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छह साल पहले सीएम ने किया था एलान, अब खत्म होने वाला है ‘मनोहर’ इंतजार
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पिपली में पिछले छह साल से अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। प्रोजेक्ट की फाइल अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास पहुंच चुकी है। अब सरकार को यह निर्णय लेना है कि बस अड्डा सरकार बनाएगी या फिर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) से बनेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा बाकायदा कुछ अधिकारियों की कमेटी का गठन भी किया गया है जो इस पर फैसला लेंगे। फिर मुख्यमंत्री की मुहर लगते ही बाकी औपचारिकताएं पूरी होंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि दो माह में अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
वर्ष 2016 में लाडवा की प्रगति रैली के दौरान तत्कालीन विधायक डॉ. पवन सैनी की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिपली में पीपीपी स्कीम के तहत आधुनिक और वातानुकूलित बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद विभाग ने पिपली में इस दिशा में कार्रवाई करते हुए बस अड्डे की प्रस्तावित ड्राइंग बनवाई, जिसे स्वीकृति के लिए प्रदेश के चीफ इंजीनियर के पास भेजा गया, इसमें कई बदलाव भी किए गए और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी गई। यह डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट काफी समय तक अनुमोदित नहीं हुई और विभाग के पास लंबित रही। अब सब काम होने के बाद फाइल अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास है। इस बस अड्डे को बनाने के लिए 12 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है। खास बात यह है कि यह अड्डा पूरी तरह से आधुनिक व वातानुकूलित होगा, जिसमें यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा जाएगा। धर्मनगरी में रोजाना देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को यहां से बेहतर बस सुविधा मिलेगी।
मौजूदा पिपली बस अड्डे से रोजाना पांच राज्य पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों की बसें गुजरती हैं। अड्डे पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन मौजूदा बस अड्डे की हालात काफी खराब हैं, जिस कारण कई बसें तो परिसर में प्रवेश किए बगैर हाईवे पर सवारियां उतारकर रवाना हो जाती हैं। इस कारण कई यात्री अड्डा परिसर में बस का इंतजार करते रह जाते हैं। अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने पर हाईवे से गुजरने वाली हर एक बस अड्डे में प्रवेश करेगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
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कुरुक्षेत्र रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि पिपली में अंतरराज्यीय बस अड्डे का प्रस्ताव फाइनल स्टेज पर है। कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास इसके दो प्रपोजल भेजे गए हैं, जिसमें यह तय किया जाना है कि सरकार इस अड्डे को खुद बनाएगी या पीपीपी मोड पर बनवाया जाएगा। इस सप्ताह बैठक में सब कुछ फाइनल होने की उम्मीद है। बाकी की औपचारिकताएं पूरी कर डेढ़ से दो माह में अड्डे का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यह अड्डा अल्ट्रा मॉर्डन होगा।
पिपली वासी दुकानदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सामान लेने के लिए माह में दो तीन बार दिल्ली जाना जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें पिपली अड्डे पर बस का इंतजार करना पड़ता है। जल्द अंतरराज्यीय अड्डा बन जाता है तो उन्हें काफी सुविधा होगी।
सतपाल सिंह ने कहा कि पिपली का मौजूदा बस अड्डा काफी छोटा है। यदि अड्डा बड़ा बन जाए तो काफी सुविधा हो जाएगी। दिल्ली या चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को अड्डे से ही बस मिल जाएगी।
विक्की ने बताया कि उनकी पिपली बस अड्डे के पास दुकान है। दुकान का सामान लेने के लिए कई बार दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता है, लेकिन मौजूदा अड्डा परिसर में बहुत कम बसें प्रवेश करती हैं, जिस कारण काफी परेशानी होती है। अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पिपली वासी अमित कुमार ने बताया कि 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से सिर्फ इंतजार ही किया जा रहा है। यहां पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी वहीं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अड्डे के बनने से सभी को फायदा होने वाला है।
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वर्ष 2016 में लाडवा की प्रगति रैली के दौरान तत्कालीन विधायक डॉ. पवन सैनी की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिपली में पीपीपी स्कीम के तहत आधुनिक और वातानुकूलित बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद विभाग ने पिपली में इस दिशा में कार्रवाई करते हुए बस अड्डे की प्रस्तावित ड्राइंग बनवाई, जिसे स्वीकृति के लिए प्रदेश के चीफ इंजीनियर के पास भेजा गया, इसमें कई बदलाव भी किए गए और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी गई। यह डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट काफी समय तक अनुमोदित नहीं हुई और विभाग के पास लंबित रही। अब सब काम होने के बाद फाइल अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास है। इस बस अड्डे को बनाने के लिए 12 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है। खास बात यह है कि यह अड्डा पूरी तरह से आधुनिक व वातानुकूलित होगा, जिसमें यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा जाएगा। धर्मनगरी में रोजाना देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को यहां से बेहतर बस सुविधा मिलेगी।
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मौजूदा पिपली बस अड्डे से रोजाना पांच राज्य पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों की बसें गुजरती हैं। अड्डे पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन मौजूदा बस अड्डे की हालात काफी खराब हैं, जिस कारण कई बसें तो परिसर में प्रवेश किए बगैर हाईवे पर सवारियां उतारकर रवाना हो जाती हैं। इस कारण कई यात्री अड्डा परिसर में बस का इंतजार करते रह जाते हैं। अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने पर हाईवे से गुजरने वाली हर एक बस अड्डे में प्रवेश करेगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
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कुरुक्षेत्र रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि पिपली में अंतरराज्यीय बस अड्डे का प्रस्ताव फाइनल स्टेज पर है। कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास इसके दो प्रपोजल भेजे गए हैं, जिसमें यह तय किया जाना है कि सरकार इस अड्डे को खुद बनाएगी या पीपीपी मोड पर बनवाया जाएगा। इस सप्ताह बैठक में सब कुछ फाइनल होने की उम्मीद है। बाकी की औपचारिकताएं पूरी कर डेढ़ से दो माह में अड्डे का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यह अड्डा अल्ट्रा मॉर्डन होगा।
पिपली वासी दुकानदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सामान लेने के लिए माह में दो तीन बार दिल्ली जाना जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें पिपली अड्डे पर बस का इंतजार करना पड़ता है। जल्द अंतरराज्यीय अड्डा बन जाता है तो उन्हें काफी सुविधा होगी।
सतपाल सिंह ने कहा कि पिपली का मौजूदा बस अड्डा काफी छोटा है। यदि अड्डा बड़ा बन जाए तो काफी सुविधा हो जाएगी। दिल्ली या चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को अड्डे से ही बस मिल जाएगी।
विक्की ने बताया कि उनकी पिपली बस अड्डे के पास दुकान है। दुकान का सामान लेने के लिए कई बार दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता है, लेकिन मौजूदा अड्डा परिसर में बहुत कम बसें प्रवेश करती हैं, जिस कारण काफी परेशानी होती है। अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पिपली वासी अमित कुमार ने बताया कि 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से सिर्फ इंतजार ही किया जा रहा है। यहां पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनने से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी वहीं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अड्डे के बनने से सभी को फायदा होने वाला है।