फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   BJP leader became the father-in-law Tarnhar

भाजपा में समधी नेता बने तारणहार

Mon, 28 Jul 2014 12:05 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Mon, 28 Jul 2014 12:05 AM IST
विज्ञापन
BJP leader became the father-in-law Tarnhar
कुरुक्षेत्र के नेता इन दिनों भाजपा में टिकट और पार्टी में जगह बनाने के लिए अपने समधियों के पॉलिटिकल कनेक्शनका इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन


बता दें कि अब तक भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण बजाज अपने समधी सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक के माध्यम से भाजपा की टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।

बजाज मूलरूप से भाजपा की पुरानी पृष्ठभूमि से हैं। दुर्भाग्यवश 1987 में विधानसभा का टिकट न मिलने के कारण उन्होंने पार्टी से बगावत कर आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और वह बुरी तरह से पराजित हुए थे।

हालांकि आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने से पहले बजाज का जो जलवा भाजपा में था, वह पिछले दो दशक में उस स्तर पर नहीं दिखा, 2009 में 90 सीटों पर चुनाव लड़ने पर भाजपा ने थानेसर विधानसभा सीट से बजाज को टिकट दी थी।
विज्ञापन


दुर्भाग्यवश दो दशक पहले जितने वोट बजाज को हासिल हुए थे, लगभग उतने उतने ही वोट उन्हें 2009 में हासिल हुए। बजाज को आज तक इस बात का मलाल है कि अगर तब भाजपा के पक्ष में आज जैसा माहौल होता तो नतीजे कुछ और होते। उल्लेखनीय है कि बजाज को 2009 में पांच हजार से कम वोट हासिल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2009 के चुनाव के समय बजाज के समधी रमेश कौशिक जहां कांग्रेस में थे, वहीं अब कौशिक न केवल भाजपा में हैं, बल्कि भाजपा का दामन थामने के बाद सोनीपत से सांसद बन चुके हैं।

बजाज को पूरी उम्मीद है कि भाजपा में पुराना रसूख और समधी कनेक्शन उन्हें इस बार टिकट दिलाने में तुरुप का पत्ता साबित होगा। कुछ ऐसा ही तुरुप का एक पत्ता डीडी के पास भी है। डीडी के समधी उत्तराखंड भाजपा में वरिष्ठ नेता हैं और वहां के बड़े नेताओं में उनकी अच्छी पैठ है। इन्हीं के सहारे डीडी को भाजपा में आज एंट्री मिली है।

बता दें कि गत 20 जुलाई को भाजपा में गुपचुप एंट्री के बाद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयभगवान शर्मा ने डीडी ने जिला के अन्य कई पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था।

इधर, समधी के कंधों पर सवार होकर तीसरा राजनीतिक परिवार पूर्व मंत्री बलबीर सैनी का है। इनेलो की टिकट 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके बलबीर सैनी के दो सगे भाई रणधीर सैनी और सुखबीर सैनी भी हाल ही में अपने सांसद समधी राजकुमार सैनी के जरिये भाजपा में शामिल हुए हैं।

पांच वर्ष और डीडी का तीसरा दल
2009 तक जयभगवान शर्मा डीडी इनेलो में रहे। करीब एक दशक से ज्यादा इनेलो में रहने के बाद उन्होंने 2009 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ज्वाइन की और सीधा सत्तारूढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष बन गए और आज पांच साल बाद अगर 2014 में समर्थकों उन्होंने भाजपा में एंट्री ली, उनकी एंट्री से भाजपा के उन नेताओं में हलचल है, जो टिकट फाइनल मान कर चल रहे थे।

कोसने वालों को भाने लगी भाजपा
कुछ दिन पहले कुरुक्षेत्र के कांग्रेस भवन और लाडवा में आयोजित एक रैली में भाजपा और मोदी को पानी पी-पी कर कोसने वाले तत्कालीन कांग्रेसी जिलाध्यक्ष जयभगवान शर्मा डीडी ने जब मंच से संबोधित किया तो उन्होंने काफी सहजता से कहा कि वह भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो, क्या दर्द है...
संभवत भाजपा के लोकल स्तर के किसी कार्यक्रम में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में भीड़ नजर आई। पिछले कई दिनों से डीडी की एंट्री के लिए हाईकमान को फीडबैक देने वाले कई नेता आज मंच पर दिखे और इनके चेहरों पर जरूरत से ज्यादा मुस्कुराहट भी नजर आई।


इनमें सबसे ज्यादा भाजपा जिलाध्यक्ष धुम्मान सिंह किरमिच मुस्कुराहट बिखेरते नजर आए। धुम्मन लोकसभा का टिकट न मिलने के कारण मुश्किल से दर्द से उबरे थे, लेकिन आज डीडी की एंट्री से केवल वही नहीं, बल्कि कई की स्थिति यही दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed