कुरुक्षेत्र। स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेजने के नाम पर 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने महिला सहित दो लोगों को नामजद किया है। आरोपियों ने दंपती सहित उनकी बच्ची को इंग्लैंड भेज दिया था, मगर इमीग्रेशन जांच में कागजात फर्जी होने पर डिपोर्ट कर दिया। साथ ही उनके इंग्लैंड में प्रवेश करने पर रोक लगा दी। रुपये मांगने पर आरोपियों ने उनको झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
थाना शहर थानेसर में दर्ज शिकायत में सैलिका निवासी शाहाबाद ने बताया कि आरोपी वैभव कुमार और सीमा ने उसे, उसके पति प्रदीप कुमार और बेटी को 21 लाख रुपये में स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेजने का आश्वासन दिया था। इस एवज में आरोपियों ने चार लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर मांगे थे। 24 जून 2022 को उसके पति ने चार लाख रुपये के साथ बेटी का पासपोर्ट और अन्य कागजात दिए थे। कुछ दिन बाद 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए। जनवरी 2023 आरोपियों ने उसका वीजा दिखाकर चार फरवरी को फ्लाइट कराकर इंग्लैंड भेज दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि 15 दिन के अंदर उसके पति और बेटी को भेज देंगे। 12 फरवरी को आरोपियों ने सात लाख रुपये लेकर उसके पति व बेटी को भी इंग्लैंड भेज दिया। 12 जून 2023 को इमीग्रेशन अधिकारियों ने वीजा में फर्जी कागजात इस्तेमाल करने पर उसे भारत डिपोर्ट कर दिया। साथ ही 10 साल के लिए उसका इंग्लैंड में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।