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Kurukshetra News: रिमझिम-रिमझिम बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत, किसानों ने तेज की धान की रोपाई
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कुरुक्षेत्र। जुलाई के पहले ही दिन बुधवार को मानसून की पहली बारिश हुई। तीन घंटे के करीब हुई बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। मौसम खुशनुमा हो गया। धान की रोपाई करने वाले किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई। बारिश होने से खेतों में किसानों ने धान की रोपाई तेज कर दी है। बारिश के चलते तापमान में पिछले दो दिन की अपेक्षा 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। वीरवार को भी बारिश व पूरे सप्ताह ही मौसम में बदलाव का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में पांच एमएम के करीब बारिश दर्ज की गई।
पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से भी पार हो गया था, ऐसे में भीषण गर्मी के हालात बन गए थे। हर कोई गर्मी से परेशान था। बाजार, पर्यटन स्थलों व सार्वजनिक जगहों से रौनक गायब हो गई थी। धान की रोपाई का कार्य भी बाधित होने लगा था। 15 जून से धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद अभी तक करीब 20 फीसदी ही धान की रोपाई की जा सकी थी। गर्मी व लगातार रही तेज धूप के चलते किसानों ने धान रोपाई से हाथ खींचने शुरू कर दिए थे। जिले में एक लाख 20 हजार एकड़ धान रोपाई का लक्ष्य तय किया हुआ है लेकिन बारिश न होने पर किसान व मजदूर चिंतित होने लगे थे। बुधवार सुबह से ही मौसम में बदलाव हुआ और बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 11 बजे के बाद रुक-रुककर बारिश होती रही जिससे मौसम सुहावना हो गया। लोग बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए। बारिश रुकने पर पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ गई। उधर, कृषि विशेषज्ञ डॉ. कर्मचंद का कहना है कि अब मानसून के चलते मौसम में लगातार बदलाव रहेगा। बादल छाए रहेंगे तो कभी धीरे व तेज बारिश भी होगी। किसानों को धान रोपाई का कार्य पूरा कर लेना चाहिए।
पूरी तरह से ठप होने लगे थे कृषि कार्य
गांव अमीन वासी किसान राजीव कुमार, गांव दयालपुर वासी सुल्तान सिंह का कहना था कि बारिश का इंतजार लंबा हो रहा था। आमतौर पर 25 जून के बाद बारिश की संभावना शुरू हो जाती है। इस बार पूरे जून माह में बारिश न हो पाने के चलते धान रोपाई व अन्य कृषि कार्य ठप होने लगे थे। धान की पनीरी तक खराब होने लगी थी। रोपाई कार्य भी बाधित हो चुका था।
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पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से भी पार हो गया था, ऐसे में भीषण गर्मी के हालात बन गए थे। हर कोई गर्मी से परेशान था। बाजार, पर्यटन स्थलों व सार्वजनिक जगहों से रौनक गायब हो गई थी। धान की रोपाई का कार्य भी बाधित होने लगा था। 15 जून से धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद अभी तक करीब 20 फीसदी ही धान की रोपाई की जा सकी थी। गर्मी व लगातार रही तेज धूप के चलते किसानों ने धान रोपाई से हाथ खींचने शुरू कर दिए थे। जिले में एक लाख 20 हजार एकड़ धान रोपाई का लक्ष्य तय किया हुआ है लेकिन बारिश न होने पर किसान व मजदूर चिंतित होने लगे थे। बुधवार सुबह से ही मौसम में बदलाव हुआ और बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 11 बजे के बाद रुक-रुककर बारिश होती रही जिससे मौसम सुहावना हो गया। लोग बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए। बारिश रुकने पर पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ गई। उधर, कृषि विशेषज्ञ डॉ. कर्मचंद का कहना है कि अब मानसून के चलते मौसम में लगातार बदलाव रहेगा। बादल छाए रहेंगे तो कभी धीरे व तेज बारिश भी होगी। किसानों को धान रोपाई का कार्य पूरा कर लेना चाहिए।
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पूरी तरह से ठप होने लगे थे कृषि कार्य
गांव अमीन वासी किसान राजीव कुमार, गांव दयालपुर वासी सुल्तान सिंह का कहना था कि बारिश का इंतजार लंबा हो रहा था। आमतौर पर 25 जून के बाद बारिश की संभावना शुरू हो जाती है। इस बार पूरे जून माह में बारिश न हो पाने के चलते धान रोपाई व अन्य कृषि कार्य ठप होने लगे थे। धान की पनीरी तक खराब होने लगी थी। रोपाई कार्य भी बाधित हो चुका था।
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