फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Candidates are expected to sleep in the shadow of threats, Kurukshetra

खतरों के साये में उम्मीद की नींद ले रहे हैं अभ्यर्थी

Mon, 27 Jun 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र Updated Mon, 27 Jun 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
Candidates are expected to sleep in the shadow of threats, Kurukshetra
रात तीन बजे दीवार पर सोते अभ्यर्थी - फोटो : Amar Ujala

भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आ रहे प्रदेश भर के युवाओं के लिए सरकार और प्रशासन दोनों ही का रवैया अनजान बने रहने वाला है। हर दिन 10 हजार से 12 हजार तक अभ्यर्थियों को बुलाया तो जा रहा है लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए है। प्रदेश भर से आने वाले इन अभ्यर्थियों के लिए स्थानीय प्रशासन ने ठहरने के लिए कोई स्थान तक तय नहीं किया।

विज्ञापन


ऐसे में बाहर से आने वाले अभ्यर्थी जहां जगह मिल रही है वहीं पर रात गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। अमर उजाला ने शनिवार की रात जब भर्ती अस्पताल के आसपास के एरिया और शहर के अन्य क्षेत्र में नजर दौड़ाई तो अभ्यर्थी खतरों के बीच नींद लेने नजर आए। इसके अलावा देर रात को ही शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया की कवायद का भी लाइव नजारा दिखाई दिया।
विज्ञापन


हरियाणा पुलिस में भर्ती की प्रक्रिया में यूं तो अभ्यर्थियों के उत्पात, नशे के सेवन, दौड़ने गिरने से लेकर कई तरह के घटनाक्रम सामने आ रही हैं। लेकिन जिन अभ्यर्थियों को पुलिस की वर्दी के लिए चयन के लिए बुलाया गया,  उनके लिए न सरकार ने और न भर्ती बोर्ड ने और न ही जिला प्रशासन ने ही कोई  इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश भर से हर दिन 10 से 12 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है, लेकिन इनके रहने के लिए प्रशासन ने कोई जगह तक सुनिश्चित नहीं की। ऐसे में एक तरफ सेक्टरवासियों ने परेशानी जाहिर की है तो दूसरी तरफ बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। भर्ती प्रक्रिया में वक्त पर पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को एक दिन पहले ही पहुंचना पड़ रहा है।

दिन का वक्त तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात को यह अभ्यर्थी खतरों के साये में रात गुजार रहे हैं। अमर उजाला की टीम जब देर रात करीब 1 बजे भर्ती स्थल पर पहुंची तो यहां अभ्यर्थियों को लाइन में लगते देखा। सुबह की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को हर दिन आधी रात के बाद ही लाइन में लगना पड़ रहा है। पुलिसकर्मी और भर्ती प्रक्रिया में शामिल लोग रात 1 बजे अभ्यर्थियों को लाइन में लगावा रहे थे।

देर रात से लाइन में लगे यह अभ्यर्थी सुबह पांच बजे तक लाइन में लगे रहते हैं। एक अभ्यर्थी ने बताया कि इसी तरह ये सोते भी है। सुबह पांच बजे तक अभ्यर्थी इसी लाइन में रहते हैं। इसके बाद सुबह पांच बजे की पहली प्रक्रिया शुरू की जाती है। हालांकि इन अभ्यर्थियों को यूं तो कोई खतरा नहीं, सोने के लिए ढंग की कोई जगह नहीं मिलती। ऐसे में शरीर पूरी तरह से टूट जाता है और दौड़ में भी दिक्कत होती है।

कोई दीवार पर सोया तो कोई बीच सड़क पर
चौंकाने वाली तस्वीर तड़के तीन बजे नजर आई। आयुर्वेदिक कॉलेज की सड़क पर कई अभ्यर्थी बेसुध सोए हुए थे। तड़के ही यहां से वाहनों का आना जाना शुरू हो जाता है। ऐसे में यह अभ्यर्थी खतरों के बीच अपनी नींद पूरी करते रहे। इसी तरह भर्ती स्थल के मेन एंट्री गेट के पास बनी दीवारों पर जब नजर पड़ी तो इन पतली सी दीवारों पर भी कई अभ्यर्थी सोते हुए मिले। एक अभ्यर्थी जाग रहा था। जब उससे पूछा कि यहां क्यों सोए हैं तो उसने कहा और कही जगह ही नहीं मिली। यहां सुबह निवृत्त होने के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे में कई बार खुले में ही शौच भी कर रहे हैं।

सेक्टरवासी पहले ही जता चुके हैं नाराजगी
अभ्यर्थियों को सेक्टर में जहां भी जगह मिल रही है वही सो रहे हैं। जिससे सेक्टर के लोगों को भी दिक्कतें हो रही है। एक दिन पहले ही सेक्टर के कई लोगों ने प्रशासन से इन अभ्यर्थियों को रात में कहीं ओर भेजने की गुहार लगाई थी।


रैन बसेरों की तरह किए जा सकते थे इंतजाम
लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से जिस तरह से रैन बसेरों का इंतजाम तय स्थानों पर किया जाता है। उसी तरह इन अभ्यर्थियों के लिए भी अस्थाई बसेरे बनाए जा सकते थे। ताकि वे भी सुरक्षित रह सके और आम लोगों को भी कोई परेशानी न हो। लेकिन प्रशासन ने इसका कोई इंतजाम नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed