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Kurukshetra News: गृह मंत्री का दौरा खत्म होते ही रातोंरात ब्रह्मसरोवर ने लिया अनाजमंडी का रूप
Sat, 04 Oct 2025 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 04 Oct 2025 11:07 PM IST
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कुरुक्षेत्र। एक ही दिन में प्रदर्शनी गेट तक किसानों ने बिछा दी धान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा खत्म होते ही न केवल धान सड़कों पर आ गई बल्कि रातों रात ब्रह्मसरोवर ने भी चारों ओर से अस्थाई अनाजमंडी का रूप ले लिया। ब्रह्मसरोवर की पार्किंग से लेकर आसपास की सड़कें व केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम आयोजन स्थल मेला ग्राउंड के आसपास का क्षेत्र में धान का ढेरियां लग गईं। यहां तक कि मेला ग्राउंड में तीन कानूनों को लेकर जिस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री ने शुक्रवार को किया उसके मेन गेट तक शनिवार सुबह ही धान पहुंच गई। ये हालात देख हर लोग हैरान रह गए।
सीजन शुरू होते ही हालांकि हर साल की तरह इस बार भी ब्रह्मसरोवर के चारों ओर धान डाली जाने लगी थी। केडीबी की ओर से बार-बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद भी यहां से अस्थाई अनाजमंडी नहीं हट पाई लेकिन जैसे ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बदलकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम ब्रह्मसरोवर के साथ केडीबी के मेला ग्राउंड में तय किया गया तो न केवल यहां धान डाले जाने से रोक दी गई बल्कि दो दिन में ही यहां से पूरा धान भी उठा लिया गया। अब केंद्रीय मंत्री के दौरे के बाद वीआईपी कही जाने वाली केडीबी रोड से लेकर ब्रह्मसरोवर के चारों ओर के एरिया ने अनाजमंडी का रूप ले लिया। धान की ढेरियां वीवीआईपी घाट तक फैल गईं हैं।
पर्यटक व श्रद्वालुओं को लगा झटका
ब्रह्मसरोवर पर हर रोज पांच हजार से ज्यादा श्रद्वालु व पर्यटक दूर-दराज से पहुंचते हैं जबकि शहर से भी बड़ी संख्या में लोग सुबह व शाम को सैर करने के लिए निकलते हैं। लेकिन फसल सीजन आते ही यहां उन्हें धूल भरे गुबार का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर बुजुर्ग व बीमार लोगों को यहां बनाई जाने वाली अस्थाई अनाजमंडी से बड़ा झटका लगता है।
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जिला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया मामला : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि ब्रह्मसरोवर के आसपास अनाजमंडी बनाया जाना सही नहीं है। इससे पर्यटक व श्रद्वालुओं को परेशानी होती है तो सड़कों को भी ट्रक व ट्रैक्टर दिन रात चलने से नुकसान पहुंचता है। हादसे की भी आशंका बनी रहती है। ऐसे में पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया तो अब फिर जिला उपायुक्त के संज्ञान में यह मामला लाया गया है।
284767 एमटी धान धान की हो चुकी खरीद
जिले में शनिवार तक 284767 एमटी धान की खरीद हुई जबकि शनिवार को 47090 एमटी की खरीद की गई। 184509 एमटी 65 फीसदी उठान हो पाया है जबकि 404 करोड़ का भुगतान किया गया है। अनाज मंडियां उठान धीमा होने के चलते धान से फुल होने लगी है। दो दिन से मौसम साफ रहने के चलते धान कटाई व मंडियों में आवक तेज हो गई है।
नमी के नाम पर बंद नहीं हुआ कट : बाबू राम
गांव खेड़ी ब्राह्मण से धान लेकर आए किसान बाबू राम का कहना है कि नमी के नाम पर धान खरीद में कट लगाया जाना अभी भी जारी है। किसान पर मौसम के बाद यहां इंतजाम न होने की भी मार पड़ रही है। अनाजमंडी में जगह न होने के चलते ब्रह्मसरोवर के आसपास धान डालने के लिए किसान मजबूर हो रहे हैं।
