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Kurukshetra News: समझौते के आधार पर निचली अदालत का दो साल पुराना फैसला पलटा
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कुरुक्षेत्र। दोषी व शिकायतकर्ता के बीच समझौता होने के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने निचली अदालत के दो साल पुराने फैसले को पलट दिया है। दोषी पर तत्कालीन प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शेर सिंह की अदालत ने 19 दिसंबर 2023 के दोषसिद्धि का निर्णय और 22 दिसंबर 2023 को सजा का आदेश दिया था। समझौते के बाद दोषी ने इसके खिलाफ अपील दायर की थी, जिस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषी ठहराए गए रामकुमार को धारा 138 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषमुक्त कर दिया।
मामला बलवीर सिंह की ओर से दायर शिकायत से संबंधित था जिसमें राम कुमार को चेक बाउंस के लिए दोषी ठहराया गया था। उन्हें छह महीने की साधारण कैद और चेक की राशि के दोगुने मुआवजे का भुगतान करने की सजा सुनाई गई थी जिसके भुगतान में चूक पर 45 दिन की अतिरिक्त कैद का प्रावधान था। इसके बाद से ही रामकुमार जमानत पर बाहर चल रहे थे।
अपील के दौरान दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण समझौता कर लिया। एक आवेदन दायर कर अपराध को समझौता करने की अनुमति मांगी गई। समझौता पत्र के अनुसार, अपीलकर्ता-दोषी राम कुमार ने शिकायतकर्ता बलवीर सिंह को 1,85,000 रुपये का भुगतान कर दिया और अब कोई राशि बकाया नहीं है। बलवीर सिंह ने राम कुमार की बरी होने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के बयानों और आवेदन के आधार पर धारा 147 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत अपराध को समझौता करने योग्य मानते हुए आवेदन स्वीकार कर लिया। परिणामस्वरूप 19 दिसंबर 2023 का दोषसिद्धि निर्णय और 22 दिसंबर 2023 का सजा का आदेश रद्द कर दिया गया। राम कुमार को धारा 138 के तहत आरोप से बरी कर दिया गया।
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मामला बलवीर सिंह की ओर से दायर शिकायत से संबंधित था जिसमें राम कुमार को चेक बाउंस के लिए दोषी ठहराया गया था। उन्हें छह महीने की साधारण कैद और चेक की राशि के दोगुने मुआवजे का भुगतान करने की सजा सुनाई गई थी जिसके भुगतान में चूक पर 45 दिन की अतिरिक्त कैद का प्रावधान था। इसके बाद से ही रामकुमार जमानत पर बाहर चल रहे थे।
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अपील के दौरान दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण समझौता कर लिया। एक आवेदन दायर कर अपराध को समझौता करने की अनुमति मांगी गई। समझौता पत्र के अनुसार, अपीलकर्ता-दोषी राम कुमार ने शिकायतकर्ता बलवीर सिंह को 1,85,000 रुपये का भुगतान कर दिया और अब कोई राशि बकाया नहीं है। बलवीर सिंह ने राम कुमार की बरी होने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के बयानों और आवेदन के आधार पर धारा 147 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत अपराध को समझौता करने योग्य मानते हुए आवेदन स्वीकार कर लिया। परिणामस्वरूप 19 दिसंबर 2023 का दोषसिद्धि निर्णय और 22 दिसंबर 2023 का सजा का आदेश रद्द कर दिया गया। राम कुमार को धारा 138 के तहत आरोप से बरी कर दिया गया।