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जन-जन तक पहुंचानी है भगत शिरोमणि धन्ना भगत की वाणी : मनोहर
Wed, 12 Apr 2023 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 12 Apr 2023 02:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भगत शिरोमणि धन्ना भगत की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना है। महापुरुष के जीवन से युवा पीढ़ी और समाज के लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ सरकार की तरफ से पहली बार 23 अप्रैल को कैथल के गांव धनौरी में बड़े स्तर पर भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ये विचार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने व्यक्त किए। वे मंगलवार को श्री धन्ना भगत शिक्षा समिति द्वारा धन्ना भगत पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 23 अप्रैल को कैथल के गांव धनौरी में राज्यस्तर पर मनाई जाने वाली भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती के लिए सभी को निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार की तरफ से बडे़ स्तर पर शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती मनाई जा रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम में पहुंचने का प्रयास करना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने भी विचार व्यक्त किए तो वहीं कार्यक्रम के मंच का संचालन सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने किया। कार्यक्रम में सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, स्कूल की प्रिंसिपल शकुंतला देवी, सुरेश सैनी कुक्कू, कृष्ण कुमार आदि उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित अन्य गणमान्यों ने स्कूल के प्रांगण में भगत शिरोमणि धन्ना भगत की मूर्ति का अनावरण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने भगत शिरोमणि धन्ना भगत की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को स्मृति चिन्ह के रूप में हल भेंट किया गया।
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कार्यक्रम में उपस्थित लोग उस समय हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्कूल के विद्यार्थियों से भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जीवनी और उनके जन्म को लेकर प्रश्न करने लगे। उन्होंने इन प्रश्नों के साथ विद्यार्थियों से संवाद भी किया तो वहीं भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जीवनी से रूबरू करवाने के लिए शिक्षण संस्थान के संचालकों से भगत शिरोमणि की जीवनी पर एक पुस्तक प्रकाशित करने के लिए कहा।
कौन थे भगत शिरोमणि धन्ना भगत
भगत शिरोमणि धन्ना भगत के जन्म स्थान को लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत है। बताया जाता है धन्ना भगत का जन्म स्थान जयपुर जिले के चौरू गांव के समीप नोखा नाड़ी स्थान पर 1407 ईस्वी में वैशाख बुद्धि सप्तमी शनिवार को हरितवाल गोत्र में हुआ था। पिता का नाम रामेश्वर जाट जिनको हाथीराम के नाम से भी पुकारा जाता था। मां का नाम गढ़वाल गोत्र में गंगा देवी था।
धन्ना भगत एक रहस्यवादी कवि और वैष्णव भक्त थे, जिनके तीन भजन आदि ग्रंथ में मौजूद है। धन्ना भगत कृष्ण भक्त थे। धन्ना भगत की तपोस्थली टोंक जिले के धौला कुआं गांव में ससुराल था, जहां पर 10 बीघा जमीन पर नाड़ी के पास ऐतिहासिक धन्ना भगत का मंदिर भी स्थित है।
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कुरुक्षेत्र। भगत शिरोमणि धन्ना भगत की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना है। महापुरुष के जीवन से युवा पीढ़ी और समाज के लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ सरकार की तरफ से पहली बार 23 अप्रैल को कैथल के गांव धनौरी में बड़े स्तर पर भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ये विचार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने व्यक्त किए। वे मंगलवार को श्री धन्ना भगत शिक्षा समिति द्वारा धन्ना भगत पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 23 अप्रैल को कैथल के गांव धनौरी में राज्यस्तर पर मनाई जाने वाली भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती के लिए सभी को निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार की तरफ से बडे़ स्तर पर शिरोमणि धन्ना भगत की जयंती मनाई जा रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम में पहुंचने का प्रयास करना चाहिए।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने भी विचार व्यक्त किए तो वहीं कार्यक्रम के मंच का संचालन सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने किया। कार्यक्रम में सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, स्कूल की प्रिंसिपल शकुंतला देवी, सुरेश सैनी कुक्कू, कृष्ण कुमार आदि उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित अन्य गणमान्यों ने स्कूल के प्रांगण में भगत शिरोमणि धन्ना भगत की मूर्ति का अनावरण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने भगत शिरोमणि धन्ना भगत की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को स्मृति चिन्ह के रूप में हल भेंट किया गया।
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कार्यक्रम में उपस्थित लोग उस समय हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्कूल के विद्यार्थियों से भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जीवनी और उनके जन्म को लेकर प्रश्न करने लगे। उन्होंने इन प्रश्नों के साथ विद्यार्थियों से संवाद भी किया तो वहीं भगत शिरोमणि धन्ना भगत की जीवनी से रूबरू करवाने के लिए शिक्षण संस्थान के संचालकों से भगत शिरोमणि की जीवनी पर एक पुस्तक प्रकाशित करने के लिए कहा।
कौन थे भगत शिरोमणि धन्ना भगत
भगत शिरोमणि धन्ना भगत के जन्म स्थान को लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत है। बताया जाता है धन्ना भगत का जन्म स्थान जयपुर जिले के चौरू गांव के समीप नोखा नाड़ी स्थान पर 1407 ईस्वी में वैशाख बुद्धि सप्तमी शनिवार को हरितवाल गोत्र में हुआ था। पिता का नाम रामेश्वर जाट जिनको हाथीराम के नाम से भी पुकारा जाता था। मां का नाम गढ़वाल गोत्र में गंगा देवी था।
धन्ना भगत एक रहस्यवादी कवि और वैष्णव भक्त थे, जिनके तीन भजन आदि ग्रंथ में मौजूद है। धन्ना भगत कृष्ण भक्त थे। धन्ना भगत की तपोस्थली टोंक जिले के धौला कुआं गांव में ससुराल था, जहां पर 10 बीघा जमीन पर नाड़ी के पास ऐतिहासिक धन्ना भगत का मंदिर भी स्थित है।