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कुरुक्षेत्र। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा खत्म होते ही न केवल धान सड़कों पर आ गई बल्कि रातों रात ब्रह्मसरोवर ने भी चारों ओर से अस्थाई अनाजमंडी का रूप ले लिया। ब्रह्मसरोवर की पार्किंग से लेकर आसपास की सड़कें व केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम आयोजन स्थल मेला ग्राउंड के आसपास का क्षेत्र में धान का ढेरियां लग गईं। यहां तक कि मेला ग्राउंड में तीन कानूनों को लेकर जिस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री ने शुक्रवार को किया उसके मेन गेट तक शनिवार सुबह ही धान पहुंच गई। ये हालात देख हर लोग हैरान रह गए।
सीजन शुरू होते ही हालांकि हर साल की तरह इस बार भी ब्रह्मसरोवर के चारों ओर धान डाली जाने लगी थी। केडीबी की ओर से बार-बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद भी यहां से अस्थाई अनाजमंडी नहीं हट पाई लेकिन जैसे ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बदलकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम ब्रह्मसरोवर के साथ केडीबी के मेला ग्राउंड में तय किया गया तो न केवल यहां धान डाले जाने से रोक दी गई बल्कि दो दिन में ही यहां से पूरा धान भी उठा लिया गया। अब केंद्रीय मंत्री के दौरे के बाद वीआईपी कही जाने वाली केडीबी रोड से लेकर ब्रह्मसरोवर के चारों ओर के एरिया ने अनाजमंडी का रूप ले लिया। धान की ढेरियां वीवीआईपी घाट तक फैल गईं हैं।
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पर्यटक व श्रद्वालुओं को लगा झटका
ब्रह्मसरोवर पर हर रोज पांच हजार से ज्यादा श्रद्वालु व पर्यटक दूर-दराज से पहुंचते हैं जबकि शहर से भी बड़ी संख्या में लोग सुबह व शाम को सैर करने के लिए निकलते हैं। लेकिन फसल सीजन आते ही यहां उन्हें धूल भरे गुबार का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर बुजुर्ग व बीमार लोगों को यहां बनाई जाने वाली अस्थाई अनाजमंडी से बड़ा झटका लगता है।
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जिला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया मामला : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि ब्रह्मसरोवर के आसपास अनाजमंडी बनाया जाना सही नहीं है। इससे पर्यटक व श्रद्वालुओं को परेशानी होती है तो सड़कों को भी ट्रक व ट्रैक्टर दिन रात चलने से नुकसान पहुंचता है। हादसे की भी आशंका बनी रहती है। ऐसे में पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया तो अब फिर जिला उपायुक्त के संज्ञान में यह मामला लाया गया है।
284767 एमटी धान धान की हो चुकी खरीद
जिले में शनिवार तक 284767 एमटी धान की खरीद हुई जबकि शनिवार को 47090 एमटी की खरीद की गई। 184509 एमटी 65 फीसदी उठान हो पाया है जबकि 404 करोड़ का भुगतान किया गया है। अनाज मंडियां उठान धीमा होने के चलते धान से फुल होने लगी है। दो दिन से मौसम साफ रहने के चलते धान कटाई व मंडियों में आवक तेज हो गई है।
नमी के नाम पर बंद नहीं हुआ कट : बाबू राम
गांव खेड़ी ब्राह्मण से धान लेकर आए किसान बाबू राम का कहना है कि नमी के नाम पर धान खरीद में कट लगाया जाना अभी भी जारी है। किसान पर मौसम के बाद यहां इंतजाम न होने की भी मार पड़ रही है। अनाजमंडी में जगह न होने के चलते ब्रह्मसरोवर के आसपास धान डालने के लिए किसान मजबूर हो रहे हैं।