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ुरुकुल में आत्महत्या
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:06 AM IST
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-झज्जर के माजरी वासी छात्र ने कुरुक्षेत्र गुरुकुल में किया सुसाइड
-तौलिये से रोशनदान में फंदा डालकर दिया घटना को अंजाम
-पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा,पुलिस कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 14 वर्षीय नौवीं के छात्र ने मंगलवार रात शहीद भगत सिंह छात्रावास के कमरा नंबर-91 में तौलिये से बने फंदे से लटककर जान दे दी। गुरुकुल प्रबंधन के सदस्य और वार्डन मौके पर पहुंचे और उसे शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
झज्जर के गांव माजरी वासी जतिन कुमार (14) गुरुकुल में नौवीं का छात्र था। मंगलवार रात करीब आठ बजे छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थी गुरुकुल की मेस में भोजन करने गए थे। वापस लौटे तो जतिन कुमार शहीद भगत सिंह छात्रावास के कमरा नंबर-91 में खिड़की पर तौलिये से बने फंदे पर लटका हुआ था। छात्रावास में कोहराम मच गया। गुरुकुल प्रबंधन के सदस्य उसे फंदे से उतार कर प्राइवेट अस्पताल में लाए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुकुल प्रबंधन ने घटना की सूचना जतिन के पिता शशिकुमार को दी। वे रात को ही कुरुक्षेत्र पहुंचे। इधर पुलिस ने छात्रावास के कमरे की जांच पड़ताल के बाद उसे सील कर दिया है। वहीं स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने जतिन का शव परिजनों को सौंप दिया। जतिन के अंतिम संस्कार के लिए गुरुकुल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुलवंत सैनी व स्टाफ भी झज्जर के लिए रवाना हो चुका है।
अपना पक्ष रखने को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई
हालांकि इस घटना के बाद गुरुकुल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, लेकिन बाद में स्कूल प्रबंधन और प्रमुख लोगों के जतिन के अंतिम संस्कार में जाने के निर्णय के चलते रद्द कर दी। इधर गुरुकुल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुलवंत सैनी एवं प्रिंसिपल कर्नल एके दत्ता ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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पिता मानने को तैयार नहीं सुसाइड किया जतिन ने
अपने बड़े बेटे जतिन की मौत से सदमे में डूबे शशि कुमार ने सिर्फ इतना कहा कि वह यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनके पुत्र ने सुसाइड किया है। वहीं उनसे सवाल किया गया कि क्या कभी जतिन ने गुरुकुल के बारे में कोई शिकायत की थी, तो इसके जवाब में शशि ने कहा कि जतिन ने कभी गुरुकुल के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी।
8 जुलाई को ही लौटा था गुरुकुल
शशि ने बताया कि जतिन 8 जुलाई को ही छुट्टियों के बाद गुरुकुल लौटा था। उसका जन्मदिन 7 जून को होता है। छुट्टियों में उसने गांव में ही जन्मदिन मनाया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनके पुत्र का यह आखिरी जन्मदिन साबित होगा। शशि कुमार के दो पुत्रों में जतिन बड़ा था।
2017 में खुद जतिन के कहने पर हुआ था दाखिला
चाचा राकेश कुमार व परिवार के सदस्यों ने बताया कि जतिन पढ़ाई में भी काफी अच्छा था। आठवीं कक्षा में उसके 84 प्रतिशत अंक थे। उसने ही गुरुकुल में दाखिला कराने की इच्छा जाहिर की थी। जतिन 2017 से गुरुकुल में पढ़ रहा था। हालांकि शुरुआती दौर में उसका मन नहीं लगा, लेकिन उसके बाद सब सामान्य रहा।
गुरुकुल का स्वर्णिम इतिहास
कुरुक्षेत्र गुरुकुल की जिला ही नहीं,बल्कि पूरे राज्य में खास पहचान है। यहां 18 प्रदेशों के अलावा दूसरे देशों के बच्चे अध्ययनरत हैं। गुरुकुल का 116 साल पुराना स्वर्णिम इतिहास है। इसकी स्थापना स्वामी श्रद्धानंद ने की थी। गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य देवव्रत 2015 में हिमाचल के राज्यपाल बने और इस समय वे गुरुकुल के संरक्षक हैं। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी धाक जमा चुके हैं। अभी तक 14 बच्चे एनडीए, आईआईटी, एनआईटी में जा चुके हैं। जबकि बालीवुड के प्रख्यात अभिनेता एवं खलनायक स्वर्गीय सत्येेन कप्पू गुरुकुल के पुराने विद्यार्थी रहे हैं।
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-तौलिये से रोशनदान में फंदा डालकर दिया घटना को अंजाम
-पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा,पुलिस कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 14 वर्षीय नौवीं के छात्र ने मंगलवार रात शहीद भगत सिंह छात्रावास के कमरा नंबर-91 में तौलिये से बने फंदे से लटककर जान दे दी। गुरुकुल प्रबंधन के सदस्य और वार्डन मौके पर पहुंचे और उसे शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
झज्जर के गांव माजरी वासी जतिन कुमार (14) गुरुकुल में नौवीं का छात्र था। मंगलवार रात करीब आठ बजे छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थी गुरुकुल की मेस में भोजन करने गए थे। वापस लौटे तो जतिन कुमार शहीद भगत सिंह छात्रावास के कमरा नंबर-91 में खिड़की पर तौलिये से बने फंदे पर लटका हुआ था। छात्रावास में कोहराम मच गया। गुरुकुल प्रबंधन के सदस्य उसे फंदे से उतार कर प्राइवेट अस्पताल में लाए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुकुल प्रबंधन ने घटना की सूचना जतिन के पिता शशिकुमार को दी। वे रात को ही कुरुक्षेत्र पहुंचे। इधर पुलिस ने छात्रावास के कमरे की जांच पड़ताल के बाद उसे सील कर दिया है। वहीं स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने जतिन का शव परिजनों को सौंप दिया। जतिन के अंतिम संस्कार के लिए गुरुकुल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुलवंत सैनी व स्टाफ भी झज्जर के लिए रवाना हो चुका है।
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अपना पक्ष रखने को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई
हालांकि इस घटना के बाद गुरुकुल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, लेकिन बाद में स्कूल प्रबंधन और प्रमुख लोगों के जतिन के अंतिम संस्कार में जाने के निर्णय के चलते रद्द कर दी। इधर गुरुकुल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुलवंत सैनी एवं प्रिंसिपल कर्नल एके दत्ता ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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पिता मानने को तैयार नहीं सुसाइड किया जतिन ने
अपने बड़े बेटे जतिन की मौत से सदमे में डूबे शशि कुमार ने सिर्फ इतना कहा कि वह यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनके पुत्र ने सुसाइड किया है। वहीं उनसे सवाल किया गया कि क्या कभी जतिन ने गुरुकुल के बारे में कोई शिकायत की थी, तो इसके जवाब में शशि ने कहा कि जतिन ने कभी गुरुकुल के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी।
8 जुलाई को ही लौटा था गुरुकुल
शशि ने बताया कि जतिन 8 जुलाई को ही छुट्टियों के बाद गुरुकुल लौटा था। उसका जन्मदिन 7 जून को होता है। छुट्टियों में उसने गांव में ही जन्मदिन मनाया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनके पुत्र का यह आखिरी जन्मदिन साबित होगा। शशि कुमार के दो पुत्रों में जतिन बड़ा था।
2017 में खुद जतिन के कहने पर हुआ था दाखिला
चाचा राकेश कुमार व परिवार के सदस्यों ने बताया कि जतिन पढ़ाई में भी काफी अच्छा था। आठवीं कक्षा में उसके 84 प्रतिशत अंक थे। उसने ही गुरुकुल में दाखिला कराने की इच्छा जाहिर की थी। जतिन 2017 से गुरुकुल में पढ़ रहा था। हालांकि शुरुआती दौर में उसका मन नहीं लगा, लेकिन उसके बाद सब सामान्य रहा।
गुरुकुल का स्वर्णिम इतिहास
कुरुक्षेत्र गुरुकुल की जिला ही नहीं,बल्कि पूरे राज्य में खास पहचान है। यहां 18 प्रदेशों के अलावा दूसरे देशों के बच्चे अध्ययनरत हैं। गुरुकुल का 116 साल पुराना स्वर्णिम इतिहास है। इसकी स्थापना स्वामी श्रद्धानंद ने की थी। गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य देवव्रत 2015 में हिमाचल के राज्यपाल बने और इस समय वे गुरुकुल के संरक्षक हैं। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी धाक जमा चुके हैं। अभी तक 14 बच्चे एनडीए, आईआईटी, एनआईटी में जा चुके हैं। जबकि बालीवुड के प्रख्यात अभिनेता एवं खलनायक स्वर्गीय सत्येेन कप्पू गुरुकुल के पुराने विद्यार्थी रहे हैं।