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Kurukshetra News: ज्यादा तो कहीं कम बरसे बादल, जलभराव से परेशानी
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इस्माईलाबाद। अनाजमंडी में गेट पर जमा बारिश पानी।
कुरुक्षेत्र। मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी है। वीरवार को अलसुबह मौसम ने करवट ली। घने बादल छा गए और बारिश हुई, जिससे जगह-जगह जलभराव हो गया। जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूरे जिले में औसतन 39 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस्माईलाबाद में सबसे ज्यादा बारिश हुई जो कि 79 एमएम रही, जबकि सबसे कम बारिश पिहोवा में हुई जो कि नौ एमएम दर्ज की गई, जबकि शाहाबाद में 73 एमएम, बाबैन में 40 एमएम, थानेसर में 24 एमएम और लाडवा में 10 एमएम बारिश हुई। सुबह के समय ठंडी हवा चलती रही, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिली।
जिले में बारिश होने से मौसम ठंडा बना रहा जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रही। हालांकि दोपहर बाद मौसम में बदलाव हुआ और धूप खिल उठी, जिससे उमस भरी गर्मी का असर फिर से शुरू हो गया। वीरवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री रहने की संभावना बनी हुई है। वहीं बारिश होने से किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली। किसानों के मुताबिक बारिश होने से धान की फसल में लगने वाली बीमारियों का असर कम होगा साथ ही पैदावार भी बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि जिले में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है, लेकिन मौसम में सुबह के समय ठंडक का असर देखने को मिला। बारिश होने से धान की फसल को फायदा मिला है। पिछले कई दिनों से किसान बारिश न होने से परेशान थे, लेकिन अब बारिश होने से धान की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना रहेगी। वहीं बारिश होने से जहां किसानों को फायदा हुआ है तो वहीं शहर में जगह-जगह बरसाती पानी जमा होने से लोगों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। अनाजमंडी में बारिश का पानी जमा होने से लोगों व आढ़तियों को मंडी में आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
धान की फसल को हुआ फायदा
इस्माईलाबाद। वीरवार अल सुबह हुई बारिश से शहर व क्षेत्र में मौसम सुहावना हो गया। क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश होने से धान की फसल लगाने वाले किसानों के चेहरे खिले नजर आए। किसान कृष्ण कुमार जलबेहड़ा, राजेश शर्मा, अनिल कुमार, तरसेम लाल ने बताया कि धान की फसल को अच्छी बारिश की जरूरत थी। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से जहां सभी परेशान थे, वहीं उमस भरी गर्मी के चलते धान का पौधा भी फुटाव नहीं कर रहा था।
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जिले में बारिश होने से मौसम ठंडा बना रहा जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रही। हालांकि दोपहर बाद मौसम में बदलाव हुआ और धूप खिल उठी, जिससे उमस भरी गर्मी का असर फिर से शुरू हो गया। वीरवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री रहने की संभावना बनी हुई है। वहीं बारिश होने से किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली। किसानों के मुताबिक बारिश होने से धान की फसल में लगने वाली बीमारियों का असर कम होगा साथ ही पैदावार भी बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि जिले में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है, लेकिन मौसम में सुबह के समय ठंडक का असर देखने को मिला। बारिश होने से धान की फसल को फायदा मिला है। पिछले कई दिनों से किसान बारिश न होने से परेशान थे, लेकिन अब बारिश होने से धान की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना रहेगी। वहीं बारिश होने से जहां किसानों को फायदा हुआ है तो वहीं शहर में जगह-जगह बरसाती पानी जमा होने से लोगों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। अनाजमंडी में बारिश का पानी जमा होने से लोगों व आढ़तियों को मंडी में आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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धान की फसल को हुआ फायदा
इस्माईलाबाद। वीरवार अल सुबह हुई बारिश से शहर व क्षेत्र में मौसम सुहावना हो गया। क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश होने से धान की फसल लगाने वाले किसानों के चेहरे खिले नजर आए। किसान कृष्ण कुमार जलबेहड़ा, राजेश शर्मा, अनिल कुमार, तरसेम लाल ने बताया कि धान की फसल को अच्छी बारिश की जरूरत थी। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से जहां सभी परेशान थे, वहीं उमस भरी गर्मी के चलते धान का पौधा भी फुटाव नहीं कर रहा था।
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