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Kurukshetra News: आलू की शुरू हुई बिजाई तो कृषि वैज्ञानिक ने नई किस्मों सहित किसानों को दी तकनीक की जानकारी
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कुरुक्षेत्र। अब आलू फसल की बिजाई शुरू हो चुकी है। कृषि वैज्ञानिक ने नई किस्मों सहित किसानों को आधुनिक तकनीक की जानकारी दी है। धान की कटाई के चलते किसान लगातार कृषि विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों से परामर्श मांग रहे हैं।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह ने बताया कि किसानों ने आलू की फसल के खेत भी तैयार करने शुरू कर दिए हैं। अक्तूबर माह शुरू हो चुका है व आलू की बिजाई शुरू हो रही है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह ने कहा कि आलू की फसल को लाभकारी एवं रोग मुक्त करने के लिए निरंतर अनुसंधान भी जारी हैं। अभी हाल ही में कुफरी चिप भारत-एक की नई किस्म से भी किसानों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि आज भारतीय कृषि में विदेशों से भी बेहतर आलू की किस्में आ चुकी हैं। इन फसलों से अधिक लाभ एवं अच्छी फसल लेने के लिए कुशल कृषि विशेषज्ञों एवं कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन जरूरी है।
डाॅ. सीबी सिंह किसानों को आलू की फसल से जुड़ी विभिन्न जानकारियां विस्तारपूर्वक लगातार देते हैं। उन्होंने किसानों को आलू की फसल में विभिन्न कीट और रोगों के बारे में व उनके समाधान के बारे में बताते हुए कहा कि आलू की बिजाई से पूर्व बीज उपचार अवश्य करें। इससे अच्छी फसल एवं रोग मुक्त फसल हो सकती है। डाॅ. सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में तो आलू की ऐसी किस्में हैं जिनमें पानी की बचत के साथ-साथ कीटनाशकों एवं उर्वरकों के खर्चों से भी बचा जा सकता है।
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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह ने बताया कि किसानों ने आलू की फसल के खेत भी तैयार करने शुरू कर दिए हैं। अक्तूबर माह शुरू हो चुका है व आलू की बिजाई शुरू हो रही है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह ने कहा कि आलू की फसल को लाभकारी एवं रोग मुक्त करने के लिए निरंतर अनुसंधान भी जारी हैं। अभी हाल ही में कुफरी चिप भारत-एक की नई किस्म से भी किसानों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि आज भारतीय कृषि में विदेशों से भी बेहतर आलू की किस्में आ चुकी हैं। इन फसलों से अधिक लाभ एवं अच्छी फसल लेने के लिए कुशल कृषि विशेषज्ञों एवं कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन जरूरी है।
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डाॅ. सीबी सिंह किसानों को आलू की फसल से जुड़ी विभिन्न जानकारियां विस्तारपूर्वक लगातार देते हैं। उन्होंने किसानों को आलू की फसल में विभिन्न कीट और रोगों के बारे में व उनके समाधान के बारे में बताते हुए कहा कि आलू की बिजाई से पूर्व बीज उपचार अवश्य करें। इससे अच्छी फसल एवं रोग मुक्त फसल हो सकती है। डाॅ. सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में तो आलू की ऐसी किस्में हैं जिनमें पानी की बचत के साथ-साथ कीटनाशकों एवं उर्वरकों के खर्चों से भी बचा जा सकता है।
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