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Kurukshetra News: प्रदर्शनी में दिखाई चकमा जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में तीन दिवसीय सामूहिक कला प्रदर्शनी अनहद का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार ने किया। एशा चकमा चित्रकला के माध्यम से चकमा जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर को चित्रित कर रही है।
उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि कला केवल एक माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है। अनहद प्रदर्शनी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि छात्र कला के क्षेत्र में प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अग्रसर हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में विभाग के तीन विद्यार्थी विभू त्यागी, कुमुद और एशा चकमा की कला को प्रदर्शित किया गया है। इन छात्रों ने कला के माध्यम से न केवल अपनी व्यक्तिगत सोच को व्यक्त किया है, बल्कि इस क्षेत्र में अपनी आगामी यात्रा की शुरुआत भी की है।
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छात्र विभू त्यागी की पेंटिंग्स खुद के व्यक्तिगत दृष्टिकोण और चेतना पर आधारित हैं। कुमुद ने पेंटिंग्स में उनके बचपन की धुंधली यादों को प्रदर्शित किया है। इस मौके पर डॉ. पवन कुमार, डॉ. राकेश बानी व डॉ. मोनिका गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि कला केवल एक माध्यम नहीं, बल्कि विचारों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है। अनहद प्रदर्शनी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि छात्र कला के क्षेत्र में प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अग्रसर हैं।
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विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में विभाग के तीन विद्यार्थी विभू त्यागी, कुमुद और एशा चकमा की कला को प्रदर्शित किया गया है। इन छात्रों ने कला के माध्यम से न केवल अपनी व्यक्तिगत सोच को व्यक्त किया है, बल्कि इस क्षेत्र में अपनी आगामी यात्रा की शुरुआत भी की है।
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छात्र विभू त्यागी की पेंटिंग्स खुद के व्यक्तिगत दृष्टिकोण और चेतना पर आधारित हैं। कुमुद ने पेंटिंग्स में उनके बचपन की धुंधली यादों को प्रदर्शित किया है। इस मौके पर डॉ. पवन कुमार, डॉ. राकेश बानी व डॉ. मोनिका गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।