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Kurukshetra News: अमावस्या पर ब्रह्मसरोवर में नहीं कर सके स्नान
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अमावस्या के पुनीत मौके पर पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु वीरवार को सरोवर में साफ जल के अभाव में स्नान तो दूर आचमन भी नहीं कर पाए। सफाई कार्य के चलते पानी नहीं भरे जाने के कारण श्रद्धालु पूर्वी घाट में पानी नहीं मिलने पर पश्चिमी घाट पर पहुंचे। वहां भी जल बेहद कम होने के चलते ठीक तरीके से स्नान नहीं कर पाए। उन्होंने स्नान की महज औपचारिकता पूरी की। इससे श्रद्धालुओं में रोष नजर आया। श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर में पर्याप्त जल की उपलब्धता की मांग करते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड दिसंबर माह में मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की तैयारियों में जुटा हुआ है और सरोवर की सफाई कर ताजा पानी भरने की कवायद की जा रही है। ब्रह्मसरोवर की सफाई के लिए पानी निकालने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उधर दूर-दराज से श्रद्धालु अल सुबह ही यहां पहुंचने लगे थे और दोपहर तक यह क्रम जारी रहा। हरियाणा के विभिन्न जिले ही नहीं पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश व राजस्थान तक के श्रद्धालु यहां पहुंचे, ताकि अमावस्या पर यहां स्नान कर दान पुण्य किया जा सके। लेकिन उन्हें उस समय बड़ा झटका लगा जब पूर्वी घाट में पानी ही नहीं मिला। वे पश्चिमी घाट पर पहुंचे तो वहां भी जल बेहद कम होने के चलते ठीक तरीके से स्नान नहीं कर पाए। ऐसे में लोग महज औपचारिकता पूरी कर घरों को लौट गए। इस स्थिति के चलते श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुरोहितों में प्रशासन के रवैये को लेकर रोष नजर आया।
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फोटो 23
पहली बार स्नान के लिए नहीं मिला जल
उत्तरप्रदेश के बुलंद शहर से पहुंचे अमीचंद का कहना था कि ब्रह्मसरोवर पर वे अक्सर आते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार देखा गया कि अमावस्या पर भी स्नान के लिए जल नहीं मिला। स्नान के नाम पर महज काम ही चलाना पड़ा। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए था। श्रद्धालुओं की भावना को यहां पहुंचने पर ठेस पहुंची है और मायूसी के साथ ही लौटने को मजबूर हुए।
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फोटो 24
प्रशासन समय रहते नहीं कर पाया प्रबंध
पंजाब के पातड़ा से पहुंचे बीरा सिंह का कहना था कि अपने रिश्तेदार के कहने पर वे यहां अमावस्या पर स्नान करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यहां ऐसे हालात बने हैं। अमावस्या पर इतनी संख्या में लोग यहां आते हैं, इसके बावजूद भी प्रशासन समय रहते यहां प्रबंध नहीं कर पाया।
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सफाई कार्य के चलते नहीं भरा जा सका पानी : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर की सफाई की जाएगी, जिसके लिए पानी निकालना पड़ा है। श्रद्धालुओं को समस्या हुई, लेकिन 29 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष से पहले सफाई करवाकर ताजा पानी भरवा दिया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। अमावस्या के पुनीत मौके पर पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु वीरवार को सरोवर में साफ जल के अभाव में स्नान तो दूर आचमन भी नहीं कर पाए। सफाई कार्य के चलते पानी नहीं भरे जाने के कारण श्रद्धालु पूर्वी घाट में पानी नहीं मिलने पर पश्चिमी घाट पर पहुंचे। वहां भी जल बेहद कम होने के चलते ठीक तरीके से स्नान नहीं कर पाए। उन्होंने स्नान की महज औपचारिकता पूरी की। इससे श्रद्धालुओं में रोष नजर आया। श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर में पर्याप्त जल की उपलब्धता की मांग करते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड दिसंबर माह में मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की तैयारियों में जुटा हुआ है और सरोवर की सफाई कर ताजा पानी भरने की कवायद की जा रही है। ब्रह्मसरोवर की सफाई के लिए पानी निकालने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उधर दूर-दराज से श्रद्धालु अल सुबह ही यहां पहुंचने लगे थे और दोपहर तक यह क्रम जारी रहा। हरियाणा के विभिन्न जिले ही नहीं पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश व राजस्थान तक के श्रद्धालु यहां पहुंचे, ताकि अमावस्या पर यहां स्नान कर दान पुण्य किया जा सके। लेकिन उन्हें उस समय बड़ा झटका लगा जब पूर्वी घाट में पानी ही नहीं मिला। वे पश्चिमी घाट पर पहुंचे तो वहां भी जल बेहद कम होने के चलते ठीक तरीके से स्नान नहीं कर पाए। ऐसे में लोग महज औपचारिकता पूरी कर घरों को लौट गए। इस स्थिति के चलते श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुरोहितों में प्रशासन के रवैये को लेकर रोष नजर आया।
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पहली बार स्नान के लिए नहीं मिला जल
उत्तरप्रदेश के बुलंद शहर से पहुंचे अमीचंद का कहना था कि ब्रह्मसरोवर पर वे अक्सर आते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार देखा गया कि अमावस्या पर भी स्नान के लिए जल नहीं मिला। स्नान के नाम पर महज काम ही चलाना पड़ा। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए था। श्रद्धालुओं की भावना को यहां पहुंचने पर ठेस पहुंची है और मायूसी के साथ ही लौटने को मजबूर हुए।
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प्रशासन समय रहते नहीं कर पाया प्रबंध
पंजाब के पातड़ा से पहुंचे बीरा सिंह का कहना था कि अपने रिश्तेदार के कहने पर वे यहां अमावस्या पर स्नान करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यहां ऐसे हालात बने हैं। अमावस्या पर इतनी संख्या में लोग यहां आते हैं, इसके बावजूद भी प्रशासन समय रहते यहां प्रबंध नहीं कर पाया।
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सफाई कार्य के चलते नहीं भरा जा सका पानी : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर की सफाई की जाएगी, जिसके लिए पानी निकालना पड़ा है। श्रद्धालुओं को समस्या हुई, लेकिन 29 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष से पहले सफाई करवाकर ताजा पानी भरवा दिया जाएगा।