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पचास की उम्र में 182 बार रक्तदान
Updated Fri, 13 Jun 2014 11:24 PM IST
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शाहाबाद। शाहाबाद मारकंडा निवासी डॉ. रामगोपाल की आयु पचास वर्ष है और रक्तदान करने का जज्बा इस तरह कूट-कूट कर भरा है कि वे कोई मौका नहीं छोड़ते।
यही कारण है कि वे इस आयु में कुल 183 बार रक्तदान कर चुके हैं और मुलाना स्थित मेडिकल कॉलेज में आज 183 बार रक्तदान कर रहे हैं। डॉ. शर्मा का मानना है कि रक्तदान से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। उनका मानना है कि दुनिया की प्रत्येक वस्तु का निर्माण किया जा सकता है।
लेकिन रक्त को बनाने के लिए कोई फैक्टरी नहीं बनी है। भगवान ने इस महादान के लिए मनुष्य को ही चुना है। एक व्यक्ति ही दूसरे व्यक्ति को रक्तदान कर जीवन प्रदान कर सकता है। डॉ. रामगोपाल शर्मा की इन उपलब्धि के लिए उन्हें 1995 में तत्कालीन डीसी आरआर बांसवाल सम्मानित कर सकते हैं।
डॉ. शर्मा का मानना है कि रक्तदान के प्रति जागरूक लोग अब शुभ अवसरों पर रक्तदान करने की ओर कदम बढ़ाने लगे हैं। लोग जन्मदिन, विवाह की सालगिरह और महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर रक्तदान करने लगे हैं।
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जिला रेडक्रास सोसाइटी कुरुक्षेत्र में लिपिक पद पर कार्यरत ओमप्रकाश वर्ष 1995 से लेकर अब तक 14 बार रक्तदान कर चुके हैं। इन्हें वर्ष 2011 में पतंजलि योगपीठ कुरुक्षेत्र, 2012 में, वर्ष 2013 में वर्ष 2014 में सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वे रेडक्रास सोसाइटी द्वारा 14 जून 2012 को चलाए गए रक्तदान अभियान के सदस्य भी हैं, जिसमें प्रत्येक सदस्य जीवन में 25 बार रक्तदान करने की शपथ लेता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाडवा में एनसीसी अधिकारी कैप्टन बलजीत सिंह ने साल 2009 में स्वयं आयोजित किए रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान किया। वे शिविरों में 12 बार रक्तदान करके पूर्व डीसी पंकज अग्रवाल, मंदीप सिंह बराड़, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता और रेडक्रास सोसाइटी के प्रदेश सचिव ज्ञान प्रकाश तनेजा से सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।
इस्माईलाबाद की यूथ ब्लड डोनेशन सोसाइटी न केवल रक्त एकत्रित करने में बल्कि एक सुदृढ़ समाज के निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। संस्था के अध्यक्ष विनोदपाल ने बताया कि संस्था अब तक विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर 35 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लगभग पांच हजार यूनिट रक्त एकत्रित कर विभिन्न अस्पतालों को दे चुकी है। उन्होंने बताया कि वे खुद भी विभिन्न संस्थाओं में करीब 45 बार रक्तदान कर चुके हैं, जिसके लिए उन्हें डीसी निखिल गजराज, लोकपाल श्यामलाल जांगडा और विभिन्न संस्थाओं और पंचायतों द्वारा सम्मानित भी किया है।
दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता के लिए हेल्पर्स सोसाइटी के दो वर्षों में सात रक्तदान शिविर, आठवां शिविर 21 जून को लगेगा। हेल्पर्स सोसाइटी शाहाबाद के अध्यक्ष तिलक राज अग्रवाल के अनुसार अब तक के शिविरों में 1250 यूनिट रक्त जुटाया जा चुका है।
यही कारण है कि वे इस आयु में कुल 183 बार रक्तदान कर चुके हैं और मुलाना स्थित मेडिकल कॉलेज में आज 183 बार रक्तदान कर रहे हैं। डॉ. शर्मा का मानना है कि रक्तदान से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। उनका मानना है कि दुनिया की प्रत्येक वस्तु का निर्माण किया जा सकता है।
लेकिन रक्त को बनाने के लिए कोई फैक्टरी नहीं बनी है। भगवान ने इस महादान के लिए मनुष्य को ही चुना है। एक व्यक्ति ही दूसरे व्यक्ति को रक्तदान कर जीवन प्रदान कर सकता है। डॉ. रामगोपाल शर्मा की इन उपलब्धि के लिए उन्हें 1995 में तत्कालीन डीसी आरआर बांसवाल सम्मानित कर सकते हैं।
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डॉ. शर्मा का मानना है कि रक्तदान के प्रति जागरूक लोग अब शुभ अवसरों पर रक्तदान करने की ओर कदम बढ़ाने लगे हैं। लोग जन्मदिन, विवाह की सालगिरह और महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर रक्तदान करने लगे हैं।
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जिला रेडक्रास सोसाइटी कुरुक्षेत्र में लिपिक पद पर कार्यरत ओमप्रकाश वर्ष 1995 से लेकर अब तक 14 बार रक्तदान कर चुके हैं। इन्हें वर्ष 2011 में पतंजलि योगपीठ कुरुक्षेत्र, 2012 में, वर्ष 2013 में वर्ष 2014 में सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वे रेडक्रास सोसाइटी द्वारा 14 जून 2012 को चलाए गए रक्तदान अभियान के सदस्य भी हैं, जिसमें प्रत्येक सदस्य जीवन में 25 बार रक्तदान करने की शपथ लेता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाडवा में एनसीसी अधिकारी कैप्टन बलजीत सिंह ने साल 2009 में स्वयं आयोजित किए रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान किया। वे शिविरों में 12 बार रक्तदान करके पूर्व डीसी पंकज अग्रवाल, मंदीप सिंह बराड़, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता और रेडक्रास सोसाइटी के प्रदेश सचिव ज्ञान प्रकाश तनेजा से सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।
इस्माईलाबाद की यूथ ब्लड डोनेशन सोसाइटी न केवल रक्त एकत्रित करने में बल्कि एक सुदृढ़ समाज के निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। संस्था के अध्यक्ष विनोदपाल ने बताया कि संस्था अब तक विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर 35 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लगभग पांच हजार यूनिट रक्त एकत्रित कर विभिन्न अस्पतालों को दे चुकी है। उन्होंने बताया कि वे खुद भी विभिन्न संस्थाओं में करीब 45 बार रक्तदान कर चुके हैं, जिसके लिए उन्हें डीसी निखिल गजराज, लोकपाल श्यामलाल जांगडा और विभिन्न संस्थाओं और पंचायतों द्वारा सम्मानित भी किया है।
दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता के लिए हेल्पर्स सोसाइटी के दो वर्षों में सात रक्तदान शिविर, आठवां शिविर 21 जून को लगेगा। हेल्पर्स सोसाइटी शाहाबाद के अध्यक्ष तिलक राज अग्रवाल के अनुसार अब तक के शिविरों में 1250 यूनिट रक्त जुटाया जा चुका है।