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कटरा घूमने गए थे माहिर, लक्ष्य और भविष्य
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शहर की फोर मरला कॉलोनी से बीते मंगलवार को लापता हुए तीन नाबालिग बच्चें माहिर धवन, लक्ष्य वर्मा व भविष्य तनेजा को शुक्रवार को पुलिस ने सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि वीरवार को तीनों बच्चे माता वैष्णो देवी में होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम अभिभावकों के साथ माता वैष्णो देवी के लिए रवाना हो गई थी। देर रात माता वैष्णो देवी के बाणगंगा तीर्थ पर पहुंचने पर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने तीनों बच्चों को पुलिस टीम के हवाले किया। जहां से पुलिस टीम शुक्रवार की सुबह बच्चों को लेकर पिहोवा पहुंच गई। पिहोवा आकर पुलिस ने स्थानीय सरकारी अस्पताल में उनका मेडिकल करवाने के बाद उनको चाइल्ड वेलफेयर कमेटी कुरुक्षेत्र के समक्ष पेश किया। जहां पर उनकी काउंसिलिंग करवाई गई। बच्चों ने कहा कि वह तीनों दोस्त है और अपनी मर्जी से घूमने गए थे। उन पर कोई दवाब नहीं है। काउंसिलिंग के बाद पुलिस ने बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
काबिलेगौर है कि बीते मंगलवार की शाम को फोर मरला कॉलोनी निवासी तीन नाबालिग बच्चें माहिर धवन (15), भविष्य तनेजा (13) व लक्ष्य वर्मा (13) संदिग्ध अवस्था में लापता हो गए थे। बच्चें के लापता होने की शिकायत चरणजीत सिंह ने पुलिस को दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज उनकी तलाश शुरु की थी। करीब 38 घंटे के तलाशी अभियान के बाद वीरवार सुबह करीब 8 बजे तीनों बच्चों के सही सलामत माता वैष्णो देवी में होने की सूचना मिली थी। सूचना पाकर पुलिस टीम बच्चों को लेने के लिए कटरा के लिए रवाना हुई थी। जिसके बाद शुक्रवार को तीनों बच्चों को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस ने चरणजीत सिंह की शिकायत पर धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया था। जिसे अब रद्द किया जाएगा।
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बाक्स
घूमने का प्लान बनाकर निकले थे बच्चे
सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि तीनों बच्चें आपस में अच्छे दोस्त है। दिवाली पर्व पर उनके स्कूल की छुट्टी थी। इसी के चलते तीनों बच्चों ने घूमने का प्लान बनाया और पिहोवा से बस में बैठकर पिपली पहुंच गए। जहां से उनको पिपली करनाल रूट पर चलने वाली निजी बस मिली और उसमें सवार होकर करनाल पुराने बस अड्डे तक पहुंच गए। तब वहां से थ्री-व्हीलकर में बैठकर जीटी रोड पहुंचे और बस से पानीपत बस अड्डे पर पहुंच गए। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद किसी से रेलवे स्टेशन का रास्ता पूछकर पानीपत रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां भी बच्चों ने किसी व्यक्ति से पानीपत से चलने वाली सभी ट्रेने की जानकारी हासिल की। जहां से उन्होंने जम्मू कटरा को जाने वाली ट्रेन की 175 रुपये की तीन टिकट खरीदी और करीब 11 बजे ट्रेन में बैठकर कटरा के लिए रवाना हो गए।
फिंगर प्रिंट के लिए लगे कतार में तो श्रद्धालु ने पहचान कर दी बोर्ड को सूचना
सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि कटरा पहुंचने के बाद बच्चों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन करने का प्लान बना लिया था। जिसके बाद कटरा से तीनों माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए चल दिए। बीच रास्ते बाणगंगा तीर्थ पर माता वैष्णो के दर्शन के लिए जब फिंगर करवा कर रहे थे तभी एक श्रद्धालु ने उनको पहचान लिया तथा इसकी जानकारी माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को दी। तब माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के दोकर्मचारी अरुण व विजय ने उनसे पूछताछ की।
