में 500 व एक हजार के नोटों को देख दुकानदार उन्हें दूर से ही नकारते रहे। ऐसे में आठ नवंबर को हुई इस घोषणा के बाद 12 दिन के दौरान ही बाजार को लगभग 24 करोड़ का फटका लग चुका है। सबसे अधिक असर ऑटो मोबाइल, कपड़ा व इलेक्ट्रॉनिक बाजार पर पड़ा है। हालांकि करियाणा बाजार भी बेहद प्रभावित माना जा रहा है, लेकिन होटल से लेकर दूसरे व्यवसायों पर भी पूरा असर पड़ा है।
शहर के विभिन्न बाजारों में दुकान चला रहे दुकान चला रहे दुकानदारों व व्यापारिक लोगों की मानें तो धर्मनगरी के विभिन्न बाजारों में हर रोज करीब 2 करोड़ रुपये की खरीददारी होती है। नोटबंदी के बाद यह खरीददारी महज 10 फीसदी तक सिमट गई थी। सूने बाजारों को देख दुकानदारों के चेहरों पर भी उदासी छाने लगी थी तो वहीं लोगों को हर रोज की जरूरत के सामान के लिए भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब बैंकों में नई करेंसी आने के बाद बाजारों में कुछ रौनक होने की उम्मीद जताई जाने लगी है। दुकानदारों की मानें तो पिछले दो दिनों से बाजार पटरी पर आता दिखाई पड़ने लगा है और अगले कुछ दिनों तक पहले की तरह बाजारों में चहल-पहल दिखाई पड़ने लगेगी।
परेशानी झेलकर भी लोग निर्णय को बता रहे सही : गांधी
कुरुक्षेत्र व्यापार मंडल के प्रधान फतेह चंद गांधी का कहना है कि यहां करीब हर रोज 2 करोड़ का कारोबार होता है, लेकिन नोटबंदी का इस पर भारी असर पड़ा है। दुकानदार से लेकर ग्राहकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद सभी सरकार के इस कदम को सही ठहरा रहे हैं। हर किसी की जुबान से यही निकल रहा है कि अगले कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा और सरकार ने जो निर्णय लिया है, वह बेहद जरूरी था। उनका कहना है कि अब बाजार में कुछ रौनक बढ़ने की उम्मीद है। दो दिनों से बाजारों में ग्राहकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
दुकान ठप हुई, लेकिन कोई गम नहीं : मनोहर
रेलवे रोड पर आहूजा जनरल स्टोर चला रहे मनोहर लाल का कहना है कि नोटबंदी से उनकी दुकान तो कई दिनों के लिए ठप सी हो गई, लेकिन उन्हें कोई गम नहीं है। यह आने वाले अच्छे दिनों का संकेत है। कुछ दिनों की परेशानी के बाद फिर से वही दुकानदारी शुरू हो जाएगी और पिछले दो दिनों से इसमें अंतर भी दिखाई पड़ने लगा है।
कैश में बिकने वाले वाहनों में आई कमी : सिंगला
होंडा डीलर विनोद सिंगला का कहना है कि नोटबंदी के बाद वाहनों की बिक्री पर असर पड़ा है। कैश में बिकने वाले वाहनों में भारी कमी आई है, लेकिन जो गाड़ियां बिकी, वह चैक से ही बेची गई। हालांकि चैक से खरीददारी आसान व सुविधाजनक है, लेकिन बड़ी संख्या में कैश से ही वाहन खरीदने वाले लोग भी है। अब बड़े नोट आ जाने केे बाद फिर से कैश में गाड़ी खरीदी जाने लगी है।
बाजार में फैली ब्लैक में नोट बदलने की अफवाह
धर्मनगरी में पिछले कई दिनों से ब्लैक में नोट बदले जाने की अफवाह फैली हुई है। जिसके अनुसार एक हजार के पुराने 300 व एक हजार के नोट के बदले छोटे नोट 800 रुपये तक दिए जा रहे है। हालांकि प्रशासन के कई विभाग इस पर नजरें टिकाए हुए है और जिले में अभी तक एक भी ऐसा मामला पकड़ में नहीं आया है, लेकिन आम दुकानदार से लेकर अन्य लोग भी यह बात खुले तौर पर स्वीकार कर रहा है। अब पेट्रोल पंप संचालकों पर भी इस प्रकार के आरोप लगाए जाने लगे है।