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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के इतिहास को जिंदा रखने के लिए भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा का अहम योगदान
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कुरुक्षेत्र। कुवि व केडीबी द्वारा आयोजित भारत रत्न स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के पौराणिक इतिहास को जिंदा रखने के लिए भारत रत्न स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कुरुक्षेत्र का विकास करना ही अपना लक्ष्य बना लिया था। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ही कुरुक्षेत्र और 48 कोस के तीर्थों का विकास करने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की स्थापना की थी। अब इस बोर्ड के माध्यम से प्रदेश सरकार 48 कोस के तीर्थों का जीर्णोद्धार कर रही है और इन तीर्थों के लिए कई करोड़ रुपये का बजट भी खर्च किया गया है। यह कहना है पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा का।
वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व केडीबी की ओर से आयोजित भारत रत्न स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदा जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, केयूके के कुलपति डाॅ. सोमनाथ सचदेवा, स्वामी हरिओम परिव्राजक, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एसडीएम पकंज सेतिया, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ विकास समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केयू के कुलसचिव डाॅ. वीरेंद्र पाल, पवन आश्री, विजय सभ्रवाल, कृष्ण धमीजा, नंदा स्मारक की निदेशक प्रोफेसर शुचिस्मिता ने पुष्पांजलि अर्पित की और हवन यज्ञ में मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालीं। इसके बाद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पौधरोपण किया।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा की हमेशा प्राथमिकता रही कि कुरुक्षेत्र का विकास हो। नंदा जी ने 1968 और 1971 में कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ा और इस लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर बदलने का काम किया। इसके लिए बाकायदा केडीबी की स्थापना की। अब भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 से कुरुक्षेत्र व 48 कोस के तीर्थों का विकास करने की योजना तैयार की है। इस मौके पर केडीबी सदस्य डाॅ. एमके मोदगिल, कैप्टन परमजीत, अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, विजय नरुला, खरैती लाल सिंगला, विनोद गर्ग, सैनी समाज के प्रधान गुरनाम सैनी, डाॅ. ऐसी नागपाल, राम कुमार रम्बा, केसी रंगा, प्रदीप झांब, डाॅ. महा सिंह पूनिया सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
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वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व केडीबी की ओर से आयोजित भारत रत्न स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदा जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, केयूके के कुलपति डाॅ. सोमनाथ सचदेवा, स्वामी हरिओम परिव्राजक, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एसडीएम पकंज सेतिया, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ विकास समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केयू के कुलसचिव डाॅ. वीरेंद्र पाल, पवन आश्री, विजय सभ्रवाल, कृष्ण धमीजा, नंदा स्मारक की निदेशक प्रोफेसर शुचिस्मिता ने पुष्पांजलि अर्पित की और हवन यज्ञ में मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालीं। इसके बाद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पौधरोपण किया।
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पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा की हमेशा प्राथमिकता रही कि कुरुक्षेत्र का विकास हो। नंदा जी ने 1968 और 1971 में कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ा और इस लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर बदलने का काम किया। इसके लिए बाकायदा केडीबी की स्थापना की। अब भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 से कुरुक्षेत्र व 48 कोस के तीर्थों का विकास करने की योजना तैयार की है। इस मौके पर केडीबी सदस्य डाॅ. एमके मोदगिल, कैप्टन परमजीत, अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, विजय नरुला, खरैती लाल सिंगला, विनोद गर्ग, सैनी समाज के प्रधान गुरनाम सैनी, डाॅ. ऐसी नागपाल, राम कुमार रम्बा, केसी रंगा, प्रदीप झांब, डाॅ. महा सिंह पूनिया सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

कुरुक्षेत्र। कुवि व केडीबी द्वारा आयोजित भारत रत्न स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंद
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