{"_id":"6a35a81a4d6aef5f8d096633","slug":"bio-pesticide-trichoderma-distributed-to-farmers-in-pehowa-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-156591-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पिहोवा में किसानों को बायो-पेस्टीसाइड ट्राइकोडर्मा बांटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पिहोवा में किसानों को बायो-पेस्टीसाइड ट्राइकोडर्मा बांटा
विज्ञापन
पिहोवा। बटटेडी गांव में हाल ही में शुक्रवार को खेत बचाओ अभियान आयोजित हुआ। जिला कृषि विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम हुआ। इसमें क्षेत्र के 100 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को बायो-पेस्टीसाइड ट्राइकोडर्मा मुफ्त में दिया। डॉ. मनीष वत्स ने जैविक नियंत्रण को बढ़ावा देने की बात कही। विशेषज्ञों ने ट्राइकोडर्मा के उपयोग की विधि बताई। यह एक मित्र फंगस है जो जड़ों को हानिकारक बीमारियों से बचाता है। इसका उपयोग बीज, पौध और मिट्टी के उपचार में करना चाहिए। अनावश्यक कीटनाशकों से मित्र कीट नष्ट होते हैं। इससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को भारी नुकसान होता है। इसलिए कीटनाशकों का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही सही मात्रा में करें। इस अवसर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सुरेश, डॉ. लक्ष्मी कांत, डॉ. केपी शर्मा, पूर्व सरपंच मामराज, गुरदेव, कृष्ण सहित अन्य किसान भाई मौजूद रहे।
धान की सीधी बिजाई और रोग नियंत्रण
अभियान में धान की सीधी बिजाई तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। यह तकनीक पानी बचाने और लागत कम करने में सहायक है। विशेषज्ञों ने बौने रोग से बचाव के उपाय बताए। यह वायरस जनित रोग व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर जैसे कीटों से फैलता है। फसल को सुरक्षित रखने के लिए बिजाई से पहले बीज उपचार अनिवार्य है।
विज्ञापन
धान की सीधी बिजाई और रोग नियंत्रण
अभियान में धान की सीधी बिजाई तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। यह तकनीक पानी बचाने और लागत कम करने में सहायक है। विशेषज्ञों ने बौने रोग से बचाव के उपाय बताए। यह वायरस जनित रोग व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर जैसे कीटों से फैलता है। फसल को सुरक्षित रखने के लिए बिजाई से पहले बीज उपचार अनिवार्य है।
विज्ञापन