फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   crime

बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पर गंडासी से हमला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 11:31 PM IST
विज्ञापन
crime
कोर्ट परिसर के पार्क में वकील साथियों के साथ बैठे बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर एडवोकेट पर 80 वर्षीय एक बुजुर्ग जसमेर सिंह ने गंडासे से हमला कर जख्मी कर दिया। इससे पहले हमलावर बड़ी वारदात को अंजाम देता, पार्क में बैठे वकीलों ने उसे दबोच लिया। वारदात की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे सेक्टर सात पुलिस चौकी के प्रभारी नरेश शर्मा ने आरोपी को हिरासत में लेने के साथ गंडासा कब्जा में लिया है। इधर एडवोकेट महेंद्र सिंह तंवर एडवोकेट को कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां मेडिकल रिपोर्ट बनवाने और बाईं टांग में घाव का प्राथमिक उपचार कराने के बाद उन्हें नगर के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरतेज सिंह शेखों ने इस हमले की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग देने की बात कही। इसी के साथ उन्होंने मांग की कि कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाए। वहीं घायल एडवोकेट तंवर के पुत्र एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राहुल तंवर ने कहा कि यह सीधे तौर पर कोर्ट परिसर में वकीलों की सुरक्षा में चूक का मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति सरेआम कोर्ट परिसर में इस तरह घातक हथियार लेकर कैसे घूम सकता है। राहुल तंवर ने इस वारदात के पीछे क्षत्रिय राजपूत सभा के कुछ प्रतिनिधियों और वकीलों की सोची समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि एक विशेष गुट उनके पिता के द्वारा किए गए कार्यों दरकिनार कर काबिज होना चाहता है। यह विवाद अदालत में विचाराधीन है और पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में भी उनके हक में है। इस बात से विरोधी गुट रंजिश रखते हुए साजिश रखकर योजनाबद्ध तरीके से उनके पिता पर यह हमला कराया गया है।
विज्ञापन

मारूंगा ईब फेर मारूंगा, इसकी दोनों टांगा काटूंगा... ये शब्द 80 वर्षीय उस बुजुर्ग के हैं, जिसने कोर्ट परिसर में अनेक वकीलों की मौजूदगी में गंडासे से हमला साथ एक वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह तंवर पर हमला किया था। हालांकि इस हमले में सौभाग्यवश महेंद्र सिंह तंवर बच गए, वरना यहां बड़ी घटना पेश आ सकती थी। इस घटना के बाद जब जसमेर सिंह पुत्र सुरजीत सिंह से बात की तो वह तब भी काफी आक्रामक मुद्रा में नजर आया। पकड़े जाने के बाद पहले पहल तो वह हंसते हुए बोला, ईबी नी, थोड़ा बीड़ी पी लूं, फेर बात करूंगा। इसके बाद उसने बीड़ी सुलगाई और कश मारते हुए कहा कि गंडासा भारी था। मुझे हमले के बाद सीधा चौकी ही आना था, मगर वकीलों की भीड़ ज्यादा थी, मुझे वहां से निकलने का रास्ता नहीं मिला और हमले के बाद वकीलों ने उसे घेर कर खूब पीटा। उसका कहना था कि अभी वह अपना वार करने में सफल नहीं हुआ दोबारा हमला कर दोनों टांगे काटने तक की धमकी दे डाली। बुजुर्ग का कहना था कि वह खुद महेंद्र सिंह तंवर के पैतृक गांव अजराना कलां का है और तंवर उनके कुनबे में से है। बुजुर्ग ने इस बात पर भी गुस्सा जाहिर किया कि उसके दो बेटों ने मुझे मेरी कोठी से निकाल दिया और अब वह गांव में किराये के मकान में रहने को विवश है, जबकि उसके पास कोठी के अलावा खेती की जमीन, ट्रक, कारें, मोटर साइकिलें सब कुछ है। यहां बता दें कि महेंद्र सिंह तंवर देश के प्रतिष्ठित संगठन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (वांकानेर) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन

हमलावर के आधार कार्ड पर उसका जन्म 1935 का अंकित है, जबकि बुजुर्ग का कहना है कि यह उम्र कम लिखी है, जबकि उसकी उम्र 80 साल है। हमलावर बुजुर्ग ने यह भी बताया कि वह हरियाणा के अलग राज्य बनने से पहले संयुक्त पंजाब में पंजाब पुलिस में भर्ती हुआ था, लेकिन वहां से भी उसकी नौकरी छुड़वा दी। अब वह दुखी है कि उसे अपने ही घर में नहीं रहने दिया जा रहा। वहीं पुलिस एक एक मुलाजिम ने बताया कि उक्त बुजुर्ग अक्सर झांसा थाना में किसी ना किसी की शिकायत लेकर पहुंचता रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हमले के लिये बनवाया गया था नया गंडासा
चौकी प्रभारी नरेश कुमार के मुताबिक जिस गंडासे से वरिष्ठ अधिवक्ता पर हमला किया गया था, वह एकदम नया गंडासा है। इस गंडासे में लगा बिंडा और कीलें नई थी। क्या यह गंडासा हमले के लिये ही तैयार कराया गया था ? चौकी प्रभारी ने कहा कि पुलिस को हिरासत में लेने के साथ पूछताछ की जा रही है। गंडासे के अलावा हमलावर बुजुर्ग की जेब से सब्जी काटने वाला चाकू, सुतली, कुछ नगदी व कागजात भी मिले हैं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

हमलावर के साथ नहीं है कोई पारिवारिक संबंध : तंवर
राहुल तंवर ने हमलावर के आरोपों को खारिज किया और इसी के साथ इस बात से भी साफ इंकार किया कि हमलावर से उनका कोई पारिवारिक संबंध है। उन्होंने कहा कि आरोपी जसमेर सिंह पंजाब से उनके गांव आकर बसा था, गांव में उसकी पट्टी और उनकी पट्टी भी अलग है। राहुल तंवर ने कहा कि आरोपी को साजिश के तहत किसी ने मेरे पिता के खिलाफ भड़काकर भेजा था और यह हमला उसी का परिणाम है।
एक नजर में महेंद्र सिंह तंवर का कार्यक्षेत्र और सफर
1-महेंद्र सिंह तंवर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में शिक्षक रह चुके हैं
2-बाद में वह वकालत के पेशे से जुड़े और कुरुक्षेत्र में वकीलों के 9 बार अध्यक्ष चुने गये
3-इसके अलावा एक चुनाव उनके पुत्र राहुल तंवर एडवोकेट ने भी जीता
4-बार एसोसिशन के अध्यक्ष पद पर उनका लंबे समय तक वर्चस्व रहा
5-तंवर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के करीबी रहे और घरोंडा से उनकी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं
6-न्याययुद्ध के दौरान तंवर ताऊ देवीलाल के सहयोगी भी रहे
7-आपातकाल के दौर में जेल में रहे तंवर वर्तमान में सरकार द्वारा घोषित लोकतंत्र सेनानी का दर्जा प्राप्त है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed