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Kurukshetra News: पकड़ में नहीं आ रहा मगरमच्छ, वन्य प्राणी विभाग व गोताखोरों ने रात को लगाया तालाब पर पहरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2024 05:35 AM IST
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Crocodile not being caught, wildlife department and divers guarded the pond at night
कुरुक्षेत्र। पवन कुमार।
कुरुक्षेत्र। बिशनगढ़ गांव के तालाब से छह फुट लंबे मगरमच्छ को पकड़ने का अभियान दूसरे दिन भी चलता रहा। वन्य प्राणी विभाग और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने रातभर तालाब के किनारों पर पहरा लगाया। दिन में टीम ने संयुक्त रूप से तालाब में मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया, मगर तालाब में पानी का स्तर ज्यादा होने की वजह से टीम ने तालाब से और पानी कम करने का निर्णय लिया। इसलिए टीम को आज रविवार सुबह तक दोबारा तालाब के पास ही पहरा लगाना पड़ेगा।
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उल्लेखनीय है कि यह मगरमच्छ पिछले करीब एक साल से गांव के तालाब में छिपा हुआ है। यह मगरमच्छ पिछले साल आई बाढ़ के साथ गांव के तालाब में पहुंच गया था। पहली बार तालाब में मगरमच्छ देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़ने के लिए प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उसकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और मगरमच्छ को पकड़ने का भी कोई प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक साल की अवधि के दौरान मगरमच्छ और खतरनाक हो चुका है। तालाब से मगरमच्छ अपने लिए मछली और अन्य जीवों का शिकार कर रहा है। उनको यह भी डर सता रहा है कि तालाब से उसका भोजन खत्म होने पर बाहर आकर वह किसी पर भी हमला कर सकता है। इससे पूरे गांव में डर का माहौल है और कोई भी तालाब की ओर से आने से घबराता है।
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कई बार खेतों में पड़ा दिखा : पवन
पवन कुमार ने बताया कि भरपूर खुराक मिलने से मगरमच्छ काफी बड़ा हो चुका है। कई बार उसे तालाब से बाहर खेतों में देखा गया है। अभी धान का सीजन चल रहा है इसलिए किसान का खेतों में आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में मगरमच्छ उनके लिए खतरा बन सकता है। रात के समय और किसानों के लिए ज्यादा समस्या है, क्योंकि घास के बीच उसका दिखना असंभव-सा है।
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दहशत में पूरा परिवार : रविंद्र
रविंद्र कुमार ने बताया कि उसका घर तालाब के पास में ही है। दिन के समय उनको मगरमच्छ का ज्यादा डर नहीं रहता, मगर शाम ढलते वे लोग घर की छत पर चले जाते हैं। घर की महिलाएं और बच्चे छत पर सोते हैं, जबकि वह नीचे के कमरे में सोते हैं। डर के कारण उनका रात को घर से बाहर निकला मुश्किल हो रहा है।



तालाब पर लगाया पहरा : प्रगट सिंह
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि वह पूरे बंदोबस्त के साथ मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। तालाब से पानी सरस्वती नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी कम होने पर उनकी टीम तालाब में उतरेगी। तब तक तालाब पर उनकी टीम और ग्रामीण पहरा लगाकर बैठे रहेंगे। कई ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि तालाब में एक नहीं बल्कि दो मगरमच्छ है। पानी का स्तर कम होने पर टीम अभियान शुरू करेगी।
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