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Kurukshetra News: प्रीविलेज कमेटी को दी शिकायत वापस ले सकते हैं अशोक अरोड़ा
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कुरुक्षेत्र। नगर परिषद हाउस की बैठक में गत 23 मई को विधायक अशोक अरोड़ा व पार्षद प्रतिनिधियों के बीच हुआ विवाद अब थमने की उम्मीद जगी है। अशोक अरोड़ा विधानसभा की प्रीविलेज कमेटी में दी शिकायत वापस ले सकते हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से चंडीगढ़ में मंच सांझा करते हुए यह बयान दिया है।
वहीं बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करना चाहती। विधानसभा सत्र में भी इस पर मुख्यमंत्री ने अनुचित सा बयान दिया है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा क्या है। उन्होंने कहा कि अभी शिकायत वापस नहीं ली है लेकिन उन्हें नहीं लग रहा कि सरकार सही व उचित कार्रवाई करेगी।
अभी तक पार्षद प्रतिनिधियों के बयान तक दर्ज नहीं : विधानसभा कमेटी अभी तक शिकायत में आरोपी बनाए गए पार्षद प्रतिनिधियों के बयान तक दर्ज नहीं कर पाई है। समिति ने पहले 12 अगस्त को नप ईओ व पार्षद प्रतिनिधियों को बुलाया था लेकिन उस दिन नप ईओ के ही बयान दर्ज किए जा सके थे।
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वहीं दोबारा 19 अगस्त को फिर बुलाया गया था लेकिन किंही कारणों के चलते इस दिन यह कार्रवाई रद्द कर दिए जाने का संदेश पार्षद प्रतिनिधियों के पास पहुंच गया था। तय होने वाली नई तिथि पर पेश होने के लिए पार्षद प्रतिनिधि इंंतजार में थे कि अचानक विधायक अशोक अरोड़ा ने शिकायत वापस लेने के संबंध में ही बयान दे दिया। अरोड़ा खुद ही कुसूरवार : पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी का कहना है कि विधायक अशोक अरोड़ा उक्त विवाद में खुद ही कुसूरवार है और उन्होंने ही शिकायत कर दी। उन्हें अब एहसास हो चुका है कि कमेटी की जांच में भी गलती उनकी ही पाई जानी है। इससे बचने के लिए मुख्यमंत्री के बयान को ढाल बनाकर शिकायत वापस लेने का बयान दिया है। उन्होंने बताया कि वे पुख्ता सबूतों के साथ अपना पक्ष रखने को तैयार है। संवाद
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वहीं बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करना चाहती। विधानसभा सत्र में भी इस पर मुख्यमंत्री ने अनुचित सा बयान दिया है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा क्या है। उन्होंने कहा कि अभी शिकायत वापस नहीं ली है लेकिन उन्हें नहीं लग रहा कि सरकार सही व उचित कार्रवाई करेगी।
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अभी तक पार्षद प्रतिनिधियों के बयान तक दर्ज नहीं : विधानसभा कमेटी अभी तक शिकायत में आरोपी बनाए गए पार्षद प्रतिनिधियों के बयान तक दर्ज नहीं कर पाई है। समिति ने पहले 12 अगस्त को नप ईओ व पार्षद प्रतिनिधियों को बुलाया था लेकिन उस दिन नप ईओ के ही बयान दर्ज किए जा सके थे।
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वहीं दोबारा 19 अगस्त को फिर बुलाया गया था लेकिन किंही कारणों के चलते इस दिन यह कार्रवाई रद्द कर दिए जाने का संदेश पार्षद प्रतिनिधियों के पास पहुंच गया था। तय होने वाली नई तिथि पर पेश होने के लिए पार्षद प्रतिनिधि इंंतजार में थे कि अचानक विधायक अशोक अरोड़ा ने शिकायत वापस लेने के संबंध में ही बयान दे दिया। अरोड़ा खुद ही कुसूरवार : पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी का कहना है कि विधायक अशोक अरोड़ा उक्त विवाद में खुद ही कुसूरवार है और उन्होंने ही शिकायत कर दी। उन्हें अब एहसास हो चुका है कि कमेटी की जांच में भी गलती उनकी ही पाई जानी है। इससे बचने के लिए मुख्यमंत्री के बयान को ढाल बनाकर शिकायत वापस लेने का बयान दिया है। उन्होंने बताया कि वे पुख्ता सबूतों के साथ अपना पक्ष रखने को तैयार है। संवाद