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सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि वीरवार को तीनों बच्चे माता वैष्णो देवी में होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम अभिभावकों के साथ माता वैष्णो देवी के लिए रवाना हो गई थी। देर रात माता वैष्णो देवी के बाणगंगा तीर्थ पर पहुंचने पर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने तीनों बच्चों को पुलिस टीम के हवाले किया। जहां से पुलिस टीम शुक्रवार की सुबह बच्चों को लेकर पिहोवा पहुंच गई। पिहोवा आकर पुलिस ने स्थानीय सरकारी अस्पताल में उनका मेडिकल करवाने के बाद उनको चाइल्ड वेलफेयर कमेटी कुरुक्षेत्र के समक्ष पेश किया। जहां पर उनकी काउंसिलिंग करवाई गई। बच्चों ने कहा कि वह तीनों दोस्त है और अपनी मर्जी से घूमने गए थे। उन पर कोई दवाब नहीं है। काउंसिलिंग के बाद पुलिस ने बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
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काबिलेगौर है कि बीते मंगलवार की शाम को फोर मरला कॉलोनी निवासी तीन नाबालिग बच्चें माहिर धवन (15), भविष्य तनेजा (13) व लक्ष्य वर्मा (13) संदिग्ध अवस्था में लापता हो गए थे। बच्चें के लापता होने की शिकायत चरणजीत सिंह ने पुलिस को दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज उनकी तलाश शुरु की थी। करीब 38 घंटे के तलाशी अभियान के बाद वीरवार सुबह करीब 8 बजे तीनों बच्चों के सही सलामत माता वैष्णो देवी में होने की सूचना मिली थी। सूचना पाकर पुलिस टीम बच्चों को लेने के लिए कटरा के लिए रवाना हुई थी। जिसके बाद शुक्रवार को तीनों बच्चों को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस ने चरणजीत सिंह की शिकायत पर धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया था। जिसे अब रद्द किया जाएगा।
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घूमने का प्लान बनाकर निकले थे बच्चे
सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि तीनों बच्चें आपस में अच्छे दोस्त है। दिवाली पर्व पर उनके स्कूल की छुट्टी थी। इसी के चलते तीनों बच्चों ने घूमने का प्लान बनाया और पिहोवा से बस में बैठकर पिपली पहुंच गए। जहां से उनको पिपली करनाल रूट पर चलने वाली निजी बस मिली और उसमें सवार होकर करनाल पुराने बस अड्डे तक पहुंच गए। तब वहां से थ्री-व्हीलकर में बैठकर जीटी रोड पहुंचे और बस से पानीपत बस अड्डे पर पहुंच गए। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद किसी से रेलवे स्टेशन का रास्ता पूछकर पानीपत रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां भी बच्चों ने किसी व्यक्ति से पानीपत से चलने वाली सभी ट्रेने की जानकारी हासिल की। जहां से उन्होंने जम्मू कटरा को जाने वाली ट्रेन की 175 रुपये की तीन टिकट खरीदी और करीब 11 बजे ट्रेन में बैठकर कटरा के लिए रवाना हो गए।
फिंगर प्रिंट के लिए लगे कतार में तो श्रद्धालु ने पहचान कर दी बोर्ड को सूचना
सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि कटरा पहुंचने के बाद बच्चों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन करने का प्लान बना लिया था। जिसके बाद कटरा से तीनों माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए चल दिए। बीच रास्ते बाणगंगा तीर्थ पर माता वैष्णो के दर्शन के लिए जब फिंगर करवा कर रहे थे तभी एक श्रद्धालु ने उनको पहचान लिया तथा इसकी जानकारी माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को दी। तब माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के दोकर्मचारी अरुण व विजय ने उनसे पूछताछ की।