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Kurukshetra News: सर्दी में गर्म रहा कंबल बाजार, पिछले साल से 20 प्रतिशत अधिक रहा व्यापार
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पानीपत। पानीपत के कंबल को इस बार न केवल घरेलू बल्कि विदेशी बाजार में भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। कंबलों की मांग अच्छी होने पर इस बार करीब 20 प्रतिशत व्यापार बढ़ा है। इस बार कंबल या गर्म कपड़ों का स्टॉक नहीं बचा है जबकि पिछले वर्षों यह काफी मात्रा में बच जाता था। उद्यमी इसका बड़ा कारण लंबी ठंड अवधि और शादी में पानीपत के कंबल के गिफ्ट आइटम में ज्यादा प्रयोग होना मान रहे हैं।
पानीपत का करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात और करीब 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है। अमेरिका के भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत करने पर निर्यात घट गया था।
अमेरिका की 10 हजार करोड़ की मंडी घटकर आधे से भी नीचे आ गई थी। यूरोप के देशों को छोड़कर अमेरिका में मांग लगातार कम हो रही थी। कुछ निर्यातकों ने दूसरे देशों के माध्यम अमेरिका माल भेजना जारी रखा जबकि कुछ निर्यातकों ने घरेलू बाजार की तरफ कदम बढ़ा लिए थे।
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ऐसे में स्थानीय बाजार में इस बार सर्दी में कंबल, चादर और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ गई थी। यहीं नहीं चीन से आयातित माल की भी पूरी मांग रही। इस बार निर्यातकों व घरेलू उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों के साथ चीन से आयात करने वाले व्यापारी भी अच्छी बिक्री करने में कामयाब रहे।
अब और तेज होगा बाजार : भारत का यूनाइटेड किंगडम (यूके) और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। अब संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के साथ व्यापार समझौते की घोषणा हुई है। यह सब उद्योग और बाजार को बढ़ावा देंगे। विश्व स्तर पर पानीपत मिंक, फ्लैनो और पोलर कंबल की मांग बढ़ी है। पानीपत में लगभग 125 इकाई मिंक कंबल, 12 फ्लैनो कंबल और लगभग 30 इकाई पोलर कंबल बनाती हैं।
घरेलू उद्यमी अश्वनी शर्मा ने बताया कि इस बार पानीपत के उत्पादों की विदेश के साथ घरेलू बाजार में भी अच्छी मांग रही है। पिछले साल माल बच जाता था। इस बार पूरा माल बिक गया है। अमेरिका के टैरिफ के बाद भी अच्छी बिक्री अच्छे संकेत हैं। गोहाना रोड स्थित थोक के विक्रेता सुरेश सैनी ने बताया कि सामान्य मिंक कंबल की दर पिछले साल लगभग 200 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस बार यह 210 और 220 रुपये प्रति किलोग्राम है। सुपर सॉफ्ट मिंक की दर 230 रुपये प्रति किलोग्राम, क्लाउडी मिंक की गुणवत्ता 240 रुपये और फ्लैनो की दर 280 रुपये प्रति किलोग्राम रही।
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पानीपत का करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात और करीब 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है। अमेरिका के भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत करने पर निर्यात घट गया था।
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अमेरिका की 10 हजार करोड़ की मंडी घटकर आधे से भी नीचे आ गई थी। यूरोप के देशों को छोड़कर अमेरिका में मांग लगातार कम हो रही थी। कुछ निर्यातकों ने दूसरे देशों के माध्यम अमेरिका माल भेजना जारी रखा जबकि कुछ निर्यातकों ने घरेलू बाजार की तरफ कदम बढ़ा लिए थे।
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ऐसे में स्थानीय बाजार में इस बार सर्दी में कंबल, चादर और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ गई थी। यहीं नहीं चीन से आयातित माल की भी पूरी मांग रही। इस बार निर्यातकों व घरेलू उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों के साथ चीन से आयात करने वाले व्यापारी भी अच्छी बिक्री करने में कामयाब रहे।
अब और तेज होगा बाजार : भारत का यूनाइटेड किंगडम (यूके) और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। अब संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के साथ व्यापार समझौते की घोषणा हुई है। यह सब उद्योग और बाजार को बढ़ावा देंगे। विश्व स्तर पर पानीपत मिंक, फ्लैनो और पोलर कंबल की मांग बढ़ी है। पानीपत में लगभग 125 इकाई मिंक कंबल, 12 फ्लैनो कंबल और लगभग 30 इकाई पोलर कंबल बनाती हैं।
घरेलू उद्यमी अश्वनी शर्मा ने बताया कि इस बार पानीपत के उत्पादों की विदेश के साथ घरेलू बाजार में भी अच्छी मांग रही है। पिछले साल माल बच जाता था। इस बार पूरा माल बिक गया है। अमेरिका के टैरिफ के बाद भी अच्छी बिक्री अच्छे संकेत हैं। गोहाना रोड स्थित थोक के विक्रेता सुरेश सैनी ने बताया कि सामान्य मिंक कंबल की दर पिछले साल लगभग 200 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस बार यह 210 और 220 रुपये प्रति किलोग्राम है। सुपर सॉफ्ट मिंक की दर 230 रुपये प्रति किलोग्राम, क्लाउडी मिंक की गुणवत्ता 240 रुपये और फ्लैनो की दर 280 रुपये प्रति किलोग्राम रही।