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Kurukshetra News: एनडीपीएस मामले में 10 साल बाद बड़ी राहत, चार महीने की जेल को सिर्फ दो हजार रुपये जुर्माना में बदला
Sun, 30 Nov 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 30 Nov 2025 01:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एनडीपीएस फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने 10 साल पुराने मामले में दोषी बलदेव सिंह को बड़ी राहत देते हुए उसकी सजा को लगभग समाप्त कर दिया।
दरअसल, 29 जनवरी 2015 को पिहोवा पुलिस ने भारत नगर पिहोवा के बलदेव सिंह को बाइक पर एक किग्रा डोडा पोस्त के साथ पकड़ा था। पिहोवा की तत्कालीन एसडीजेएम कोर्ट ने 19 जनवरी 2019 को उसे धारा-15 एनडीपीएस एक्ट में दोषी ठहराते हुए चार माह कठोर कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बलदेव सिंह ने इसके खिलाफ अपील दायर की। शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा को कम कर दिया। अदालत ने सुधारात्मक सिद्धांत का हवाला देते हुए बलदेव की चार माह की सजा को हटाकर केवल दो हजार रुपये जुर्माने में बदल दिया। जुर्माना न भरने पर मात्र एक सप्ताह की सजा का प्रावधान रखा। अदालत ने अपने फैसले में माना कि आरोपी पहले कभी एनडीपीएस का दोषी नहीं ठहराया गया है, बरामद मात्रा कम थी।
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कुरुक्षेत्र। एनडीपीएस फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने 10 साल पुराने मामले में दोषी बलदेव सिंह को बड़ी राहत देते हुए उसकी सजा को लगभग समाप्त कर दिया।
दरअसल, 29 जनवरी 2015 को पिहोवा पुलिस ने भारत नगर पिहोवा के बलदेव सिंह को बाइक पर एक किग्रा डोडा पोस्त के साथ पकड़ा था। पिहोवा की तत्कालीन एसडीजेएम कोर्ट ने 19 जनवरी 2019 को उसे धारा-15 एनडीपीएस एक्ट में दोषी ठहराते हुए चार माह कठोर कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बलदेव सिंह ने इसके खिलाफ अपील दायर की। शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा को कम कर दिया। अदालत ने सुधारात्मक सिद्धांत का हवाला देते हुए बलदेव की चार माह की सजा को हटाकर केवल दो हजार रुपये जुर्माने में बदल दिया। जुर्माना न भरने पर मात्र एक सप्ताह की सजा का प्रावधान रखा। अदालत ने अपने फैसले में माना कि आरोपी पहले कभी एनडीपीएस का दोषी नहीं ठहराया गया है, बरामद मात्रा कम थी।
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