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Kurukshetra News: दीपों की रोशनी से नहाया सन्निहित, ब्रह्मसरोवर
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अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के समापन हुई रंग-बिरंगी ग्रीन आतिशबाजी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव रविवार को परंपरा अनुसार दीपदान व आतिशबाजी के साथ संपन्न हुआ। दीपदान से ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर जगमग हो उठे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा ने शंखनाद और मंत्रौच्चारण के बीच सन्निहित सरोवर पर पूजा अर्चना कर ब्रहमसरोवर के पावन तट पर दीपदान किया।
दीपोत्सव में जहां सन्निहित सरोवर और ब्रहमसरोवर के पावन तट पर हजारों दीपक जलाएं वहीं कुरुक्षेत्र और 48 कोस के 75 तीर्थ स्थलों पर भी दीपक जलाए गए। महोत्सव में पुरुषोतमपुरा बाग ब्रहमसरोवर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार कृष्ण कुमार बेदी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, उपायुक्त शांतनु शर्मा, महाआरती में भाग लेकर दीपदान भी किया।
इस आरती का मंत्रेच्चारण बलराम गौतम ने करवाया। महोत्सव में गीता और ब्रहमसरोवर आरती से पहले पवित्र ग्रंथ गीता के श्लौका का उच्चारण शुरु हो गया था । इसके साथ ही विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से सन्निहित सरोवर और ब्रहमसरोवर हजारों दीपकों को रोशन किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गीता जयंती का यह समारोह दीपोत्सव के कारण बहुत अदभुत रहा और हजारों दीपों की दीपमाला से ब्रहमसरोवर ही नहीं कुरुक्षेत्र का दृश्य अद्भुत नजर आया।
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भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की ही भूमि पर महाभारत के युद्घ के बीच एक ऐसा शांति का संदेश दिया जो आज गीता उपदेश नाम से पूरे विश्व को प्रकाशमय कर रहा है। इस पवित्र ग्रंथ गीता में जीवन जीने का सार वर्णित किया गया है। इस महाभारत के बीच शांति का संदेश देना किसी भी इतिहास में नजर नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रमों को अच्छे ढंग से आयोजित करने और शहर की समाजसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर सराहनीय कार्य किया है तथा आने वाले समय में शहर की संस्थाओं के सहयोग से महोत्सव को ओर यादगार बनाया जाएगा। गीता का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर पंहुचाने में काफी हद तक हम सफल हुए है, इसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड तथा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज का विशेष सहयोग रहा है। महोत्सव के समापन समारोह पर सांध्यकालीन आरती के तुरंत बाद ब्रहमसरोवर के तट से रंग-बिरंगी ग्रीन आतीशबाजी की गई। इस ग्रीन आतिशबाजी से निकलने वाली रोशनी ने ब्रहमसरोवर की फिजा को रंगीन कर दिया।
350 तीर्थों पर होंगे गीता महोत्सव के कार्यक्रम : मनोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र 48 कोस के 350 तीर्थों पर धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के जरिए कुरुक्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। इस कुरुक्षेत्र की दिव्यता को ओर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को देर सायं सन्निहित सरोवर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और शहर की विभिन्न समाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कुरुक्षेत्र को दिव्य कुरुक्षेत्र के रुप में विकसित किया जाए। इसके उपरांत श्री ब्राहमणों तीर्थोद्घार सभा के सरंक्षक जय नारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का स्वागत किया तो मंच का संचालन सभा के महासचिव रामपाल शर्मा ने किया।
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव रविवार को परंपरा अनुसार दीपदान व आतिशबाजी के साथ संपन्न हुआ। दीपदान से ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर जगमग हो उठे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा ने शंखनाद और मंत्रौच्चारण के बीच सन्निहित सरोवर पर पूजा अर्चना कर ब्रहमसरोवर के पावन तट पर दीपदान किया।
दीपोत्सव में जहां सन्निहित सरोवर और ब्रहमसरोवर के पावन तट पर हजारों दीपक जलाएं वहीं कुरुक्षेत्र और 48 कोस के 75 तीर्थ स्थलों पर भी दीपक जलाए गए। महोत्सव में पुरुषोतमपुरा बाग ब्रहमसरोवर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार कृष्ण कुमार बेदी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, उपायुक्त शांतनु शर्मा, महाआरती में भाग लेकर दीपदान भी किया।
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इस आरती का मंत्रेच्चारण बलराम गौतम ने करवाया। महोत्सव में गीता और ब्रहमसरोवर आरती से पहले पवित्र ग्रंथ गीता के श्लौका का उच्चारण शुरु हो गया था । इसके साथ ही विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से सन्निहित सरोवर और ब्रहमसरोवर हजारों दीपकों को रोशन किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गीता जयंती का यह समारोह दीपोत्सव के कारण बहुत अदभुत रहा और हजारों दीपों की दीपमाला से ब्रहमसरोवर ही नहीं कुरुक्षेत्र का दृश्य अद्भुत नजर आया।
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भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की ही भूमि पर महाभारत के युद्घ के बीच एक ऐसा शांति का संदेश दिया जो आज गीता उपदेश नाम से पूरे विश्व को प्रकाशमय कर रहा है। इस पवित्र ग्रंथ गीता में जीवन जीने का सार वर्णित किया गया है। इस महाभारत के बीच शांति का संदेश देना किसी भी इतिहास में नजर नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रमों को अच्छे ढंग से आयोजित करने और शहर की समाजसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर सराहनीय कार्य किया है तथा आने वाले समय में शहर की संस्थाओं के सहयोग से महोत्सव को ओर यादगार बनाया जाएगा। गीता का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर पंहुचाने में काफी हद तक हम सफल हुए है, इसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड तथा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज का विशेष सहयोग रहा है। महोत्सव के समापन समारोह पर सांध्यकालीन आरती के तुरंत बाद ब्रहमसरोवर के तट से रंग-बिरंगी ग्रीन आतीशबाजी की गई। इस ग्रीन आतिशबाजी से निकलने वाली रोशनी ने ब्रहमसरोवर की फिजा को रंगीन कर दिया।
350 तीर्थों पर होंगे गीता महोत्सव के कार्यक्रम : मनोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र 48 कोस के 350 तीर्थों पर धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के जरिए कुरुक्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। इस कुरुक्षेत्र की दिव्यता को ओर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को देर सायं सन्निहित सरोवर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और शहर की विभिन्न समाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कुरुक्षेत्र को दिव्य कुरुक्षेत्र के रुप में विकसित किया जाए। इसके उपरांत श्री ब्राहमणों तीर्थोद्घार सभा के सरंक्षक जय नारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का स्वागत किया तो मंच का संचालन सभा के महासचिव रामपाल शर्मा ने किया।

अंत राष्ट्रीय गीता जयंती के समापन पर दीयों से जगमग ब्रह्मसरोवर। संवाद- फोटो : Kurukshetra

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के समापन पर ब्रह्मसरोवर पर दीये जलाते पर्यटक। संवाद- फोटो : Kurukshetra

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के समापन पर ब्रह्मसरोवर पर दीये जलाते सामाजिक संस्थाओं के लोग। संवाद- फोटो : Kurukshetra

ब्रह्मसरोवर पर दीये लगाते लोग। संवाद- फोटो : Kurukshetra