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बाबा वरिंदर सिंह की अकाल मृत्यु से सिख जगत को हुई क्षति : भूपिंदर सिंह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2023 02:10 AM IST
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Baba Varinder Singh's untimely death caused loss to Sikh world: Bhupinder Singh
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। अपनी आध्यात्मिक छवि के चलते प्रसिद्ध बाबा वरिंदर सिंह सलपानी वालों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु से सिख संगत शोक में है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने इस दुखद घटना पर शोक जाहिर करते हुए एचएसजीएमसी के हेड ऑफिस में अवकाश कर दिया। साथ ही दिशा-निर्देश मिलने पर कमेटी के कर्मचारी लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में संगत की सेवा करने के लिए मौके पर पहुंचे। बता दें मंगलवार देर रात सड़क हादसे में बाबा वरिंदर सिंह सहित पांच सेवादारों की मृत्यु हो गई थी।
हरियाणा कमेटी के कनिष्ठ उपप्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, महासचिव रमणीक सिंह मान, संयुक्त सचिव मोहनजीत सिंह पानीपत, कार्यकारिणी समिति की सदस्य बीबी रविंदर कौर अजराना, विनर सिंह साहा, गुरबखश सिंह यमुनानगर, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना सहित अन्य मैंबर साहिबान ने बाबा वरिंदर सिंह की मृत्यु पर शोक प्रकट किया है। एचएसजीएमसी प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने कहा कि बाबा वरिंदर सिंह सलपानी वालों की अकाल मृत्यु से सिख जगत को जो क्षति हुई है, वह कभी पूरी नहीं हो सकती। आमतौर पर इस उम्र में आज का युवा अपना भविष्य बनाने की ओर अग्रसर होता है, लेकिन बाबा वरिंदर सिंह ने युवा अवस्था में ही अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वे अब तक न सिर्फ अपना वर्चस्व सिख जगत में बना चुके थे, बल्कि युवा वर्ग के लिए एक रोड मॉडल भी बने। कहा कि आध्यात्मिक क्षेत्र में पहचान बनाना, इतना आसान नहीं, मगर इस काम को बाबा वरिंदर सिंह सलपानी वाले ने बखूबी पूरा किया।
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कहा कि बाबा वरिंदर सिंह की अकाल मृत्यु अत्यंत दुखदायक है। उनकी कमी किसी भी सूरत में पूरी नहीं की जा सकती। समाज के लिए प्रेरणादायक बाबा वरिंदर सिंह सलपानी वाले ने हमेशा नौजवानों को नशे से दूर रहने, धर्म से जुड़ने और खेलों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया है। वे हमेशा कहते रहे कि अपने धर्म के प्रति निष्ठा होनी चाहिए और ईश्वर को समर्पित होकर सदा अपना भविष्य बनाने के लिए कर्मठता से मेहनत करनी चाहिए। मगर यह शिक्षा देने वाले बाबा वरिंदर सिंह आज हमारे बीच नहीं है।
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